मदन शर्मा

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About me

Gender MALE
Industry Arts
Location allahabad, uttar pradesh, India
Introduction मैं व्यर्थ के धार्मिक अंधविश्वास पर विश्वास नहीं रखता. मेरे विचार से सभी मानव का एक ही धर्म है और वो है इंसानियत | इन तथाकथित मजहबों ने हमें आपस में बाँट के रखा है | आज हमने इन झूठे मजहब को ही धर्म का नाम दे दिया है | मै बचपन से ही महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारो से बहुत प्रभावित रहा हूँ | किसी भी विषय पर बहस को मैं उचित मानता हूं । स्वस्थ लोकतंत्रीय बहस किसी भी देश के विकास के लिए जरुरी होता है । बहस से ही कई मसलों का हल निकाला जा सकता है । हां इतना जरूर है कि बहस तर्कों पर आधारित होना चाहिए, कुतर्क नहीं होना चाहिए । जब लोग तर्कों को पचा नहीं पाते, तो उसे टालने के लिए व्यर्थ का विवाद करने लगते हैं । शान्त मन से और तथ्यों के आधार पर विश्लेषण करने का प्रयास करनेवाले बिरले ही होते हैं । सत्य में जो ताकत है वो किसी और चीज़ में नहीं। जब हम सही होते हैं तो ये सच ही हमारी ताकत बनता है और हर परिस्थिति में हमें हिम्मत देता है । इरादे नेक हों और हौसले बुलन्द हों तो मंजिलें आसान हो जाती हैं |