From: Bhavesh Mesurani <bhavesh_118@yahoo.co.in> Date: 7 August 2013 10:29:15 AM IST To: Amol Agvekar <amolsra@gmail.com>, Bhavesh Mehta <bmehta4u@gmail.com>, Ankur Joshi <aku_2810@yahoo.co.in>, Anil Chandankar <anilchandankar@gmail.com>, Ashishbhai Rathod <ashishrathod2006@yahoo.co.in>, Bimal Singh <bimal_singh92@yahoo.in>, Bhavana Mesurani <bhavnamesurani@yahoo.com>, Dharmesh Chauhan <chauhan_dharmesh2007@yahoo.co.in>, CFS DOCS - MICT <cfs.doc@mict.poports.co.in>, CFS HELPDESK - MICT <cfshelpdesk@mict.poports.co.in>, CUSTOMER CARE - MICT <customercare@mict.poports.co.in>, CFS - MICT <cfs@mict.poports.co.in>, CFS SUPERVISOR - MICT <supervisorcfs@mict.poports.co.in>, CFS FINANCE - MICT <finance_cfs@mict.poports.co.in>, CFS GATE - MICT <cfsgate@mict.poports.co.in>, Devjibhai Varchand <s.minerals001@gmail.com>, Ashish Patel <ashishp50@yahoo.com>, Anjar Today <arav Upadhyay <gaurav.MScIT@gmail.com>, Jay अब गैर-हिन्दू भी बोध गया मन्दिर का अध्यक्ष होगा तारीख: 03 Aug 2013 15:12:44 <image001.jpg> बिहारके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने को सेकुलर सिद्ध करने के लिए बोध गया मन्दिर के सन्दर्भ में अंग्रेजों के जमाने से चल रहे कानून को भी बदल दिया है। उल्लेखनीय है कि अब तक गया का हिन्दू जिलाधिकारी बोधगया मन्दिर प्रबंधन समिति का अध्यक्ष होता था। यदि जिलाधिकारी हिन्दू नहीं होता था तो सरकार जिलाधिकारी के समकक्ष किसी अन्य हिन्दू अधिकारी की नियुक्ति अध्यक्ष पद के लिए करती थी। किन्तु 30 जुलाई को बिहार विधान सभा ने बोधगया मन्दिर प्रबंधन विधेयक को पारित कर दिया है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इस विधेयक का विरोध किया। अब चाहे गया का जिलाधिकारी किसी भी समुदाय का हो वही मन्दिर प्रबंधन समिति का अध्यक्ष होगा। बोधगया प्रबंधन समिति में अध्यक्ष के अलावा आठ सदस्य होते हैं। इनमें से चार हिन्दू और चार बौद्ध होते हैं। नीतीश कुमार ने इस संशोधन को सही बताते हुए कहा है कि जिलाधिकारी सरकारी पद होता है उसका किसी मजहब से कोई नाता नहीं होता है। किन्तु आमलोगों का मानना है कि नीतीश कुमार ने यह संशोधन अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए किया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि इसी तरह के संशोधन किसी अन्य मजहब से जुड़े कानूनों में क्यों नहीं किये जाते हैं? कानून सिर्फ शांतिप्रिय हिन्दुओं और बौद्धों के लिए ही क्यों बनाए जा रहे हैं? प्रतिनिधि मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर मजहबी उन्मादियों का हमला तारीख: 03 Aug 2013 15:34:31 गत2 अगस्त को दिल्ली के नन्दनगरी इलाके के मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर मजहबी उन्मादियों ने हमला किया। इस हमले में बड़ी संख्या में महिलाएं, शिवभक्त कांवड़िये और स्थानीय लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने सड़क जाम कर उन्मादियों को गिरफ्तार करने की मांग की। किन्तु शाम तक किसी भी उन्मादी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। घटना के संदर्भ में बताया जा रहा है कि जिस वक्त प्राण-प्रतिष्ठा समारोह चल रहा था तभी कुछ मुस्लिम वहां पहुंचे और उन्होंने माइक बन्द करने को कहा। मामला तूल न पकड़े इसलिए माइक बन्द भी कर दिया गया। किन्तु थोड़ी देर बाद बड़ी तादाद में मुस्लिम वहां पहुंचे और उन्होंने मन्दिर में स्थापित मूर्तियों को अपवित्र किया, उन्हें तोड़ दिया। वहां उपस्थित महिलाओं से हाथापाई की और आपत्तिजनक नारे लगाए। इसके बाद वे मुस्लिम नजदीक की एक मस्जिद में जा छुपे। पूरे घटनाक्रम में पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पता चला है कि अभी तक किसी उपद्रवी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। प्रतिनिधि
"Fwd: Tushtikaran..."
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