आज़ादी के बाद जम्मू में देशभक्त जनता ने लगातार न केवल आतंकवाद के विरुद्ध आवाज़ उठाई बल्कि उसे हराया भी है. जब आतंकवाद और अलगाववाद को करारी शिकस्त मिली , तो उन्होंने देशभक्त लोगो या ताकतों को बदनाम करने के लिए नए तरीके इजाद कर लिए है. राम बन में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया और किस्तवाड़ में विलेज डिफेंस कमेटी को. अगर तथ्यों पर नजाए ईद के दिन नमाज़ पढने के बाद एक गुट ने देश विरोधी नारे लगये. जिसका स्थानीय लोगो ने विरोध किय. इस पर भीड़ ने कुनीद चौक पर लगभग १० ० दुकानों को फूंक डाला और लोगो को मारना शुरू कर दिय. इसमें दो लोगो की मौत हो गयी और सैंकड़ों घायल हुए. पुलिस और अन्य सिविल अथॉरिटी ने पूरे मामले में किसी प्रकार का प्रतिरोध दर्ज नहीं करवाया बल्कि दंगाईयो को और सहायता प्रदान की गयी. राज्य के मुख्यमंत्री की तरफ से किसी प्रकार की संजीगदी नहीं बरती गयी है. प्रदेश का एक जिला दंगो में जल रहा था किन्तु उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आये. जिस फेसबुक को वो लोगो को जुड़ने के लिए उसे करते है. उस पर अंतिम अपडेट " ईद मुबारक" की है. लेकिन सुरक्षा बलों एवं दंगाईयो के झगडे में मारे गए मुस्लिम लोगो को लेकर सेना के खिलाफ बोलने में वे कटाई वक़्त नहीं लगाते किन्तु आज मरने वाले हिन्दू थे और मारने वाले मुस्लिम तो न तो सोशल मीडिया में कोई बयान दिया है और न ही घटना की निंदा की है राज्य के होम मिनिस्टर किश्तवाड़ में कुछ समय से रुके हुए थे. और इस पूरे दंगे में उनकी भूमिका संधिग्द है. किचलू की जिले में उपस्तिथि की जांच की जानी चाहिए और उङ्कोपद मंत्री पद से त्यागपत्र देना चाहिए कृपया इस जानकारी को सोशल मीडिया और मीडिया में जायदा से ज्यादा शेयर करे.
"ON Kistwad riotafter prayer of eid"
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