Geetkaar
- Gender: Male
- Location: सीमायें क्या निर्धारित हैं : विश्व मंच है
About Me
पथराये नयनों के सपने, जब जब बिखरे हैं आंखों से शब्दों की डोरी में मैने तब तब उनको पिरो लिया है पीर किसी के मौन ह्रदय की, याकि किसी के अधरों की स्मित यह कुछ की है सबने जिसको गीतों का दे नाम दिया है
Interests
Favorite Books
My Blogs |
Team Members |
| गीतकार की कलम | राकेश खंडेलवाल |
|---|
