Mrs. Asha Joglekar

About Me

आम हिन्दुस्तानी औरत, कभी कामकाजी हुआ करती थी दिल्ली में। १९९९ तक। अब तो बेटों की वजह से साल में ६ महीने अमेरीका में वास । कविताओं का शौक परिवार की देन है।कविता मुझ जैसे आलसीयों के लिये ही है। कम से कम शब्दों में अपनी बात कहने का आसान तरीका। इस ब्लॉग को सजाने का श्रेय मेरे पती श्री सुरेश जोगळेकर को जाता है । विचार और स्वास्थ्य सुझाव संकलित हैं। श्रीमद् भागवतव्यंजनम यह महाकवि ढुंढिराज शास्त्री काले द्वारा रचित मूल संस्क़ृत ग्रंथ श्रीमद् भागवतव्यंजनम का हिंदी पद्यानुवाद है । यह उन्ही के प्रपौत्र (स्व.)श्री अनिल काले द्वारा रचित है । श्री कालेने अपनी लंबी अस्वस्थता के होते हुए भी केवल इच्छाशक्ती के बल पर इसे पूरा किया और इसे प्रकाशित भी किया । उनकी इच्छा थी कि यह मौलिक संस्कृत ग्रंथ जन जन तक पहुँचे । इसीसे यह काव्य ब्लॉग पर डालने का उपक्रम मैने हाथ में लिया है इतना ही ।

Interests

My Blogs

Team Members

स्व प्न रं जि ता  
रंगकर्मी Rangkarmi अर्चना गंगवार Rittwick garimaaa शशिकान्‍त अवस्‍थी Shahnawaz Khan मयंक Anil Shukla shama tulika singh niyati Vikram सुलभ सतरंगी Dhruva Singh screen india www.जीवन के अनुभव आनंदकृष्ण अशोक कुमार पाण्डेय seema gupta मोनिका गुप्ता 18 more
Asha's Albums...  
शब्दबंध Gayatri Nandan Saee kasakaay Sumedha कोहम Chakrapani प्रशांत शब्दबंध प्रिया
चोखेर बाली Pratyaksha डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर Beji स्वप्नदर्शी संगीता मनराल pallavi trivedi Dr. Sudha Om Dhingra गौरव सोलंकी अजित वडनेरकर Indian Home Maker आर. अनुराधा विजेंद्र एस विज लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` विनीत कुमार Smriti Dubey sandhyagupta शिरीष कुमार मौर्य Manvinder मनीषा पांडे जूली झा 19 more
माँ ! रंजना [रंजू भाटिया] PD akshat saxena Dr. Pundir मीनाक्षी Admin RAJ SINH सतीश सक्सेना दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi P.N. Subramanian jyoti saraf anitakumar लोकेश Lokesh डा.मीना अग्रवाल मिहिरभोज वर्षा KK Yadav सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी Ankit Arvind Mishra 24 more
दाल रोटी चावल mamta Yatish Jain PD Padma Srivastava रंजना [रंजू भाटिया] प्रभाकर पाण्डेय Udan Tashtari गरिमा रचना अजित वडनेरकर Manvinder मेनका मीनाक्षी Abhishek swati पल्‍लव क. बुधकर शोभा neelima sukhija arora vipin-choudhary डा.मीना अग्रवाल 11 more
श्रीमद् भागवत व्यञ्जनम्