tag:blogger.com,1999:blog-9692244.post-1110743043962350352005-03-13T13:44:00.000-06:002005-03-13T13:44:00.000-06:00पाँच मिनट साथ सोने की कीमत जिंदगी भर उल्लू बनाकर व...पाँच मिनट साथ सोने की कीमत जिंदगी भर उल्लू बनाकर वसूलना| यह डायलाग एक महिला कथाकार द्वारा, महिला पात्र के मुख से महिलाप्रधान कथा में कहा गया है| यहाँ बिल्कुल सही बैठता है और कहानीकार का नाम अभी याद नही|Atul Arorahttp://www.blogger.com/profile/00089994381073710523noreply@blogger.com