tag:blogger.com,1999:blog-9692244.post-1110732624420064332005-03-13T10:50:00.000-06:002005-03-13T10:50:00.000-06:00दूसरे का सुख देखकर जलते हो!यह अच्छी बात नहीं है स्...दूसरे का सुख देखकर जलते हो!यह अच्छी बात नहीं है स्वामीजी.शरदजोशी जी ने शायद इसी तरह <BR/>के अतिथियों से पीड़ित होकर लिखा है लेख--तुम कब जाओगे अतिथि?बहरहाल लेख मजेदार है.बधाई.अनूप शुक्लाhttp://www.blogger.com/profile/07001026538357885879noreply@blogger.com