tag:blogger.com,1999:blog-968593042449838987.post-15989564727974750522008-03-27T02:50:00.000+05:302008-03-27T02:50:00.000+05:30हम कहा तनी चकिया पीसौ,उइ लै बैठी सिंगारुदान,मुंह क...हम कहा तनी चकिया पीसौ,उइ लै बैठी सिंगारुदान,मुंह कीन्ह चौथि के करवा जस,ककुआ अजग्यवी द्याखो तो,हम कहा तनि दै देउ नौनु,उन्ह बक्का अस मुंह बाइ दीन्हि,हम रूखी सूखी धमकि गयिन,ककुआ अजग्यवी द्याखो तो,अनिल कहें तौ आगि लगे,और राम कहें रघुराज जगें,इन दौनो को साथ लीन्ह,इनका ब्लगवा द्याखो तो !!!रामेन्द्र सिंह भदौरिया (ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु शास्त्री)http://www.blogger.com/profile/16542171789034654192noreply@blogger.com