tag:blogger.com,1999:blog-9521204.post-1121819189131390552005-07-19T17:26:00.000-07:002005-07-19T17:26:00.000-07:00लखनवी पहले... कनपुरियल बाद में :) आप सभी लोगों के ...लखनवी पहले... कनपुरियल बाद में :) आप सभी लोगों के लेख और ब्लाग पढ़ कर ह्रदय को सांत्वना मिलती है कि हिन्दी अभी भी जीवित है वरना मुम्बई की फिल्में (क्षमा प्रार्थी हूँ - बौलीवुड कहना चाहिये था) देख कर तो ऐसा लगता है अब हम सभी लोग "अमरीकी" हो गये हैं. विडम्बना तो ये है कि अपने हीरो देश भक्ति सर पर अमेरिकन झंडे का कपड़ा बांध कर अंग्रेजी में "I Love My India" गाकर बाँचते हैं.. <BR/>- अतुल <BR/>shriatku@yahoo.comअतुल श्रीवास्तवhttp://www.blogger.com/profile/17285074473402112374noreply@blogger.com