tag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-63344183683937431572007-04-01T16:01:00.000+05:302007-04-01T16:01:00.000+05:30जीवन के सत्य को समेटे दिल को छू लेने वाला संस्मरण।...जीवन के सत्य को समेटे दिल को छू लेने वाला संस्मरण। <BR/><BR/>कुछ ऐसी ही घटना एक बार मेरे साथ भी हुई। हरिद्वार से सहारनपुर आते हुए बस में एक इस्कॉन का संन्यासी मिला। बातें शुरु हुई श्रीकृष्ण, श्रील प्रभुपाद, इस्कॉन से लेकर धर्म-अध्यात्म तक। मुझे वह पहुँचा हुआ साधक लगा। <BR/><BR/>उसने बताया कि वह एक गायक है और कैसेट आदि भी निकालता है। उसने मुझे एक घटना भी बतायी कि कोई व्यक्ति भक्त बनकर उससे हजारों रुपए ठग ले गया। अब मुझे हैरानी हुई कि इतना ज्ञानी व्यक्ति भी पैसों के फेर में दुखी हो सकता है।<BR/><BR/>अतः आपकी खुशी संबंधी बाते अक्षरशः सच हैं।Shrishhttp://www.blogger.com/profile/15264688244278112743noreply@blogger.com