tag:blogger.com,1999:blog-948725304205485453.post-25101615810944423352006-12-07T16:00:00.000+05:302006-12-07T16:00:00.000+05:30शायद भीतर की सोच और संवेदना हमारे चेहरे पर हमेशा र...शायद भीतर की सोच और संवेदना हमारे चेहरे पर हमेशा रहती है। चेहरा चाहे उर्मिला का हो, मल्लिका का, हमारा या आपका।जगदीश भाटियाhttp://www.blogger.com/profile/04113729192373041697noreply@blogger.com