tag:blogger.com,1999:blog-9337690.post-1143357397101040322006-03-26T00:16:00.000-07:002006-03-26T00:16:00.000-07:00नही विजय भाई,अपने कालीचरण टुन्नावस्था मे ही लिखते ...नही विजय भाई,<BR/>अपने कालीचरण टुन्नावस्था मे ही लिखते है। ना मानो तो पिछली प्रविष्टियों में इनके काकटेल के बारे मे पढ लों। है ना काली बाबू। आजकल क्या पी रहे हो। खुलासा करना, शायद तुम्हारी काकटेल से हम कोई शाकाहारी माकटेल बना सकें।Jitendra Chaudharyhttp://www.blogger.com/profile/09573786385391773022noreply@blogger.com