tag:blogger.com,1999:blog-8991622950326641568.post-31829105984434104202008-04-20T17:07:00.000+05:302008-04-20T17:07:00.000+05:30http://bageechee.blogspot.com/2007/10/blog-post_35...http://bageechee.blogspot.com/2007/10/blog-post_3592.html<BR/>उपर दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर आपको क्राकरोच की एक लाश मिलेगी जिसे चींटियों ने तलाशा है और उसे उठाए ले जा रही हैं और राम नाम सत है की आवाज लगा रही हैं।<BR/>यह कविता और चित्र आपकी क्राकरोच मुहिम के लिए बहुत काम की लगती है, इसे भी अपने शोध में शामिल कर सकती हैं.<BR/>वैसे यह कविता अचित्र नवभारत टाइम्स ऑनलाईन संस्करण में भी प्रकाशित हो चुकी है। इस तरह आपके अभियान को राष्ट्रीय अखबार नवभारत टाइम्स का समर्थन भी मिल गया समझो।<BR/>- अविनाश वाचस्पतिक्राकरोचhttp://bageechee.blogspot.com/2007/10/blog-post_3592.htmlnoreply@blogger.com