tag:blogger.com,1999:blog-8991622950326641568.post-71154368251464848212008-03-29T16:58:00.000+05:302008-03-29T16:58:00.000+05:30सुजाता जी एक और बड़े सुआड़ का नमस्कार..मुझे भी पढ़ने ...सुजाता जी <BR/>एक और बड़े सुआड़ का नमस्कार..मुझे भी पढ़ने के बाद सबसे ज्यादा जो पसन्द है वो है सोना..( Gold नहीं)<BR/>आप विश्‍वास नहीं करेंगी कि मैने गाड़ी चलाते समय सोने की कॊशिश करने का प्रयोग भी किया हुआ है। .. <BR/>पहले हर्ष और चैतन्य छोटे थे तब निर्मला दिन भर की थकी होती और रात गहरी नींद में होती तब में कभी कभा नैपी बदलने का काम करना पड़ता तब हमारा भी कुछ कुछ आपके जैसा ही हाल होता था। <BR/>बस और क्या कहें पढ़ते पढ़ते इतना मजा आया कि एक बार सोने की इच्छा हो आई और झपकी लेकर आये और उसके बाद टिप्पणी दे रहे हैं।<BR/>एक बार और धन्यवाद.. सोने देने के लिये। :)सागर नाहरhttp://www.blogger.com/profile/16373337058059710391noreply@blogger.com