tag:blogger.com,1999:blog-8991622950326641568.post-73026049786626753082008-02-08T18:22:00.000+05:302008-02-08T18:22:00.000+05:30भूमिका-पोस्ट-श्रंखला थोड़ी लम्बी हो रही है और मेलोड...भूमिका-पोस्ट-श्रंखला थोड़ी लम्बी हो रही है और मेलोड्रामाई भी . चोखेर बाली जब शुरु हुआ है तो जाहिर है विशिष्ट मुद्दों पर गम्भीर बहस की उम्मीद है . फिलहाल तो सांचोपांजा की तरह पनचक्कियों से तलवारबाजी होती दिखती है . जिसको कहते हैं हवा में लट्ठ घुमाना .<BR/><BR/>ठोस बहस और सही विमर्श संभव होगा मुद्दों पर केन्द्रित तार्किक बहस से,साफ-सुथरे,संयत और सहजप्रवाही गद्य से,अभिव्यंजनावाद के विस्तार और गद्य-काव्य से नहीं . उसके लिए तो व्यक्तिगत ब्लॉग हैं ही .<BR/><BR/>आशा करता हूं इसे सही परिप्रेक्ष्य में लिया जाएगा .Priyankarhttp://www.blogger.com/profile/13984252244243621337noreply@blogger.com