tag:blogger.com,1999:blog-8947177.post-1129897012468348352005-10-21T05:16:00.000-07:002005-10-21T05:16:00.000-07:00दूर क्यों जायें अपनी और अपने माता-पिता की दिनचर्या...दूर क्यों जायें अपनी और अपने माता-पिता की दिनचर्या देख लें<BR/><BR/>मेरे पापा ५ बजे शाम घर आ जाते थे, और मै ८ से पहले कभी घर नही गया. गर्मियो मे वे हमे हर साल १५-२० दिनो के लिये कही ले जाते थे. मै पिछ्ले ७-८ सालो से ५-६ दिनो से ज्यादा घर मे नही रहा !<BR/><BR/>एक अंधी दौड है, पैसो के लिये, दुसरो से पिछे नही रहने के लिये, आस पडोस/मित्रो से ईर्ष्या की....<BR/>गाईड का एक गाना है<BR/><BR/>वहां कौन है तेरा मुसाफिर जायेगा कहां<BR/>दम ले ले घडी भर ये छैंया पायेगा कहांआशीषhttp://www.ashish.net.in/khalipilinoreply@blogger.com