tag:blogger.com,1999:blog-7921138039086458426.post-11678512848200757382008-03-14T13:46:00.000+05:302008-03-14T13:52:54.467+05:30भारतीय भोजन व पाक कला<b>भारतीय खाना....</b> From<a href="http://agoodplace4all.com/"> </a><a style="font-weight: bold; color: rgb(51, 102, 255);" href="http://agoodplace4all.com/"><span>हिंदी</span> वेबसाइट</a> <span>हिंदी</span> भाषियों के लिये एक समर्पित वेबसाइट!<div id="header"> </div><br />स्वाद और सुगंध का मधुर संगम!<br /><br /><b>पूरन पूरी</b> हो या <b>दाल बाटी</b>, <b>तंदूरी रोटी</b> हो या <b>शाही पुलाव</b>, <b>पंजाबी खाना</b> हो या <b>मारवाड़ी खाना</b>, जिक्र चाहे जिस किसी का भी हो रहा हो, केवल नाम सुनने से ही भूख जाग उठती है।<br /><br /><b>भारतीय भोजन</b> की अपनी एक विशिष्टता है और इसी कारण से आज संसार के सभी बड़े देशों में <b>भारतीय भोजनालय</b> पाये जाते हैं जो कि अत्यंत लोकप्रिय हैं। विदेशों में प्रायः सप्ताहांत के अवकाशों में भोजन के लिये <b>भारतीय भोजनालयों</b> में ही जाना अधिक पसंद करते हैं।<br /><br /><b>स्वादिष्ट खाना</b> बनाना कोई हँसी खेल नहीं है। इसीलिये भारतीय संस्कृति में इसे <b>पाक कला</b> कहा गया है अर्थात् <b>खाना बनाना</b> एक <b>कला</b> है। और फिर <b>भारतीय भोजन</b> तो विभिन्न प्रकार की पाक कलाओं का संगम ही है! इसमें <b>पंजाबी खाना</b>, <b>मारवाड़ी खाना</b>, <b>दक्षिण भारतीय खाना</b>, <b>शाकाहारी खाना</b>, <b>मांसाहारी खाना</b> आदि सभी सम्मिलित हैं।<br /><br /><b>भारतीय भोजन</b> की सबसे बड़ी विशेषता तो यह है कि यदि <b>पुलाव, बिरयानी, मटर पुलाव, वेजीटेरियन पुलाव, दाल, दाल फ्राई, दाल मखणी, चपाती, रोटी, तंदूरी रोटी, पराठा, पूरी, हलुआ, सब्जी, हरी सब्जी, साग, सरसों का साग, तंदूरी चिकन</b> न भी मिले तो भी आपको <b>आम का अचार</b> या <b>नीबू का अचार</b> या फिर <b>टमाटर की चटनी</b> से भी भरपूर स्वाद प्राप्त होता है।<br /><br /><b>भारतीय ग्रेव्ही</b>, जिसे कि अक्सर <b>करी</b> और <b>तरी</b> भी कहा जाता है, का अपना अलग ही इतिहास है। जी हाँ, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि <b>भारतीय करी</b> का इतिहास 5000 वर्ष पुराना है। प्राचीन काल में, जब भारत आने के लिये केवल खैबर-दर्रा ही एकमात्र मार्ग था क्योंकि उन दिनों समुद्री मार्ग की खोज भी नहीं हुई थी। उन दिनों में भी यहाँ आने वाले विदेशी व्यापारियों को <b>भारतीय भोजन</b> इतना अधिक पसंद था कि वे इसे पकाने की विधि सीख कर जाया करते थे और भारत के मोतियों के साथ ही साथ विश्वप्रसिद्ध <b>गरम मसाला</b> खरीद कर अपने साथ ले जाना कभी भी नहीं भूलते थे।<br /><br /><b>करी</b> शब्द तमिल के कैकारी, जिसका अर्थ होता है विभिन्न <b>मसालों के साथ पकाई गई सब्जी</b>, से बना है। ब्रिटिश शासनकाल में कैकारी अंग्रेजों को इतना पसंद आया कि उन्होंने उसे काट-छाँट कर छोटा कर दिया और <b>करी</b> बना दिया। आज तो यूरोपियन देशों में करी इंडियन डिशेस का पर्याय बन गया है।<br /><br />तो हम आपके लिये पेश कर रहें विभिन्न प्रकार के खाने बनाने की विधियाँ! <script type="text/javascript"><!-- google_ad_client = "pub-1679521471955509"; google_ad_width = 336; google_ad_height = 280; google_ad_format = "336x280_as"; google_ad_type = "text_image"; google_ad_channel = ""; google_color_border = "FFFFFF"; google_color_bg = "FFFFFF"; google_color_link = "0000FF"; google_color_text = "000000"; google_color_url = "008000"; //--><br /><br /><br /></script><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/7921138039086458426-1167851284820075738?l=merahindustanmahan.blogspot.com'/></div>pawan kumar mallnoreply@blogger.com0