tag:blogger.com,1999:blog-7846541619202827516.post-70948603764792256412007-06-05T14:50:00.001+05:302007-06-05T14:50:25.720+05:30मैनें कुछ नहीं छोडा है तुम्हारे लिये।<div align="center"><a href="http://bp1.blogger.com/_-4i8e8NuuM4/RmUnBbw1ETI/AAAAAAAAAFQ/4OQ-0u40R7k/s1600-h/181550_gurjar10.jpg"><img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5072503460888645938" style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; CURSOR: hand; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://bp1.blogger.com/_-4i8e8NuuM4/RmUnBbw1ETI/AAAAAAAAAFQ/4OQ-0u40R7k/s320/181550_gurjar10.jpg" border="0" /></a><br />नंदीग्राम में फिर फाइरिंग हुई है!<br />वहाँ के किसान उपद्रवी हैं<br />उनका पेशा अलग है आज से।<br />पंजाब में खून खराबा हो सकता है,<br />आखिर धर्म की इज्जत का सवाल है।<br />असम में भी मारे गये हैं कुछ लोग आज,<br />वो हिन्दी बोलते थे।<br />राजस्थान सुलग रहा है.....।<br />......आज दिल्ली बंद है।<br />दो बस जला दी गयी हैं सवेरे-सवेरे,<br />दो आदमी भी चौराहे पर....<br />दो पुलिस वाले..<br />दो गुज्जर..<br />दो मीणा..<br />दो ब्राह्मण..<br />दो जाट..<br />दो हिन्दी भाषी..<br />दो.<br />दो..<br />दो...<br />सब माँग रहे हैं कुछ-कुछ।<br />किसी को जमीन चाहिये,<br />किसी को सत्ता,<br />किसी को नौकरी,<br />और किसी को रोटी।<br />हर चीज मिलेगी।<br />रूस की क्रांति की तरह,<br />जब मर जायेगी आधे से ज्यादा आबादी<br />महान होकर...क्रांति के नाम पर।<br />फिर सब मरघट आबाद हो जाऐंगें।<br />वहाँ किसी की दुनाली,<br />किसी की लाठी,<br />किसी के फरसे,<br />और कहीं कहीं बिना गले में लटकाये कुछ टायर जलाए जायेंगे।<br />तब मिटेंगें ये हथियार,<br />ये वार।<br />ऐ मेरी अगली पीढी,<br />माफ कर देना मुझे।<br />मैं जल्द मर जाऊँगा,<br />किसी न किसी आंदोलन की खातिर।<br />बिना कुछ किये तुम्हारे लिये।<br />पर तुम्हें नई दुनिया बनानी है।<br />जहाँ सब इंसान रहना,<br />तब मुझे याद मत करना मेरे बेटे।<br />भुला देना मेरी हर बात,<br />याद,<br />इतिहास,<br />मुझे याद करोगे तो याद आयेगी<br />मेरी जात... मेरी औकात...17%,... 27%....<br />या फिर मुझे सामान्य करार देना।<br />मेरी हर तलवार का हिसाब लेना।<br />फिर गालियाँ देना मुझे,<br />थूकना मेरे चित्र पर,<br />दशहरे पर जलाना मेरा पुतला।<br />पर जला देना सारी नफरत, मेरे साथ।<br />कुछ मत रखना संजोकर विरासत में,<br />क्योंकि मैनें कुछ नहीं छोडा है तुम्हारे लिये।<br />देवेश वशिष्ठ 'खबरी'<br />9811852336 </div>देवेश वशिष्ठ ' खबरी 'http://www.blogger.com/profile/03089045465753357873noreply@blogger.com