tag:blogger.com,1999:blog-7846541619202827516.post-14989943900630846342008-02-27T21:12:00.000+05:302008-02-27T21:13:36.464+05:30भूल...रोज़ बदलता हूं कम्प्यूटर के डेस्टोप से चेहरा अपना <br />औऱ पीछा छुड़ा लेता हूं तुझ से...<br />रोज़ लिखता हूं एक खत तुझे याद कर...<br />रोज़ गांठता हूं दोस्ती नए लोगों से...<br />और रोज़ भूल जाता हूं तुझे...<br />इस कदर कि तुम फिर याद नहीं आती...<br />जब तक मैं अगले दिन फिर न भुला दूं तुम्हें...<br />यकीन न आये तो देख जाना...<br />तुम आना कभी मेमना लेकर... पहाड़ों से...<br />पेड़ की उलझी डाल से झांककर ढूढ़ना मुझे... <br />और पूछना मेरा हाल... <br />वैसे मुझे तो तुमने भी भुला दिया होगा ना अब तक...देवेश वशिष्ठ ' खबरी 'http://www.blogger.com/profile/03089045465753357873noreply@blogger.com