tag:blogger.com,1999:blog-7822286262846371486.post-84147392771357182182008-03-20T10:38:00.000+05:302008-03-20T10:38:00.000+05:30अनुवादक को दोनो भाषाओं का ज्ञान व कहे के मर्म की स...अनुवादक को दोनो भाषाओं का ज्ञान व कहे के मर्म की समझ होनी चाहिए...वरना अर्थ का अनर्थ तो होगा ही. <BR/><BR/>बैठक का परिणाम क्या रहा, हिन्दी में कामकाज बड़ रहा है या नहीं? :)संजय बेंगाणीhttp://www.blogger.com/profile/07302297507492945366noreply@blogger.com