tag:blogger.com,1999:blog-7822286262846371486.post-87040005424319772572008-03-23T13:01:00.000+05:302008-03-23T13:01:00.000+05:30कतिपय राजनीतिक दलो ने बापू को अपनी बपौती बना रखा ह...कतिपय राजनीतिक दलो ने बापू को अपनी बपौती बना रखा है जिसके कारण वोट के चक्कर मे बाकी दल चाहकर भी उनकी तारीफ नही कर पाते है। मैने तो पूरी दुनिया मे ऐसे महापुरुष के बारे मे नही सुना है। काश मै उस समय पैदा हुआ होता। <BR/><BR/>रही बात आलोचना की तो लोगो ने तो भगवान तक को नही छोडा है। उनकी भी गलती नही क्योकि जो गलत सूचना उत्तेजक रुप से दिमाग मे डाली जाती है- उसका ही यही परिणाम है। जो लोगो गाँधी जी के समकालीन है वे उनके खिलाफ उतना नही बोले जितना हमारी आज की पीढी विशेषकर युवा बोल रहे है। यदि वे एक महिने भी बापू की तरह जी कर देखे तो उन्हे अपनी गल्ती का अहसास हो जायेगा। <BR/><BR/>आज अलग-अलग क्रांतिकारियो को अपने हित के लिये धडो मे बाँट लिया गया है और रोटी सेकी जा रही है। एक क्रांतिकारी की तुलना दूसरे से करने वाले यदि आज समाज के लिये कुछ करके दिखाये फिर बोले तो उनकी सुनी भी जाये पर खाली बेसिर पैर की बात का भारतीय जन-मानस पर शायद ही कोई प्रभाव पडे।पंकज अवधिया Pankaj Oudhiahttp://www.blogger.com/profile/06607743834954038331noreply@blogger.com