tag:blogger.com,1999:blog-7822286262846371486.post-27380106606702705472008-03-23T13:39:00.000+05:302008-03-23T13:39:00.000+05:30चर्चा को चर्चा का रूप देने के लिए प्रमेन्द्र जी को...चर्चा को चर्चा का रूप देने के लिए प्रमेन्द्र जी को बधाई. अन्यथा तो बहस केवल गांधी के स्तुति-गान तक सीमित रह जाती है. हालांकि उनकी (प्रमेन्द्र जी की) बातों से पूरी तरह साम्य रखना कठिन प्रतीत होता है.Ghost Busterhttp://www.blogger.com/profile/02298445921360730184noreply@blogger.com