tag:blogger.com,1999:blog-7124647974393569217.post-49829577426382606892008-02-04T21:59:00.000-06:002008-02-04T21:59:00.000-06:00सही कह रहे हो प्रमोद जी। साहित्य, संस्कृति, समाज, ...सही कह रहे हो प्रमोद जी। साहित्य, संस्कृति, समाज, राजनीति हर क्षेत्र में अगाम्भीर्य और मीडिओक्रिटी का बोलबाला है। ब्लाग इसके अपवाद कैसे हो सकते हैं। वैसे भी ये सिर्फ साहित्यकारों या चिंतकों के ब्लोग नहीं हैं। यहाँ हर तरह का माल है।Arun Adityahttp://www.blogger.com/profile/11120845910831679889noreply@blogger.com