tag:blogger.com,1999:blog-375833542008-07-15T00:09:40.227+05:30नियम व शर्तेंशैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comBlogger8125tag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-87810408010643583972008-05-20T13:25:00.000+05:302008-05-20T13:24:50.130+05:30<center><h2><a title="'हिन्द-युग्म' पर कविता पोस्ट करने के लिये शर्तें" href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2006/11/blog-post.html">'हिन्द-युग्म' पर कविता पोस्ट करने के लिये शर्तें</a><br /><br /><br /><a title="कहानी-कलश पर कहानी पोस्ट करने के लिये शर्तें" href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2007/08/blog-post.html">कहानी-कलश पर कहानी पोस्ट करने के लिये शर्तें</a><br /><br /><br /><a title="'बाल-उद्यान' पर रचना पोस्ट करने के लिये शर्तें" href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2007/08/blog-post_10.html">'बाल-उद्यान' पर रचना पोस्ट करने के लिये शर्तें</a><br /><br /><br /><a title="हिन्द-युग्म यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिता के लिये शर्तें" href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2007/01/blog-post.html">हिन्द-युग्म यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिता के लिये शर्तें</a><br /><br /><br /><a title="काव्य-पल्लवन के लिये शर्तें" href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2007/02/blog-post.html">काव्य-पल्लवन के लिये शर्तें</a><br /><br /><br /><a title="हिन्द युग्म के पॉडकास्ट में शामिल होने की शर्तें" href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2007/09/blog-post.html">हिन्द युग्म के पॉडकास्ट में शामिल होने की शर्तें</a><br /><br /><a href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2008/05/blog-post.html">गायक बनिए</a><br /></h2></center>गिरिराज जोशीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-54945064728420650262008-05-20T13:11:00.001+05:302008-05-20T13:23:10.705+05:30गायक बनिए<img style="border:none;" src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/gayak_add.jpg" align="right" alt="become a singer">हिन्द-युग्म ने ३ फरवरी २००८ को अपना पहला संगीतबद्द एल्बम <a href="http://pehlasur.blogspot.com/">'पहला सुर'</a> विश्व पुस्तक मेला २००८ के दरम्यान <a href="http://pehlasur.blogspot.com/2008/03/blog-post.html">प्रगति मैदान, नई दिल्ली में ज़ारी किया</a>। लोगों ने बहुत सराहा। प्रतिक्रियाओं से हमने यह भी सीखा कि हमें अभी बहुत मेहनत की ज़रूरत है। हिन्द-युग्म बहुत से संगीत प्रोजेक्ट पर कार्य भी कर रहा है, और हमारी यही कोशिश है कि हमारा हर आयाम पिछले को पीछे छोड़ता जाय।<br /><br />यदि आप गाते हैं (गायक हैं) तो आप भी हमारे नये प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हैं और अपनी प्रतिभा को दुनिया तो पहुँचा सकते हैं।<br /><br />कुछ भी नहीं करना है, बस अपनी आवाज़ का ज़ादू बिखेरें और उसकी रिकार्डिंग (जो mp3, wav, wma, ogg, आदि किसी फॉरमैट में हो) <strong>rishi63@gmail.com</strong> पर भेजें। <br /><br />यदि हमें आपकी आवाज़ पसंद आई तो हम आपसे संपर्क साधेंगे और मिलकर हिन्दी साहित्य को संगीत से जोड़ेंगे।<br /><br />तो देर किस बात की? आइए सुर छेड़ते हैं।शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-88852904954401061322007-09-19T15:28:00.000+05:302007-12-04T01:18:40.170+05:30हिन्द युग्म के आवाजों में शामिल होने की शर्तेंपॉडकास्ट (आवाज) की प्रति *.mp3 फ़ोरमेट में हो एवं ध्वनि की गुणवत्ता उत्तम हो। फ़ाइल साइज़ को छोटा रखने कोशिश करें।<br /><br />उच्चारण की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा गया हो।<br /><br />किसी भी किस्म की आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग न किया गया हो।<br /><br />फ़ाइल भेजते समय अपना चित्र एवं संक्षिप्त परिचय अवश्य भेजें।<br /><br />आपको हिन्द-युग्म ( www.hindyugm.com ) पर प्रकाशित कविताओं का पॉडकास्ट बनाना होगा। सभी कविताएँ <a href="http://merekavimitra.blogspot.com/search/label/?max-results=999">यहाँ</a> कहानियाँ <a href="http://kahanikalash.blogspot.com/search/label/?max-results=999">यहाँ</a> तथा बाल रचनाएँ <a href="http://baaludyan.blogspot.com/search/label/?max-results=999">यहाँ</a> पढ़ी जा सकती हैं।<br /><br />जिनके कार्य से हमारी टीम को लगेगा कि वो हिन्दी के उत्थान के इस मिशन से जुड़े हैं,, उन्हें <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/">हिन्द-युग्म के वाहक</a> में स्थान मिलेगा।<br /><br />प्रकाशन का सारा अधिकार टीम के पास सुरक्षित है। टीम को बिना कारण बताये किसी भी कविता को प्रकाशित न करने तथा प्रकाशनोपरांत हटाये जाने का पूरा अधिकार होगा।<br /><br />पॉडकास्ट इस पते पर भेजें : podcast.hindyugm@gmail.com<br /><br />रिकार्डिंग के लिए तकनीकी सहायतार्थ : <a href="http://epandit.blogspot.com/2007/04/how-to-record-podcast.html">यहाँ</a> क्लिक करें। अगर आपकी समस्या का समाधान दिये गये लिंक से नहीं हो पा रहा तो इस पते पर मेल करें: podcast.hindyugm@gmail.com<br /><br />चूँकि यह सारा प्रयास हिन्दी-प्रयोग, कला-सम्मान को बढ़ावा देना है, इसलिए यथोचित प्रचार-प्रसार आप भी करें। दुनिया भर में फैले कला-प्रेमियों को इसकी सूचना दें।<br /><br /><strong><span style="font-size:130%;"><span style="color:#330000;">नियंत्रक- <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/09/blog-post_18.html">विकास कुमार</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_24.html">सजीव सारथी</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_12.html">श्रीकांत मिश्र 'कांत'</a> और <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/10/blog-post_30.html">शोभा महेन्द्रू</a><br /></span><br />हिन्द-युग्म की आवाज़ें- <a href="http://aawaazen.blogspot.com/">http://aawaazen.blogspot.com/</a> </span></strong>शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-41523547539098938202007-08-20T16:17:00.001+05:302008-03-07T09:20:16.168+05:30काव्य-पल्लवन<div align="center"><strong><span style="color:#003300;">मार्च, २००७ से प्रारम्भ</span></strong></div><p><br />हिन्द-युग्म मार्च २००७ से प्रत्येक माह किसी विषय विशेष, चित्र विशेष, फ़ोटों विशेष, संगीत विशेष पर एक सामूहिक-कविता-लेखन का आयोजन करता है, जिसको नाम दिया है <strong><span style="COLOR: rgb(204,102,0)">'काव्य-पल्लवन'</span></strong>। किसी सुगठित एवम् सुंगुंफित विचार, उक्ति अथवा भाव को क्रमशः खोलने या विस्तार देने को <strong>'पल्लवन'</strong> कहते हैं। यह संक्षेपण की बिल्कुल उल्टी प्रक्रिया है। फिर भी यह तुलना बहुत सटीक नहीं कही जा सकती है। क्योंकि जैसा कि पल्लवन का शाब्दिक अर्थ ही है फलना-फूलना, पनपना-बीज या कली से क्रमशः विकसित रूप लेकर रूपाकार लेना अथवा रस-गंध धारण करना, एक नैसर्गिक, किंतु नितान्त अनिर्दिष्ट-सी क्रिया है। पल्लवन में विचार या भाव की विकसन-क्रिया प्रदत्त वातावरण में नहीं होती, बल्कि उसे अपनी कल्पना एवम् संज्ञान से इस तरह निर्मित करना होता है कि नैसर्गिक सी लगने वाली परम्परित अर्थ-प्रक्रिया में खलल न पड़े।<br /><br />चूँकि हम विषय-विस्तार का माध्यम कविता को बनाते हैं, इसलिए इसका नाम दिया है <strong><span style="COLOR: rgb(153,51,0)">'काव्य-पल्लवन'</span></strong>। इस माध्यम से हम रचनाकारों की रचनाधर्मिता को प्रबल और सुंदर ढंग से परख पायेंगे। यह कार्य निम्न चरणों से होकर, कवि <strong><span style="color:#006600;">मोहिन्दर कुमार</span></strong> के संयोजन में अपना अभिष्ट पाता है।-<br /><br />१) प्रत्येक माह की की शुरूआत में उस माह के काव्य-पल्लवन के लिए विषय,चित्र, फ़ोटो, संगीत आदि kavyapallavan@gmail.com पर आमंत्रित किये जाते हैं।<br /><br />२) चयनित विषय,चित्र, फ़ोटो, संगीत आदि की उद्घोषणा २-३ तीन दिनों में हिन्द-युग्म के मुख्य-पृष्ठ पर कर दी जाती है।<br /><br />३) सभी रचनाकारों को निर्धारित तिथि तक पेंटिंग, फ़ोटो या कविताएँ आदि kavyapallavan@gmail.com पर भेजनी होती है।<br /><br />४) मोहिन्दर कुमार विषय-विशेष उपलब्ध सभी रचनाओं को संपादित करके अंतिम वृहस्पतिवार को प्रकाशित कर देते हैं।<br /><br />५) थीम पेंटिंग बनाने की जिम्मेदारी हिन्द-युग्म के वरिष्ठ चित्रकार स्मिता तिवारी की होती है।<br /><br /><span style="color:#003300;"><strong><em><span style="font-size:130%;">नियंत्रक- मोहिन्दर कुमार</span></em></strong><br /><br /><span style="font-size:130%;"><strong><em>पेंटर- स्मिता तिवारी</em></strong></span></span><br /><br /><br /><h5>काव्य-पल्लवन के अब तक के अंक -</h5><br /><center><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/03/blog-post_29.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP1.jpg" / title="Kavya-Pallavan~1"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/04/blog-post_7881.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP2.jpg" / title="Kavya-Pallavan~2"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/05/blog-post_613.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP3.jpg" title="Kavya-Pallavan~3"/><a/><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/06/blog-post_1667.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP4.jpg" title="Kavya-Pallavan~4"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/07/20.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP5.jpg" title="Kavya-Pallavan~5"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/08/21_237.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP6.jpg" title="Kavya-Pallavan~6"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/09/blog-post_6823.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP7.jpg" title="Kavya-Pallavan~7"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/10/blog-post_4922.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP8.jpg" title="Kavya-Pallavan~8"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/11/blog-post_6500.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP9.jpg" title="Kavya-Pallavan~9"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/12/blog-post_27.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP_10.jpg" title="Kavya-Pallavan~10"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2008/01/2008_31.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP_11.jpg" title="Kavya-Pallavan~11"/></a><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2008/02/blog-post_7282.html"><br /><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/KP_12.jpg" title="Kavya-Pallavan~12"/></a></a></a></center><br /><br /><p></p><p align="center"><span style="font-size:160;"><a href="http://www.hindyugm.com/">हिन्द-युग्म पर वापस लौटें</span></a></p>शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-62800711396643618302007-08-19T02:38:00.001+05:302008-03-01T17:26:22.440+05:30कहानी-कलश पर कहानी पोस्ट करने की शर्तें<a href="http://www.hindyugm.com/">हिन्द-युग्म</a> का कविता विधा के बाद कहानी विधा में प्रयास का नाम है <a href="http://kahanikalash.blogspot.com/">'कहानी-कलश'</a>। कहानीकार जुड़ने से पहले नियमों व शर्तों को नीचे पढ़ लें।<br /><br />१- कहानियाँ हिन्दी में हों, मौलिक हों और प्रकाशित न हों।<br /><em><span style="color:#cc0000;">(महत्वपूर्ण- मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं)</span></em><br /><br />कहानी के आंशिक या पूर्ण रूप से मौलिक न होने पर या पूर्व में कहीं और प्रकाशित पाए जाने पर हिन्द-युग्म को यह अधिकार होगा कि वह ब्लॉग से कहानी को हटा सके।<br /><br />२- कहानियाँ यूनिकोड में टंकित हों।<br /><br />३- कहानी प्रकाशित करने से पहले लेखक का हिन्द-युग्म का सदस्य होना अनिवार्य है। सदस्य बनने के इच्छुक लेखक अपना परिचय एवं कहानी हिन्द-युग्म को kahani.hindyugm@gmail.com पर भेजें।<br /><br />४- कृपया लेखक कहानी प्रकाशित (पोस्ट) करने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि कहानी में व्याकरण और मात्राओं की गलतियाँ कम से कम हों। हिन्द-युग्म के प्रबंधकों द्वारा अंतिम परिवर्तन सम्भव हैं।<br /><br />५- कहानी की लम्बाई कम या अधिक हो सकती है लेकिन सम्पूर्ण कहानी को एक साथ ही प्रकाशित किया जाना अनिवार्य है।<br /><br />६- याद रहे कि इस ब्लॉग पर प्रत्येक कहानीकार को पोस्टिंग के लिए महीने की एक ही तिथि दी गई है। कृपया ध्यान रखें- यदि आप अपने दिये गये दिनांक को पब्लिश नहीं कर पातें तो आपका नम्बर एक महीने बाद आयेगा।<br /><br />निम्न तिथियाँ इस प्रकार सुरक्षित हैं-<br /><br /><h5> पहली - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/10/blog-post_29.html">सूरज प्रकाश</a></h5><br /><h5> ४वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_12.html">श्रीकांत मिश्र 'कांत'</a></h5><br /><h5> ७वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post_30.html">तुषार जोशी</a></h5><br /><h5> ९वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/09/blog-post.html">प्रवीण पंडित</a></h5><br /><h5> ११वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/04/blog-post.html">गौरव सोलंकी</a></h5><br /><h5> १३वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/11/blog-post_13.html">विमल चंद्र पाण्डेय</a></h5><br /><h5> १५वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post.html">श्रवण सिंह</a></h5><br /><h5> १९वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_7794.html">विश्व दीपक 'तन्हा'</a></h5><br /><h5> २१वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/11/blog-post_13.html">पंकज सुबीर</a></h5><br /><h5> २३वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/04/blog-post_11.html">रंजना भाटिया</a></h5><br /><h5> २७वीं - <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post.html">राजीव रंजन प्रसाद</a></h5><br /><br />७-प्रत्येक लेखक की यह जिम्मेदारी होगी कि वो अपनी कहानी के प्रकाशन के बाद इसका विज्ञापन ऑरकुट की हिन्दी कम्युनिटियों, याहू समूहों और गूगल समूहों में दे। ब्लॉग की मूल संकल्पना को बनाये रखने के लिए टिप्पणियों को ब्लॉग पर ही देने के लिए पाठकों को प्रोत्साहित करे, चैटबॉक्स या स्क्रैपबुक में नहीं।<br /><br />८-कहानी की विषयवस्तु अथवा किसी टिप्पणी पर कोई विवाद या आपत्ति होने की स्थिति में हिन्द-युग्म उत्तरदायी नहीं होगा।<br /><br />९- यदि आपके मन में और सवाल हों तो कृपया kahani.hindyugm@gmail.com, hindyugm@gmail.com पर मेल करें।शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-70951711865293981592007-08-19T02:32:00.000+05:302007-11-05T08:30:12.266+05:30'बाल-उद्यान' पर रचना पोस्ट करने की शर्तेंअंतरजाल जगत को साहित्य से समृद्ध किया जाना आवश्यक है, किंतु साहित्य को पीढ़ी से जोड़ना एक चुनौती। वृक्ष कितना मजबूत है यह जानने के लिये यह ज्ञान आवश्यक है कि जड़ कितनी गहरी है। जड़ को मजबूत करना है तो बच्चों को साहित्य की समझ से जोड़ना होगा। तकनीक, साहित्य और बच्चे एक साथ जुड़ कर बरगद पल्लवित कर सकते हैं जिसकी छाँव में खडे़ हो कर यह दावा किया जा सकेगा कि साहित्य का पुनर्जीवन हुआ।<br /><br />युग्म के मंच पर यह प्रयास इस लिये आवश्यक है चूंकि यह गंभीरता से महसूस किया गया कि किसी भी प्रयास की सार्थकता तब है जब वह दूरदर्शी हो। बच्चों को युग्म से जोड़ना एक ऐसा ही कदम है जो उन्हें स्वयं से, साहित्य से, समाज से और संस्कृति से परिचित होने में दिशा देगा।<br /><br />साहित्यकार भावुक होता है, वस्तुत: उसके भीतर का बच्चा हमेशा बच्चा ही रहता है। इस किये वह बच्चों के मनोभावों के प्रस्तुत करने में हमेशा न्याय ही करेगा यह प्रामाणित अवधारणा है।<br /><br />छोटे बच्चों की स्कूल की किताबों में प्रचलित कहानियों, कविनाओं और चित्रों को देख कर मन आहत हो जाता है। ज्यादातर उस परिवेश के हैं ही नहीं जिनमें बचपन जी रहा है। ज्यादातर कवितायें विदेशी/अंग्रेज़ी कविताओं का भोंड़ा अनुवाद होती हैं जिन्हें याद कर बच्चे केवल तोता हो जाते हैं। ऐसी कवितायें/रचनायें उन्हें सपना नहीं देतीं, कल्पना की वह उड़ान नहीं देतीं जो उन्हें चाहिये है। इस दृष्टिकोण से साहित्यकारों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे आने वाली पीढ़ी को सपना दें और रास्ता दें।<br /><br />हिन्द युग्म का प्रयास <a href="http://baaludyan.blogspot.com/">“बाल-उद्यान”</a> केवल कविता का मंच नहीं है अपितु बच्चों के लिये सभी प्रकार की विधाओं का समंवित संकलन होगा। साथ ही साथ इसे आकर्षक बनाने के लिये छोटे बच्चों की तस्वीरें, उनके बनायी पेंटिंग और कार्टून को भी स्थान दिया जायेगा। इस प्रयास को सुचारू रूप से चलाने एवं इसे सफल बनाने के लिये युग्म के सभी स्थाई सदस्यों के साथ ही साथ पाठकों, चित्रकारों, फोटोग्राफरों, कार्टूनिस्टों और मनोवैज्ञानिकों को भी आमंत्रण है कि वे सक्रिय सहयोग करें।<br /><br />नियम निम्नानुसार होंगे:<br /><br />१- रचनायें/चित्र/कार्टून मौलिक हों और प्रकाशित न हों। यह शर्त बाल मनोवैज्ञानिक परामर्शों पर लागू नहीं होगी।<br />बाल-सामग्री को १-१३ वर्ष के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया हो।<br /><strong><span style="color:#660000;">(महत्वपूर्ण- मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं)</span></strong><br /><br />२- रचनायें यूनिकोड में टंकित हों।<br /><br />३- कार्टून अथवा चित्र सुस्पष्ट हों एवं उनपर हिन्दी में ही विवरण दिये जायँ<br /><br />४- रचनाकार प्रकाशित (पोस्ट) करने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि उसमें व्याकरण और मात्राओं की गलतियाँ कम से कम हों। ब्लॉग के प्रबंधकों द्वारा अंतिम परिवर्तन सम्भव हैं।<br /><br />५- रचना के प्रकाशित होने से पूर्व रचनाकार<a href="http://kaviparichay.blogspot.com/"> 'हिन्द-युग्म के वाहक'</a> पृष्ठ पर उपलब्ध अन्य कवियों के परिचय जैसा अपना जीवन-परिचय लिखकर hindyugm@gmail.com पर प्रेषित करे।<br /><br />६- जो निरंतर रचनाकर्म करते हैं उनके लिए स्थाई सदस्यता और जो कभी-कभी करते हैं, उनके लिए अस्थाई सदस्यता (फ़िलर रचनाकार) का प्रयोजन किया गया है।<br /><br />स्थाई सदस्य निम्नवत ढंग से अपनी रचनाएँ पोस्ट करते हैं-<br /><br /><br /><h5>रविवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/02/blog-post.html">मोहिन्दर कुमार</a> ('आओ चित्र बनायें' स्तंभ संचालित करते हैं कम से कम दो रविवार), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post_30.html">तुषार जोशी</a><br /><br /><h5>सोमवार</h5><br />सुजाता तेवतिया (नोटपैड), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_24.html">सजीव सारथी</a> ('सामान्य ज्ञान' और 'ऐसा भी होता है' स्तंभ भी संचालित करते हैं पहले और तीसरे सोमवार)<br /><br /><h5>मंगलवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/04/blog-post_11.html">रंजना भाटिया</a> (दीदी की पाती- दूसरे व चौथे मंगलवार), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_21.html">रचना सागर</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_20.html">अक्षय चोटिया</a><br /><br /><h5>बुधवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/06.html">सुनीता चोटिया</a> (चित्रकथा कम से कम दो बुधवार), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/07/blog-post.html">सीमा कुमार</a> (तस्वीरें)<br /><br /><h5>गुरुवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post.html">राजीव रंजन प्रसाद</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/09/blog-post_17.html">भूपेन्द्र राघव</a><br /><br /><h5>शुक्रवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_7794.html">विश्व दीपक 'तन्हा'</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_19.html">ज़ाकिर अली 'रजनीश'</a> (पुस्तक-चर्चा स्तम्भ)<br /><br /><h5>शनिवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_18.html">ऋषिकेष खोडके “रूह”</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/09/blog-post.html">प्रवीण पंडित</a>, स्कूलों से प्राप्त रचनायें/बच्चों-अभिभावकों की रचनायें<br /><br /><h5>फ़िलर रचनाकारों की रचनाएँ निम्न तरह से प्रकाशित होंगी-</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/04/blog-post.html">गौरव सोलंकी</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_25.html">अनुपमा चौहान</a>, गौरव शुक्ला, उर्मिला और रितु रंजन की रचनाएँ क्रमशः माह की १, ५, १०, १५, २०, २५ एवं ३० तिथि को की जाती हैं।<br /><br />७- बाल-उद्यान की स्थाई सदस्यता केवल सक्रिय सदस्यों को ही प्राप्त होगी। लगातार 10 बार अनुपस्थिति की स्थिति में स्थाई सदस्य को ईमेल द्वारा एलर्ट किया जायेगा उसके पश्चात इस सदस्यता को अस्थाई सदस्यता में बदल दिया जायेगा।<br /><br />८- यदि आपकी बाल-रचनाएँ लगातार १० बार ई-मेल द्वारा हिन्द-युग्म को प्राप्त होती हैं, तो आप बाल-उद्यान की स्थायी सदस्यता प्राप्त कर लेंगे।<br /><br />९- प्रत्येक रचनाकार की यह जिम्मेदारी होगी कि वो प्रकाशन के बाद इसका विज्ञापन ऑरकुट की हिन्दी कम्यूनिटियों, याहू समूहों और गूगल समूहों में दे। ब्लॉग की मूल संकल्पना को बनाये रखने के लिए टिप्पणियों को ब्लॉग पर ही देने के लिए पाठकों को प्रोत्साहित करे, चैटबॉक्स या स्क्रैपबुक में नहीं।<br /><br />१०- यदि आपके मन में और सवाल हों तो कृपया hindyugm@gmail.com, bu.hindyugm@gmail.com या baaludyan@gmail.com पर मेल करें।<br /><br />जो भी पाठक/रचनाकार “बाल उद्यान” से जुड़ना चाहते हैं तथा युग्म के स्थाई सदस्य नहीं हैं उनसे अनुरोध है कि ऊपर दिये गये ईमेल पते पर अपनी रचना/कार्टून चित्र भेजें। युग्म की “टेक्नीकल कमेटी” द्वारा प्रकाशन-योग्य पाये जाने पर न केवल प्रकाशित किया जायेगा अपितु रचनाकार के विषय में यदि युग्म यह महसूस करेगा कि बच्चों पर उनका लेखन स्तरीय है तब “बाल उद्यान” में एक निश्चित दिन स्थायी सदस्यता के साथ प्रदान किया जायेगा।<br /><strong></strong>शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-1163515127551993712007-08-08T00:33:00.001+05:302008-02-20T12:23:51.805+05:30'हिन्द-युग्म' पर कविता पोस्ट करने की शर्तें-१- कविताएँ मौलिक हों और प्रकाशित न हों।<br /><span style="color:#660000;"><em>(महत्वपूर्ण - मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं)</em></span><br /><br />२- कविताएँ <span style="color:#660000;">यूनिकोड</span> में टंकित हों।<br /><br />३- कृपया कवि प्रकाशित (पोस्ट) करने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि उसमें व्याकरण और मात्राओं की गलतियाँ कम से कम हों। ब्लॉग के प्रबंधकों द्वारा अंतिम परिवर्तन सम्भव हैं।<br /><br />४- कविता के प्रकाशित होने से पूर्व कवि को <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/">'हिन्द-युग्म के वाहक'</a> पृष्ठ पर उपलब्ध अन्य कवियों के परिचय जैसा अपना जीवन-परिचय लिखकर hindyugm@gmail.com पर प्रेषित करे।<br /><br />५-याद रहे कि इस ब्लॉग पर प्रत्येक कवि को पोस्टिंग के लिए सप्ताह का एक दिन ही दिया गया है। कृपया ध्यान रखें- यदि आप अपने दिये गये दिन को पब्लिश नहीं कर पातें तो आपका नम्बर एक सप्ताह बाद आयेगा।<br /><br /><h5></h5><br />निम्नलिखित दिन इस प्रकार सुरक्षित हैं -<br /><br /><h5>सोमवार</h5><br />प्रतियोगिता से चुने गये सर्वश्रेष्ठ कवि के लिए आरक्षित। यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/11/blog-post.html">नीरज गोस्वामी</a> (दूसरा व चौथा)<br /><br /><h5>मंगलवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post.html">राजीव रंजन प्रसाद</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/02/blog-post.html">मोहिन्दर कुमार</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_12.html">श्रीकांत मिश्र 'कांत'</a><br /><br /><h5>बुधवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_7091.html">पंकज तिवारी </a>(पहले व तीसरे बुधवार को), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_25.html">अनुपमा चौहान</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/07/blog-post.html">सीमा कुमार</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/10/blog-post_01.html">अनुराधा श्रीवास्तव</a> (दूसरे व चौथे बुधवार को), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/09/blog-post_17.html">भूपेन्द्र राघव</a> (पहले व तीसरे बुधवार को), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/12/blog-post_9778.html">कवि कुलवंत सिंह</a> (दूसरे व चौथे बुधवार को), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/11/blog-post_22.html">डॉ॰ नंदन</a> (पहले व तीसरे बुधवार को)<br /><br /><h5>गुरुवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_6431.html">प्रमेन्द्र प्रताप सिंह</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/04/blog-post_11.html">रंजना भाटिया</a>, यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/04/blog-post.html">गौरव सोलंकी</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/10/blog-post.html">विपिन चौहान 'मन'</a><br /><br /><h5>शुक्रवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post.html">मनीष वंदेमातरम्</a>, यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/06/ajayyadavacegmail.html">अजय यादव</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_24.html">सजीव सारथी</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_5542.html">अवनीश गौतम</a><br /><br /><h5>शनिवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post_30.html">तुषार जोशी</a>, यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/03/blog-post.html">आलोक शंकर</a>, यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/06/blog-post.html">विपुल शुक्ला</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/10/blog-post_30.html">शोभा महेन्द्रू</a> (पहला व तीसरा), <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2008/01/blog-post_25.html">रविकांत पाण्डेय</a> (दूसरा और चौथा)<br /><br /><h5>रविवार</h5><br /><a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2006/12/blog-post_26.html">गिरिराज जोशी</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/01/blog-post_7794.html">विश्व दीपक 'तन्हा'</a>, यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/05/blog-post.html">वरुण स्याल</a> , <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/05/blog-post_12.html">देवेश वशिष्ट 'ख़बरी'</a> , यूनिकवि <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/08/blog-post_17.html">निखिल आनंद गिरि</a>, <a href="http://kaviparichay.blogspot.com/2007/11/blog-post_17.html">सुनीता यादव</a><br /><br /><h5></h5><br /><br />६- प्रत्येक कवि की यह जिम्मेदारी होगी कि वो कविता प्रकाशन के बाद इसका विज्ञापन </span><a href="http://www.orkut.com/"><span style="font-size:100%;">ऑरकुट</span></a><span style="font-size:100%;"> की हिन्दी कम्यूनिटियों, </span><a href="http://groups.yahoo.com/"><span style="font-size:100%;">याहू समूहों</span></a><span style="font-size:100%;"> और </span><a href="http://groups.google.com/"><span style="font-size:100%;">गूगल समूहों</span></a><span style="font-size:100%;"> में दे। ब्लॉग की मूल संकल्पना को बनाये रखने के लिए टिप्पणियों को ब्लॉग पर ही देने के लिए पाठकों को प्रोत्साहित करे,<strong> <span style="color:#660000;">चैटबॉक्स</span></strong> या <strong><span style="color:#660000;">स्क्रैपबुक</span></strong> में नहीं।<br />७- यदि आपके मन में और सवाल हों तो कृपया <a href="mailto:hindyugm@gmail.com">hindyugm@gmail.com</a> </span><span style="font-size:100%;">या </span><a href="mailto:grjoshee@gmail.com"><span style="font-size:100%;">grjoshee@gmail.com</span></a><span style="font-size:100%;"> पर मेल करें। </span>शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-37583354.post-1167976472212512302007-04-17T12:54:00.006+05:302008-06-07T17:51:23.840+05:30हिन्द-युग्म यूनिकवि एवम् यूनिपाठक प्रतियोगिताहिन्दी-प्रेमियो !<br /><br />इंटरनेट पर हिन्दी लिखने-पढ़ने के प्रोत्साहन हेतु <a href="http://www.hindyugm.com">हिन्द-युग्म</a>, यूनिकवि एवम् यूनिकपाठक प्रतियोगिता का आयोजन जनवरी २००७ से करता है। इस कार्य के लिए धनराशि का प्रबन्ध <strong><a href="http://hindyugmparichay.blogspot.com/2007/02/blog-post.html">अंशदानकर्ताओं</a></strong> के आर्थिक सहयोग से किया जा रहा है। वस्तुतः, हमारा <strong><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/">'हिन्द-युग्म'</a></strong> संघ हिन्दी की प्रत्येक विधा में यह प्रयोग करने को कटिबद्ध है, परन्तु धन के अभाव के कारण हम कविता से आरम्भ कर रहे हैं। जैसे-जैसे <strong><a href="http://hindyugmparichay.blogspot.com/2007/02/blog-post.html">अंशदानकर्ताओं</a></strong> की संख्या बढ़ेगी, हम कार्य का विस्तार करते जायेंगे। फ़िलहाल <a href="http://merekavimitra.blogspot.com">कविता</a>, <a href="http://kahanikalash.blogspot.com">कहानी</a>, <a href="http://baaludyan.blogspot.com">बाल-साहित्य</a> और <a href="http://hindyugm.mypodcast.com">पॉडकास्टिंग</a> में हम प्रयास कर रहे हैं।<br /><br /><br />पुरस्कार-राशि के वितरण का कार्य, हम दो चरणों में करते हैं -<br /><br />१) कवियों को पुरस्कृत करके,<br /><br />और<br /><br />२) पाठकों को पुरस्कृत करके।<br /><br /><br /><h5>१. कवियों को पुरस्कार कैसे दिया जाता है?</h5><br />प्रत्येक कवि अपनी <span style="color:#660000;">मौलिक एवम् अप्रकाशित रचना</span> (जो गीत, ग़ज़ल, कविता आदि किसी भी रूप में हो सकती हैं) <a href="mailto:hindyugm@gmail.com">hindyugm@gmail.com</a> पर <span style="color:#660000;">प्रत्येक माह के प्रथम से १५वें दिवस तक</span> प्रेषित करता है।<br /><br /><em><span style="color:#660000;">महत्वपूर्ण - मुद्रित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित रचनाओं के अतिरिक्त गूगल, याहू समूहों में प्रकाशित रचनाएँ, ऑरकुट की विभिन्न कम्न्यूटियों में प्रकाशित रचनाएँ, निजी या सामूहिक ब्लॉगों पर प्रकाशित रचनाएँ भी प्रकाशित रचनाओं की श्रेणी में आती हैं।</span></em><br /><br />एक रचनाकार से एक बार में उसकी एक ही कविता स्वीकार की जाती है। अतः भेजने से पूर्व आप खुद तय करें कि आप अपनी कौन-सी कविता प्रतियोगिता हेतु देना चाहते हैं।<br /><br />ऐसे रचनाकार जो पहले से ही हिन्दी-बलॉगिंग कर रहे हैं, के द्वारा भेजी गयी रचनाओं का यूनिकोड में टंकित होना अनिवार्य है। हालाँकि, हम नये रचनाकारों से भी यूनिकोड प्रयोग की अपेक्षा रखते हैं, फिर भी यदि वे यूनिकोड मे टंकण नहीं कर पा रहे हैं तो वे निम्नलिखित सूत्रों की सहायता ले सकते हैं।<br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/07/blog-post_1474.html">मुफ़्त यूनिप्रशिक्षण का लाभ उठायें।?</a><br /><br />इतना होने पर भी, यदि वे इस यंत्र (टूल) को समझ पाने में असमर्थ हैं तो वे अपनी रचनाओं को 'रोमन' में टंकित करके इस टीम के किसी भी सदस्य को भेज सकते हैं।<br /><br />माह के शेष १५ दिनों में <span style="color:#660000;">'हिन्द-युग्म टीम'</span> द्वारा '<span style="color:#660000;">माह का यूनिकवि</span>' चुना जाता है। निर्णय २ से अधिक चरणों में किया जाता है (फरवरी २००८ माह तक ४ चरणों में अलग-अलग ८ से अधिक जजों द्वारा निर्णय कराया गया है)। किसी भी रचनाकार का नाम जज को नहीं भेजा जाता , न हीम किसी निर्णयकर्ता को यह जानकारी दी जाती है कि उसके अतिरिक्त और कौन निर्णय का कार्य कर रहा है।<br /><br />जो रचनाकार विजयी होता है, उसके समक्ष यह प्रस्ताव रखा जाता है कि वह इस टीम की सदस्यता स्वीकार करे। यदि वह सदस्यता स्वीकार करता है तो उसे स्वयं ही <strong><span style="color:#660000;">यूनिकोड</span></strong> में टंकण करके अपनी पुरस्कृत कविता को अगले महीने के <span style="color:#660000;">प्रथम सोमवार</span> को 'हिन्द-युग्म' पर पोस्ट करना होता है। यदि वह सदस्य न बनना चाहे तो उसकी कविता की पोस्टिंग हमारे टीम के द्वारा की जाती है।<br /><br /><span style="color:#660000;">विजेता कवि को आने वाले तीन सोमवारों तक अपनी कविता पोस्ट करने/करवाने का अधिकार होगा।</span><br /><br />जो कवि उपर्युक्त-प्रकिया को सफलतापूर्वक पूर्ण करता है तो उसे निम्न विधि से सम्मानित किया जाता है-<br /><br /><span style="color:#660000;"><u>1) प्रथम सोमवार, रु ३०० दिया जाता है।</u><br /><br /><u>2) शेष तीन सोमवार, रू १०० प्रति सोमवार दिया जाता है।</u><br /><br /><u>3) 'हिन्द-युग्म' की ओर से एक प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाता है।</u><br /><br /><u>4) हिन्दी-कविता विधा के स्तम्भ कहे जानेवाले रचनाकारों की पुस्तकें (लगभग रु १००/- तक की) भी दी जाती है। जो रचनाकार सुदूर अंचलों (जहाँ उनकी पसंद की हिन्दी-पुस्तकें नहीं मिल पाती हैं) से हैं, उनके अनुरोध पर (किसी भी विधा की जो रु १००/- में आ सकें) भेजी जा सकेंगी।</u></span><br /><br /><br /><h5>विशेष -</h5><br />१) विजेता कवि के उद्घोषणा के एक दिन के भीतर ही उस कवि को अपना परिचय (जिसमें उसका वास्तविक नाम, पता, जन्मतिथि, शिक्षा-दीक्षा का उल्लेख आवश्यक है) <a href="mailto:hindyugm@gmail.com">hindyugm@gmail.com</a> पर प्रेषित करना होता है।<br /><br />२) यदि सम्भव हो तो विजयी कवि, किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की <span style="color:#660000;">ATM खाता संख्या (ATM Account No.)</span> भेजे जिससे रूपयों को आसानी से भेजा जा सके। <span style="color:#660000;">ATM खाता न होने की स्थिति में मनीऑर्डर का सहारा लिया जायेगा।</span><br /><br />हिन्द-युग्म शीर्ष १० कवियों को पुरस्कृत करता है। अन्य ९ कवियों को हिन्द-युग्म अपने प्रायोजकों द्वारा भेंट की हुई पुस्तकें भेंट करता है। हिन्द-युग्म प्रतियोगिता से आईं उत्कृष्ट ३० कविताओं का प्रकाशन का जिम्मा भी लेता है।<br /><br /><h5>पाठकों को पुरस्कृत कैसे किया जाता है?</h5><br />इस माध्यम से यह तय किया जाता है कि कौन पाठक रचनाओं को ध्यान से पढ़ता है। इसके लिए 'हिन्द-युग्म' टीम द्वारा पाठकों का एक डाटाबेस तैयार किया जाता है। यूनिपाठक चुनते समय निम्न प्रकार के पाठकों को वरीयता दी जाता है-<br /><br /><span style="color:#660000;"><u>१) जो प्रतिक्रियाओं को यूनिकोड में लिखते हैं।</u><br /><br /><u>२) जिन्होंने उस माह में अधिक से अधिक रचनाओं को पढा होगा और साथ ही साथ प्रतिक्रिया भी दी होगी।</u><br /><br /><u>३) जिनकी प्रतिक्रियाओं से रचना-पठन की वास्तविकता परावर्तित होती हो।</u></span><br /><br />इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पाठक हर बार समान नाम और पते का प्रयोग करे। अनाम पाठकों की प्रतिक्रियाओं को इस प्रतियोगिता में सम्मिलित नहीं किया जा सकेगा।<br /><br />माह के सर्वश्रेष्ठ पाठक को निम्नानुसार सम्मानित किया जायेगा।<br /><br />उसे रु ३००/- का कैश (नकद) पुरस्कार दिया जाता है<br /><br />और<br /><br />हिन्दी-कविता विधा के स्तम्भ कहे जानेवाले रचनाकारों की पुस्तकें (लगभग रु २००/- तक की) दी जाती है। जो पाठक सुदूर अंचलों (जहाँ उनकी पसंद की हिन्दी-पुस्तकें नहीं मिल पाती हैं) से हैं, उनके अनुरोध पर (किसी भी विधा की जो रु २००/- में आ सकें) भेजी जा सकेंगी।<br /><br /><br /><h5>विशेष -</h5><br />१) यूनिपाठक के नाम की उद्घोषणा के एक दिन के भीतर ही उस पाठक को अपना परिचय (जिसमें उसका वास्तविक नाम, पता, जन्मतिथि, शिक्षा-दीक्षा का उल्लेख आवश्यक है) <a href="mailto:hindyugm@gmail.com">hindyugm@gmail.com</a> पर प्रेषित करना होगा।<br /><br />२) यदि सम्भव हो तो विजेता पाठक, किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की ए॰टी॰एम॰ खाता संख्या (ATM Account No.) भेजे जिससे रूपयों को आसानी से भेजा जा सके। ए॰टी॰एम॰ (ATM) खाता न होने की स्थिति में मनीऑर्डर का सहारा लिया जायेगा।<br /><br />३) यह सम्भव है कि उद्घोषित पुरस्कारों के अतिरिक्त यूनिकवि एवम् यूनिपाठक को उस माह के प्रायोजकों द्वारा उपहार भेजे जाएँ।<br /><br />४) इसके अतिरिक्त अन्य तीन पाठकों को भी प्रायोजकों द्वारा पुस्तकें भेंट की जाती हैं।<br /><br />५) हिन्द-युग्म 'हिन्द-युग्म पाठक सम्मान' भी समय-समय पर देता रहता है जो कि हिन्द-युग्म का संग्रहालय खंगाले होते हैं।<br /><br /><h5>आवश्यकः-</h5><br /><span style="color:#660000;"><u>१) हिन्द-युग्म द्वारा यूनिकवि' और 'यूनिपाठक' का चयन अंतिम होगा। इसकी उद्घोषणा के पश्चात् अविजयी रचनाकारों से प्रश्नोत्तर नहीं किया जा सकेगा।</u><br /><br /><u>२) एक कवि या पाठक अनंत बार इस प्रतियोगिता में भाग ले सकेगा।</u><br /><br /><u>३) विजेता कवियों की कविताएँ, 'हिन्द-युग्म' की अपनी सम्पत्ति होंगी जिन्हें यह समूह संपादकीय कार्यों के लिए प्रयोग कर सकता है।</u></span><br /><br /><u><span style="color:#660000;">४) विजेता कवि द्वारा 'हिन्द-युग्म' की सदस्यता स्वीकार करने के बाद, </span></u><a href="http://niyamawamsharten.blogspot.com/2006/11/blog-post.html"><span style="color:#000099;">कविता पोस्टींग की नियम व शर्तें</span></a><span style="color:#660000;"> <u>उस पर भी समान रूप से लागू होगीं।</u></span><br /><br /><br />- हिन्द-युग्म टीम<br /><br /><h5>अब तक के परिणाम-</h5><br /><center><br /><OBJECT classid="clsid:D27CDB6E-AE6D-11cf-96B8-444553540000"<br />codebase="http://download.macromedia.com/pub/shockwave/cabs/flash/swflash.cab#version=6,0,0,0,"<br />WIDTH="240" HEIGHT="40" id="hindbanner.swf" ALIGN=""><br /><PARAM NAME=movie VALUE="http://bharatwasi001.googlepages.com/HindYugm-29-5-2k8.swf"> <PARAM NAME=quality VALUE=high> <PARAM NAME=bgcolor VALUE=#FFFFFF> <EMBED src="http://bharatwasi001.googlepages.com/HindYugm-29-5-2k8.swf" quality=high bgcolor=#FFFFFF WIDTH="240" HEIGHT="40" NAME="flash" ALIGN="center"<br />TYPE="application/x-shockwave-flash" PLUGINSPAGE="http://www.macromedia.com/go/getflashplayer"></EMBED><br /></OBJECT><br />वर्ष २००७ के परिणाम<br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/02/blog-post_05.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_01.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/03/blog-post_05.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_02.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/04/blog-post_02.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_03.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/05/blog-post_420.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_04.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/06/19.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_05.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/07/blog-post_02.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Hind-Yugm/Parinaam_06.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/08/blog-post_06.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_07.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/09/blog-post_03.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_08.jpg"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/10/57-25-09.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_09.jpg" title="Parinaam_09"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/11/blog-post_05.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_10.jpg" title="Parinaam_10"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2007/12/blog-post_03.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_11.jpg" title="Parinaam_11"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/2008/01/blog-post_4449.html"><img src="http://i173.photobucket.com/albums/w76/bharatwasi001/Parinaam_12.jpg" title="Parinaam_12"/></a><br /><br /><a href="http://merekavimitra.blogspot.com/">कविता-पृष्ठ पर वापस चलें</a><br /><a href="http://www.hindyugm.com">मुख्य-पृष्ठ पर लौटें</a></center>शैलेश भारतवासीnoreply@blogger.com