tag:blogger.com,1999:blog-31459753.post-18078042848988307312007-05-30T13:51:00.001+05:302007-05-30T13:51:52.643+05:30वर्डप्रेस वालों, जरा ध्यान से सुनोये पोस्ट उन लोगों के काफी काम की है जो कि वर्डप्रेस.काम पर अपना चिट्ठा चलाते हैं। पिछले समय में कुछ ऐसे परिवर्तन हुए हैं जिससे आप बिना होस्टिंग वगैरह के झमेले मे पड़े ना केवल अपने <a href="http://faq.wordpress.com/2006/11/10/domain-mapping/">चिट्ठे को अपने डोमेन पर </a>कुछ ही समय मे चलता हुआ देख सकते है, बल्कि इसी डोमेन पर <a href="http://rajeshblue.blogspot.com/2007/04/blog-post.html">गूगलदेव की मदद से ई-मेल सेवा </a>भी चला सकते है। ये व्यक्तिगत ई-मेल सेवा बिलकुल जीमेल का अनुभव देगी यानि वही २ जी बी स्थान और वैसा ही काम करने का तरीका।तो कैसे होगा ये, जरा ध्यान से सुनिए।सबसे पहले तो आपको एक अदद डोमेन की आवश्यकता होगी। आप या तो इसे किसी रजिस्ट्रार से खरीद सकते है, या फिर सीधे वर्डप्रेस से खरीद सकते है।<br /><br />हिसाब-किताबःवैसे यदि आप आपने डोमेन किसी रजिसट्रार से लेंगे तो हो सकता है कि इसमे ३०० - ४५० रुपए का खर्चा आता है। फिर आपके चिट्ठे को डोमेन से जोड़ने के लिए वर्डप्रेस वाले १० डालर, यानि तकरीबन ४०० रुपए लेंगे, यानि कुल मिला के ७००- ८०० का खर्चा बैठेगा। मगर यदि आप डोमेन भी वर्डप्रेस वालों की मदद से लेंगे तो कुल खर्चा १५ डालर, यानि ६०० रुपए। इसके बाद ये खर्चा हर साल आएगा। हाँ, गूगल देव आपकी डोमेन पर जी-मेल चलाने के लिए मुफ्त सेवा भी देते हैं ।<br /><br />ब्लागर पर चिट्ठाकारी करने वाले, निराश न हो। आप जैसा की जानते हैं कि आज भी ब्लागर की मदद से अपना चिट्ठा अपने डोमेन पर चलाया जा सकता है ( जैसे की <a href="http://www.yaxis.in">मेरा अंग्रेजी चिट्ठा </a>- वर्डप्रेस के विपरीत गूगलदेव पैसे भी नहीं मांगते), पर जीमेल सुविधा नहीं। पर मेरा पूरा विश्वास है ये ज्यादा दूर नहीं , कुछ दिनों कि बात है। तो बढिए आगे और अपने अनुभव चिट्ठाकारों से बाँटिए। हिन्दी चिट्ठाकारी मे मस्ती का आलम बढते चला जाय, बस।Rajesh Kumarhttp://www.blogger.com/profile/17653216008905158347noreply@blogger.com