tag:blogger.com,1999:blog-30482424.post-53108626770155743332008-03-23T08:17:00.000+05:302008-03-23T08:17:00.000+05:30कुछ नही कह सकती प्रमेंद्र मै यह चित्र देख नही पा र...कुछ नही कह सकती प्रमेंद्र मै यह चित्र देख नही पा रही थी...एसा क्यों होता है आदमी आदमी का ही दुश्मन...सुनीता शानूhttp://www.blogger.com/profile/11804088581552763781noreply@blogger.com