tag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-81230478315089620642008-03-25T01:58:00.000+05:302008-03-25T01:58:00.000+05:30हाथ बढ़ाओ साथ मिलेगा, जिसका तुम्हें नहीं अनुमानक्षे...हाथ बढ़ाओ साथ मिलेगा, जिसका तुम्हें नहीं अनुमान<BR/>क्षेत्रवाद का छोड़ो नारा, बोलो जय जय हिन्दुस्तान<BR/><BR/>सही समय पर आयी कविता.<BR/>वर्तमान स्थिति का अच्छा वर्णन किया है और विचार भी सही रखे गए हैं.<BR/>काश ! राज साहब भी इन भावों को समझ पायें.<BR/>--अच्छी रचना है ! बधाई!अल्पना वर्माhttp://www.blogger.com/profile/08360043006024019346noreply@blogger.com