tag:blogger.com,1999:blog-27324674.post-69095024014721906072007-08-31T13:38:00.000+05:302007-08-31T13:38:00.000+05:30सामने सब के स्वीकार करता हूँहिन्दी से कितना प्यार ...सामने सब के स्वीकार करता हूँ<BR/>हिन्दी से कितना प्यार करता हूँ<BR/>कलम है मेरी टूटी फूटी<BR/>थोड़ी सुखी थोड़ी रुखी<BR/>हर हिन्दी लिखने वाले का<BR/>प्रकट आभार करता हूँ<BR/>आप लिखते रहिए<BR/>मैं इन्तज़ार करता हूँ ।<BR/><A HREF="http://nishikantworld.blogspot.com" REL="nofollow">NishikantWorld</A>Nishikant Tiwarihttp://www.blogger.com/profile/01492698893838649166noreply@blogger.com