tag:blogger.com,1999:blog-27055047716058318652009-07-10T12:50:44.133+05:30NEERAJ RAJPUTHi friends i am Neeraj and i am starting this blog for all of you.Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.comBlogger81125tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-56845819536657825122009-07-10T03:40:00.000+05:302009-07-10T03:41:29.921+05:30दिल में छुपा रखा है तुझे याद बना केदिल में छुपा रखा है तुझे याद बना के<br /><br /><br />कभी सांसों का हौसला कभी फरियाद बना के<br /><br /><br />हर एक कोने को रौशन किया तस्वीर से तेरी <br /><br /><br />तेरी हर बात ने छोडा मुझे बर्बाद बना के <br /><br /><br />आसमां ना गुमां कर ले रात की चांदनी पे कही <br /><br /><br />तभी तो ज़मीं पे उतारा गया है तुझे चाँद बना के<br /><br /><br />मै नए साल में क्या पेश करू तोहफतन तुझको <br /><br /><br />हर धड़कन को भेजा है मुबारकबाद बना के<br /><br /><br />एक ख्वाब सच हो वरना इन बातों का क्या है<br /><br /><br />कल ख्वाब में देखा खुद को तेरा नौशाद बना के <br /><br /><br />यह क्या रंग ज़िन्दगी का दिखाते हो 'शाहंशाह'<br /><br /><br />तुम खुद ही रूठ गए सभी को शाद बना के<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-5684581953665782512?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com5tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-43811903709458138152009-05-28T05:38:00.000+05:302009-05-28T05:39:20.815+05:30कबीर अगर तुम न हुए होतेकबीर अगर तुम न हुए होते <br /><br />होते हम कितने निर्लज्ज और निष्ठुर <br /><br />तुम्हारी वाणियां और साखियां <br /><br />बार-बार स्मरण कराती हैं <br /><br />आदमी का कद<br /><br />कितना ओछा हो सकता है.<br /><br /> <br /><br />कबीर अगर तुम न हुए होते <br /><br />तो होता केवल <br /><br />मिथ्या जगत <br /><br />तुम ही हो बटरोही <br /><br />बनकर मार्ग दर्शक <br /><br />आज भी अटल खड़े, अड़े हो<br /><br />अड़ी हैं तुम्हारी<br /><br />उलटबांसियां <br /><br />सुलटा रही हैं दुष्कर्म<br /><br />और दिवा स्वप्नों का <br /><br />अंधेरा <br /><br />हटा रही हैं पथ के कंकड़.<br /><br /> <br /><br />कबीर अगर तुम न हुए होते <br /><br />नहीं होते गांधी<br /><br />सत्य की लड़ाई के <br /><br />योद्धा कहां खड़े होते <br /><br />इस निरही जन जंगल में <br /><br /> <br /><br />कबीर अगर तुम न हुए होते <br /><br />यह संसार उलझा ही रहता <br /><br />उलट-पुलट हुआ रहता <br /><br />मर्यादाओं को भंग करता <br /><br />भीतर के तीरथ को जाने, <br /><br />कितना और तिरोहित करता <br /><br /> <br /><br />कबीर अगर तुम न हुए होते <br /><br />धागे कितने टूटे होते <br /><br />रंग कितने बिखरे होते <br /><br />ढाई आखर अपने पर रोते <br /><br /> <br /><br />कबीर अगर तुम न हुए होते <br /><br />कुटिया गरीब की सूनी होती <br /><br />सन्नाटा, विक्षोभ, वीराना <br /><br />हर घर पर छाया होता <br /><br />अगन लगी होती हर घर में <br /><br />कौन बुझाने वाला होता। <br /><br />----<br /><br /> <br /><br />फारूक आफरीदी<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4381190370945813815?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com2tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-64911784142607694212009-05-17T05:57:00.001+05:302009-05-17T05:59:14.493+05:30उल्टी नगरीउल्टी नगरी एक अनोखी, वस्तु जहाँ की उल्टी पुलटी.<br />उल्टी दुनिया उल्टा पर्वत्, उल्टे पेड़ चिमनिया उल्टी.<br />देती दूध चींटियाँ ख़्ररहे हल खींचे, चूहे हलवाहे.<br />पैसा दुर्लभ, सुलभ अशरफ़ी, भोजन सबको खाना चाहे.<br />दाड़ी मूंछ रखें औरतें, मर्द खिलाते घर मे बच्चे.<br />रहते लोगों मे मकान ही, झूठे जीते मरते सच्चे.<br />सर पर जूता पगड़ी पेरो में, मच्छ्रर की है बनी सवारी.<br />दिंन मे चाँद चमकता, सूरज सारी रात करे उजियारा.<br />जलता पानी, आग बुझाती, चलते सर के बल नर नारी.<br />छपपर तो ज़मीन पर रहता, घोड़ा पीछे आगे गाड़ी.<br />नाव चलाते मरुस्थलों मे, सांझ जागते सोते तड़के.<br />पाँच बरस तक रहते बूढ़े, साठ बरस मे बनते लड़के.<br />सुनती आँख कान देखते, नीक बाबू कुर्सी उपर.<br />चद जाती पहाड़ पर नदियाँ, सिंधु झील से निकल निकल कर.<br />एक बात का वहन बड़ा सुख, पड़ते गुरु पदाते चेले.<br />मौज उड़ाते बेथे भिखारी, शहंशाह चलाते ठेले.<br />रही ज्यू के टयूँ रह जाते और चला करती है डगरी.<br />उल्टी सारी वस्तु जहाँ की देखी ऐसी उल्टी नगरी.<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-6491178414260769421?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com0tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-42606722616788802302009-04-14T04:14:00.001+05:302009-04-14T04:14:30.680+05:30वक़्त नहीहर खुशी है लोगो के दामन में <br />पर एक हँसी के लिए वक्त नही <br />दिन रात दौड़ती इस दुनिया में <br />जिंदगी के लिए ही वक्त नही <br /><br />माँ की लोरियों का अहसास तो है <br />मगर माँ को माँ कहने का वक्त नही <br />सारे रिश्तो को तो हम मार चुके <br />अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नही <br /><br />सारे नाम मोबाईल में है <br />पर दोस्ती के लिए वक़्त नही <br />गैरों की क्या बात करे <br />जब अपने के लिए ही वक्त नही <br /><br />आँखों में है नींद बड़ी पर <br />सोने का भी वक्त नही <br />दिल है गमो से भरा<br />पर रोने का भी वक़्त नही <br /><br />पैसो की दौड़ में ऐसे दौडे <br />की थकने का भी वक़्त नही <br />पराये अहसासों की क्या कद्र करे <br />जब अपने सपनो के लिए ही वक्त नही <br /><br />तू ही बता ऐ ज़िन्दगी <br />इस ज़िन्दगी का क्या होगा<br />की हर पल मरने वालो को <br />जीने का भी वक्त नही<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4260672261678880230?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com0tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-17433018199169415942009-04-14T04:10:00.002+05:302009-04-14T04:12:19.421+05:30मेरी रातें तुम्हारी यादों से<a href="http://www.myorkutglitter.com/wp-content/uploads/2008/04/miss.jpg"><img style="float:right; margin:0 0 10px 10px;cursor:pointer; cursor:hand;width: 464px; height: 546px;" src="http://www.myorkutglitter.com/wp-content/uploads/2008/04/miss.jpg" border="0" alt="" /></a><br />मेरी रातें तुम्हारी यादों से सजी रहती हैं<br />मेरी सांसें तुम्हारी खुशबू में बसी रहती हैं<br />मेरी आँखों में तुम्हारा ख्वाब सजा रहता है<br />हाँ मेरे दिल में तुम्हारा ही अक्स बसा रहता है<br /><br />इस तरह मेरे दिल के बहुत पास हो तुम<br />जिस तरह पास मुरीद के खुदा रहता है<br />तुम को मालूम हो ,या न हो शायद कभी<br />मेरे दिल के आँगन में लगे फूल गवाही देंगे<br /><br />मैंने कभी किसी फूल को देखा भी नहीं<br />तुम को सोचा है ,तो फिर तुम को ही सोचा है बहुत<br />तुम्हारे सिवा किसी और को सोचा भी नहीं<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-1743301819916941594?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com3tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-75955295012376840312009-03-30T07:25:00.000+05:302009-03-30T07:27:22.416+05:30ऐसा वादा न कर मुझसे<a href="http://www.thinkspacegallery.com/2008/drawingroom/show/Catherine-Brooks-A-Promise-To-Return-for-web.jpg.jpg"><img style="float:left; margin:0 10px 10px 0;cursor:pointer; cursor:hand;width: 599px; height: 775px;" src="http://www.thinkspacegallery.com/2008/drawingroom/show/Catherine-Brooks-A-Promise-To-Return-for-web.jpg.jpg" border="0" alt="" /></a><br /><br /><br />ऐसा वादा न कर मुझसे की तू निभा न सके,<br />इतना दूर न जा की कभी मुझ पे हक़ जता न सके,<br /><br /><br />गलत्फमियों से न लगा नफरत की आग,<br />की चाह कर भी तू बुझा न सके,<br /><br /><br />न खीच दिल के आईने पे कुछ ऐसी रेखाएं जो चेहरा बदल दे,<br />की अपनी ही सूरत तू धडकनों को कभी दिखा न सके,<br /><br /><br />न बांध ज़माने के रिश्तों में मासूम प्यार को तू आज,<br />की कल खुदा सी मोहब्बत के जस्बातों को तू कुछ समझा न सके,<br /><br /><br />है दम तेरी नफरत में तो छोड़ दे तस्बूर में भी मेरा ख्याल,<br />कहीं ऐसा न हो एक पल के लिए भी तेरी साँसे मुझे भुला न सके,<br /><br /><br />नामो निशा भी न छोड़ तू मेरी किसी निशानी का अपने पास,<br />लेकिन वक़्त के हाथ तेरे चेहरे से मेरे प्यार का निशा मिटा न सके,<br /><br /><br />सजा दिया नए रिश्तो की रौशनी ने मन तेरा जीवन,<br />पर यादों के लम्हों की दाल से ये मेरा नाम हाथ न सके,<br /><br /><br />इंसा से लेके खुदा तक सबने जिसे मिटाना चाहा<br />ऐसी मोहब्बत को भुलाने के लिए हम खुद को मन न सके,<br /><br /><br />न कर इतना शर्मिंदा मेरी मोहब्बत को आज,<br />की कल तू इस इश्क को अपने दिलके महल में सजा न सके.<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-7595529501237684031?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com4tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-22029239580732231312009-03-26T22:08:00.002+05:302009-03-26T22:08:53.652+05:30सीने से आ के लग भी जा<a href="http://3.bp.blogspot.com/_EZ4WDo9LvGI/ScuvlP3p2uI/AAAAAAAAACQ/xDBqFK_wO1I/s1600-h/hug.jpg"><img style="float:right; margin:0 0 10px 10px;cursor:pointer; cursor:hand;width: 225px; height: 320px;" src="http://3.bp.blogspot.com/_EZ4WDo9LvGI/ScuvlP3p2uI/AAAAAAAAACQ/xDBqFK_wO1I/s320/hug.jpg" border="0" alt=""id="BLOGGER_PHOTO_ID_5317536839490984674" /></a><br />सीने से आ के लग भी जा <br /><br />काबिल नही मै आपके, इसमे तो शक़ नही<br />दिल तोडने का लेकिन, तुमको भी हक़ नही<br /><br />नज़रो की प्यास बुझ गयी, दिल को भी मिल रहा सुख<br />होठो को चूम लेने दे, बाहे झटक नही<br /><br />बस एक पल की बात है, कितनी हंसीन रात है,<br />चूनकर सरकने दे जरा, तू खुद सरक नही<br /><br />तेरा दिल भी बेकरार है, तुझको भी मुझसे प्यार है,<br />सीने से आ के लग भी जा, अब यूं झिझक नही<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-2202923958073223131?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-47611963443031530632009-03-06T05:07:00.001+05:302009-03-06T05:07:59.961+05:30कितना पागल है ये दिल<a href="http://www.quizilla.com/user_images/K/KU/KUR/KURAMA316/1135217443_LonlyAngel.jpg"><img style="float:right; margin:0 0 10px 10px;cursor:pointer; cursor:hand;width: 469px; height: 700px;" src="http://www.quizilla.com/user_images/K/KU/KUR/KURAMA316/1135217443_LonlyAngel.jpg" border="0" alt="" /></a><br />कितना पागल है ये दिल<br />कितना पागल है ये दिल<br />हवा मे तुम्हारा पैगाम ढूंढता है<br />इस जगह मे तुम्हारा निशान ढूंढता है<br />आसमान मे तुम्हारा ये नाम ढूंढता है<br />सितारे मगर बताते नही<br />नज़ारे यहाँ के मानते नही<br />झोंके कभी कुछ जताते नही<br />ये इशारे भी दिल को समझाते नही<br />विराने मे तुम्हारे ये साथ ढूंढता है<br />कितना पागल है ये दिल<br />विराने है हमारे <br />तुम हमारे नही<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4761196344303153063?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com3tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-32335530859135859522009-03-04T02:52:00.001+05:302009-03-04T02:52:40.924+05:30आखरी मुलाकातआज जाने से पहेले उसने भी कुछ कहा था <br />गम का थोड़ा सा असर उस पेर भी हो रहा था <br />चुप होने से पहेले उन के लब हिले थे <br />उस खामोशी के नगमे हम ने भी सुने थे <br /><br />एक लंबा दयरा सा बन गया अचानक <br />जोर जोर से दे रहा था ये दिल सिने पर दस्तक <br />गुज़र गई वो शाम हम कुछ भी ना कहेना पाए <br />निगालेंगे इन अरमानों को अब रातों के साये <br /><br />नज़रों के सामने एक धुंद सी छाई थी <br />फिर एक बात पुरानी काही से याद आई थी <br />लगा .....कार रहे थे हम अपने आप ही से बाते <br />हमने फिर देखी उनकी परछाई जाते जाते<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-3233553085913585952?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-62689648482731074722009-03-03T05:33:00.001+05:302009-03-03T05:33:39.392+05:30ज़िन्दगी प्यारी सही लेकिन हमे मरना तो है!लब पे पाबन्दी नही एहसास पे पहरा तो है<br />फिर भी अहल-ए-दिल को अहवाल-ए-बशर कहना तो है<br /><br />अपनी गैरत बेच डालें अपना मसलाक छोड दें<br />रहनुमाओं मे भी कुछ लोगो को ये मन्शा तो है<br /><br />है जिन्हे सब से ज़्यादा दावा-ए-हुब्ब-ए-वतन<br />आज उन की वजह से हुब्ब-ए-वतन रुसवा तो है<br /><br />बुझ रहे हैं एक एक कर के अकीकदों के दिये<br />इस अन्धेरे का भी लेकिन सामना करना तो है<br /><br />झुठ क्यू बोलें फ़रोग-ए-मस्लहत के नाम पर<br />ज़िन्दगी प्यारी सही लेकिन हमे मरना तो है!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-6268964848273107472?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com0tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-61854666011333600872009-03-03T05:31:00.000+05:302009-03-03T05:32:24.431+05:30किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नहीरुला ना दीजिएगा...<br />यू चुप रहके सज़ा ना दीजिएगा...<br />ना दे सके ख़ुशी, तो ग़म ही सही...<br />पर दोस्त बना के यूही भुला ना दीजिएगा...<br /><br />खुदा ने दोस्त को दोस्त से मिलाया...<br />दोस्तो के लिए दोस्ती का रिस्ता बनाया...<br /><br />पर कहते है दोस्ती रहेगी उसकी क़ायम...<br />जिसने दोस्ती को दिल से निभाया...<br /><br />अब और मंज़िल पाने की हसरत नही...<br />किसी की याद मे मर जाने की फ़ितरत नही...<br /><br />आप जैसे दोस्त जबसे मिले...<br />किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नही...!!!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-6185466601133360087?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com2tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-64936718828214860282009-02-21T04:52:00.000+05:302009-02-21T04:53:44.088+05:30कुछ पल गुजार लूंरुक गई साँसे निकालने से पहले,<br />कहा एक बार उससे मिललूं चलने से पहले,<br /><br />कुछ पल गुजार लूं उसकी बाहों में,<br />ज़िन्दगी के ढलने से पहले,<br /><br />बहक जाऊं उसके आगोश में,<br />किसी और के साथ संभालने से पहले,<br /><br />पत्थर बना लूं खुद को तो अच्छा है,<br />एहसास जग न जाए यादों के बहल ने से पहले,<br /><br />मोहब्बत फिर भी करता तुझसे जो खबर होती,<br />इतना दर्द मिलेगा इस मोड़ के गुज़रने से पहले,<br /><br />बस इश्क का खुमार हो मुझमे,<br />डूब जाऊं इस नशे में इसके उतरने से पहले,<br /><br />सच होने की शर्त रखी कहाँ थी मैंने,<br />खवाबों की सीडियां चड़ने से पहले,<br /><br />क्या पता था डूब कर ही पार लग जाउंगा,<br />इस इश्क के समुन्दर में गिरने से पहले.<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-6493671882821486028?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com4tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-49596365422512680082009-02-18T22:02:00.000+05:302009-02-18T22:03:00.546+05:30एहसासएहसास<br /><br />एक भावना,एक माध्यम है <br />कुछ पाने और कुछ खोने का <br /><br />कभी ना कर सकी इस भावना का इज़हार <br />और ना ही कभी किया है इंतज़ार <br /><br /><br />एसे ही उमड़ पड़ता है <br />जब कोई चीज़ बहुत हो ज़्यादा,या बहुत कम <br /><br />दबे पाव आए , आहट भी ना होये <br />बस एक हलचल महसूस करता है <br /><br />गम और खुशियों से मिलन करता है <br />जुड़ ज़्याता है मन से, ज़िंदगी में ,ये अहसास <br /><br />मेरी ही भावना मुझे थमाता है <br />और अनकहे ही चला ज़्याता है, ये अहसास<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4959636542251268008?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-47692668845817153422009-02-18T21:59:00.000+05:302009-02-18T22:00:46.804+05:30प्रेम से जीतनफरत ऒ फैलाने वालों<br />यह तुम ठीक से जान लो<br />नहीं सफल हो सकते तुम<br />विष वमता में जान लो<br />मजहब नहीं सिखाता बैर<br />तुम्हे समझ क्यों ना आये<br />हिंसा कर दहशत फैलाना<br />रास तुम्हे कैसे आये<br />मातृ-भूमी पर मर मिटने का<br />जज्बा लिये हम जीते हैं<br />अनाचारियों को खत्म करने का<br />संकल्प लिये हम चलते हैं<br />विद्वेष का जहर घोल कर<br />जीत नहीं सकता कोई<br />नत् मस्तक हम प्रेम के आगे<br />हमें प्रेम से जीत सकता हर कोइ<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4769266884581715342?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com4tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-40093670618715404742009-02-11T01:40:00.001+05:302009-02-11T01:40:59.601+05:30सादा जीवन उच्च विचारसादा जीवन उच्च विचार को अपनाये सरकार<br />कोई बेचे ताज कोई मंदिर गुरुद्वार<br />उच्च विचार को बेच दिया गैरों के हाथ<br />बस जीवन की बाकी रह गयी कहानी<br />कोई सोये खाली पेट कोई करे मनमानी<br />कोई भूखों मरता है तो मर जाये<br />मेरा बिल बस चार लाख का बन जाये<br />यही है सादे जीवन की नयी परिभाषा<br />करो फील गुड और छोड़ो आशा<br />वतॅमान में उच्च विचार से भी कुछ होता है<br />यहाँ तो सारा खेल बस उच्च जीवन का है<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4009367061871540474?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com2tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-87033677249438965752009-01-11T02:22:00.000+05:302009-01-11T02:23:00.442+05:30मैंने देखा है करवट बदलते हुए बादलों कोमैंने देखा है करवट बदलते हुए बादलों को..........<br /><br />बारिश मै भीगते हुए आसमा को.........<br /><br />मैंने देखा है हवा के झोके से पेड़ों की डॉलियो को आपस मै सिमटते हुए........<br /><br />मैंने देखा है पंछीयों को अपनी दिशा बदलते हुए........<br /><br />मैंने देखा है इस रिम् झिम मै भिग्ते हुए खुद के बदन को........<br /><br />मैंने देखा है बाद्लो के पीछे से झाकते हुए चांद को.......<br /><br />मैंने महसूस की है तेरी खुश्बो इस बहती हुई हवा में......<br /><br />मैंने एह्सास किया है तुझे हर पल इस बदलते हुए मौसम मै......<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-8703367724943896575?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-37045234665258049432009-01-08T05:45:00.001+05:302009-01-08T05:45:45.421+05:30जहाँ प्यार मीले.ना ग़मों के हो साये ना दर्द का नामों नीशां ,<br />ए दील चल चलें वहाँ जहाँ प्यार मीले ।<br />दूर ख्वावों के देश मे कोई तो होगा अपना ,<br />इन्तेजार में पलकें बीछाये तकता होगा रस्ता अपना ।<br />दूर ग़मों को छोड़ चलें हम, दर्द सारे भूल चले हम,<br />छोड़ चलें उन यादों को , भूल चलें सारे गीले ,<br />ए दील चल चलें वहाँ ...जहाँ प्यार मीले....!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-3704523466525804943?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-71706469873801664322008-08-22T14:47:00.000+05:302008-08-22T14:48:20.751+05:30तुझे किया कहूं अए ज़िन्दगी...तुझे किया कहूं अए ज़िन्दगी , तेरे एक पल की खबर नहीं <br />में करून यकीन भी तो किस तरहां , तेरी शब् की कोई सहर नहीं <br />मेरी खुवैशूं का यह सिलसिला , है खान तक यह खबर नहीं <br />यह सफ़र सदी पे मुहीत है , मेरी उम्र एक पहर नहीं <br /><br />जहां दो घडी का सकूं मिले ,तेरी राह मैं वोह शजर नहीं <br />मै थकान से चूर हूँ इस कदर , कोई साया हद-इ- नज़र नहीं <br />वोह जो इश्क -इ -खून से हो आशना , कहिएं ऐसा दधा तर नहीं <br />मेरे दिल से भर के जला हु जो , यहाँ ऐसा कोई जिगर नहीं <br /><br />तेरी काज आदी सितम गेरी . कोई यह बताये किदर नहीं <br />तो है बे वाफी की दास्तान . गिला तुझ से कोई मगर नहीं <br />तुझे छोड़ना है तो छोड़ दे , मुझे मौत का कोई डर नहीं <br />वोह अंधेर नगरे है गर कोई , यह भी रातों का डगर नहीं<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-7170646987380166432?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com6tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-27604931161637859002008-08-18T17:24:00.001+05:302008-08-18T17:26:17.113+05:30डा. अहमद अली बर्की़ आज़मी की तीन ग़ज़लें१ सता लें हमको, दिलचस्पी जो है उनकी सताने में<br />हमारा क्या वो हो जाएंगे रुस्वा ख़ुद ज़माने में<br /><br />लड़ाएगी मेरी तदबीर अब तक़दीर से पंजा<br />नतीजा चाहे जो कुछ हो मुक़द्दर आज़माने में<br /><br />जिसे भी देखिए है गर्दिशे हालात से नाला<br />सुकूने दिल नहीं हासिल किसी को इस ज़माने में<br /><br />वो गुलचीं हो कि बिजली सबकी आखों में खटकते हैं<br />यही दो चार तिनके जो हैं मेरे आशियाने में<br /><br />है कुछ लोगों की ख़सलत नौए इंसां की दिल आज़ारी<br />मज़ा मिलता है उनको दूसरों का दिल दुखाने में<br /><br />अजब दस्तूर—ए—दुनिया— ए —मोहब्बत है , अरे तौबा<br />कोई रोने में है मश़ग़ूल कोई मुस्कुराने में<br /><br />पतंगों को जला कर शमए—महफिल सबको ऐ 'बर्क़ी'!<br />दिखाने के लिए मसरूफ़ है आँसू बहाने में.<br /><br /><br />२ नहीं है उसको मेरे रंजो ग़म का अंदाज़ा<br />बिखर न जाए मेरी ज़िंदगी का शीराज़ा<br /><br />अमीरे शहर बनाया था जिस सितमगर को<br />उसी ने बंद किया मेरे घर का दरवाज़ा<br /><br />सितम शआरी में उसका नहीं कोई हमसर<br />सितम शआरों में वह है बुलंद आवाज़ा<br /><br />गुज़र रही है जो मुझपर किसी को क्या मालूम<br />जो ज़ख़्म उसने दिए थे हैं आज तक ताज़ा<br /><br />गुरेज़ करते हैं सब उसकी मेज़बानी से<br />भुगत रहा है वो अपने किए का ख़मियाज़ा<br /><br />है तंग का़फिया इस बहर में ग़ज़ल के लिए<br />दिखाता वरना में ज़ोरे क़लम का अंदाज़ा<br /><br />वो सुर्ख़रू नज़र आता है इस लिए 'बर्क़ी'!<br />है उसके चेहरे का, ख़ूने जिगर मेरा, ग़ाज़ा<br /><br /><br />३ दर्द—ए—दिल अपनी जगह दर्द—ए—जिगर अपनी जगह<br />अश्कबारी कर रही है चश्मे—ए—तर अपनी जगह<br /><br />साकित—ओ—सामित हैं दोनों मेरी हालत देखकर<br />आइना अपनी जगह आइनागर अपनी जगह<br /><br />बाग़ में कैसे गुज़ारें पुर—मसर्रत ज़िन्दगी<br />बाग़बाँ का खौफ़ और गुलचीं का डर अपनी जगह<br /><br />मेरी कश्ती की रवानी देखकर तूफ़ान में<br />पड़ गए हैं सख़्त चक्कर में भँवर अपनी जगह<br /><br />है अयाँ आशार से मेरे मेरा सोज़—ए—दुरून<br />मेरी आहे आतशीं है बेअसर अपनी जगह<br /><br />हाल—ए—दिल किसको सुनायें कोई सुनता ही नहीं<br />अपनी धुन में है मगन वो चारागर अपनी जगह<br /><br />अश्कबारी काम आई कुछ न 'बर्क़ी'! हिज्र में<br />सौ सिफ़र जोड़े नतीजा था सिफ़र अपनी जगह<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-2760493116163785900?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com2tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-41044037349711102392008-08-07T13:46:00.001+05:302008-08-07T13:46:52.374+05:30$$$$$ नेता जी $$$$$झागरों शे अब करो किनारा<br />डूब रहा है देश हमारा !!<br /><br />सी. डी. के झूठ पर्दों से<br />वक्त फिरे है मारा-मारा !!!!<br /><br />चोर इधर से उधर गये हैं<br />सोना मत अब पहरेदारों !!<br /><br />घना अंधेरा मंगाई का<br />घर से चला गया उजियारा!!!!<br /><br />एक कयामत बरपा होगी<br />भूख ने जब लोगों को मारा!!<br /><br />ये मत भूलो काठ की हंडिया<br />चरड्टी नहीं फिर से दोबारा!!<br /><br />लावा बन कर इन्हे बता दो<br />बहुत हो चुका खेल तुम्हारा!!<br /><br />इंक़लाब की आग मे जलकर<br />अंजुम बन जा एक सितारा!!!!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-4104403734971110239?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-26730716725907944232008-07-10T09:43:00.000+05:302008-07-10T09:44:30.103+05:30एक छोटी-सी लव स्टोरीएक छोटी-सी लव स्टोरी<br />अपनी भी बन जाये<br />किसी के साथ जोड़ी<br />अपनी भी जच जाये<br /><br />इक हसीना मिल जाये<br />कोई महजबीना मिल जाये<br />लाइफ़ अपनी भी सेटेल हो जाये<br />इक छोटी-सी लव स्टोरी<br />अपनी भी बन जाये<br /><br />थोड़ी-सी मीठी हो वह<br />थोड़ी-सी तीख़ी हो वह<br />सीधी-सादी भोली-भाली हो<br />जो वाइफ़ मेरी बन जाये<br />इक छोटी-सी लव स्टोरी<br />अपनी भी बन जाये<br /><br />देखी तो है एक लड़की<br />जिसमें इतनी ख़ूबियाँ है<br />चाँद जैसी है वह गोरी<br />जिससे इतनी दूरियाँ हैं<br /><br />आये जब वह पास मेरे<br />हार्ट-बीट मेरी बढ़ जाये<br />दिल चाहता है यही कि<br />इक छोटी-सी लव स्टोरी<br />अपनी भी बन जाये<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-2673071672590794423?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com1tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-17162832005102972762008-05-28T16:40:00.002+05:302008-05-30T10:00:54.204+05:30नींद क्यूं रात भर नही आतीकोई उमीद भर नही आती<br />कोई सूरत नज़र नही आती<br /><br />मौत का एक दिन मुअय्यन है<br />नींद क्यूं रात भर नही आती<br /><br />आगे आती थी हाल-ए-दिल पे हँसी<br />अब किसी बात पे हँसी नही आती<br /><br />है कुछ ऐसी ही बात कि चुप हूँ<br />वरना क्या बात कर नही आती<br /><br />काबे किस मूँह से जाओगे "गालिब"<br />शर्म तुमको मगर नही आती<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-1716283200510297276?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com4tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-8692685253141561612008-05-22T16:42:00.000+05:302008-05-22T16:43:25.933+05:30आँखों में आँसू नहीं आतेआँखों में आँसू नहीं आते<br />क्योंकि मैं जानता हूँ<br />तुम लौटकर आओगी ज़रूर<br />यह दिल तन्हा कहाँ है<br />इसमें यादें हैं तुम्हारी<br />तुम रहो कितने भी दूर<br /><br />देखता हूँ तुम्हें<br />जब भी आँखें मूँद लेता हूँ<br />और कोई कहाँ है इनमें हुज़ूर<br />तुमसे प्यार किया है<br />यह दिल का सौदा है तुम्हीं से<br />क्यों न रहूँ थोड़ा मग़रूर<br /><br />पास आने के दिन आ गये<br />धड़कनों में बेक़रारी है<br />दिल में सुरूर ही सुरूर<br />वादियों में चले मौसम हरे<br />डालियों पर फूल गुलाबी हैं<br />निगाह में भर गया है नूर<br /><br />जादू-सा है फ़िज़ाओं में<br />खिल रहे हैं ख़्याल हर-सू<br />क्यों न आये तुम्हारा मज़कूर<br />दिल बहलता नहीं बातों से<br />यह कैसा सिलसिला है<br />चैन आये गर आये वह हूर<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-869268525314156161?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com4tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-33582054928003203862008-05-20T16:55:00.000+05:302008-05-20T16:56:34.668+05:30मेरी मोहब्बत क्या जानेतू दिल कि हालत क्या जाने<br />मेरी मोहब्बत क्या जाने<br />मेरी रुह की गह’राई में<br />बस तेरी पर’छाई है<br />जिंन्दगी के खालिपन की <br />एक तू ही भर’पाई है<br />तू यादों की खुश’बू बन’के <br />आज मुझ पे छाई है<br />सांसो की तरह मेरी ध’ड़्कनों<br />में तू समाई है<br />तुझे दूर कैसे रखूँ अप’ने से<br />ये तो प्यार कर’ने की सज़ा है<br />जो हम’ने आप’से पाई है !!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-3358205492800320386?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com0tag:blogger.com,1999:blog-2705504771605831865.post-79608775769011823232008-05-20T16:54:00.001+05:302008-05-20T16:54:24.376+05:30कुछ मौसम सपने लगते हैशबनम के कतरो मे कैसे खिज़ा के रंग झलकते है<br />फूलो के चेहरो से खुशबू के मोती बिखरते है<br />हवाओ की रवानी से आती है सरगम कर रिमझिम<br />जब पानी की लहरो से वो अटखेलिया करती आती है<br />पैरो की कितारो मे फिर ठंडक बसाने आती है<br />जब सुरज से मिलकर शाम सुनहेरी हो जाती है<br />कुछ मौसम सपने लगते है कुछ मौसम अपने लगते है<br />पर दोस्त मिले तुम जैसा तो सब मौसम सच्चे लगते है<br />ज़िन्दगी की तन्हा लेहरो मे जो दोस्ती के मोती पिरोते है<br />वो फूलो की तरहा दिल की राहो को मेहकाते है<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/2705504771605831865-7960877576901182323?l=neerajrajput.blogspot.com'/></div>Neerajhttp://www.blogger.com/profile/14980021053914944796neeraj321@gmail.com0