tag:blogger.com,1999:blog-2693843557556416182.post-22232614527526368852007-05-07T16:27:00.001+05:302007-06-02T22:00:10.523+05:30याद<span style="font-size:130%;">आज अकेला ही सफ़र मै था ।<br />यह पहली बार नही था ।<br />पर पहली बार था कि<br />मै अकेला महसूस कर रहा था ।<br /><br />कभी ना हुआ ऐसा की<br />तुम याद आये हो ।<br />पर आज मै हर वक़्त<br />तुम्हारे साथ था ।<br /><br />आज मै अधूरा था,<br />या कहूँ पुरा था ।<br />जब मुझे ऐहसास था<br />अपने साथ तुम्हारा ।</span>Yatish Jainhttp://www.blogger.com/profile/14283748451497318321noreply@blogger.com