tag:blogger.com,1999:blog-24815045628175730542009-07-05T15:20:07.457+05:30प्रगत भारतप्रगत-भारत (Progressed India) के निर्माण हेतु कुछ विचार-बिन्दू <BR> <i>शिव भगवानुवाच : सत्ययुग में संसार-भर में एक ही भाषा होगी- 'हिन्दी'</i>हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.comBlogger53125tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-3295385052806561102009-06-16T16:33:00.009+05:302009-06-17T12:24:49.449+05:30बस! जलती तीली अपने पैरों में छुआ दोबस! जलती तीली अपने पैरों में छुआ दोJust touch burning stick on your legएक्जिमा का सबसे सरल इलाजएक वन अधिकारी के पैरों में तीव्र एक्जिमा रोग हुआ था। इसका एक सबसे सरल उपाय यों सुझाया गया।""एक अत्यन्त सरल उपाय है, रोग एक दम ठीक हो जाएगा। आपके भी एकदम सुन्दर हो जाएँगे, बिल्कुल फिल्मी हीरोईन के पैरों की तरह।"उन्होंने पूछा-- "तो फिर जल्दी बताइए ना।"उत्तर था-- "जी! बस अपने पैरों पर जरा-सा पेट्रोल लगा करहरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com3tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-66608518789615662532009-06-16T08:21:00.004+05:302009-06-16T09:03:08.255+05:30बढ़ती वैश्विक गर्मी - जलते जंगलबढ़ती वैश्विक गर्मी - जलते जंगलGlobal Warming - Burning Forestsविश्व का तापमान (global warming) निरन्तर बढ़ता जा रहा है। इसके खतरों से आगाह करते हुए अनेक सचेतनता लाने के कार्यक्रम, सेमिनार, प्रचार आदि किए जा रहे हैं।वैश्विक तापवृद्धि के अनेक कारणों में से एक प्रमुख कारण है, जंगलों में आग। विशेषकर पतझड़ की ऋतु, अप्रेल-मई के महीने में जंगलों में आग लगी दिखाई देती है। कहते हैं कि गर्मी के कारण हवा हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com5tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-2997870373587526722009-06-10T18:11:00.007+05:302009-06-10T18:44:00.668+05:30धिक्कार! पर्यावरणविदो!So called Environmentalists धिक्कार! पर्यावरणविदो!उन पर्यावरणविदों को धिक्कार है, जो कूड़ा-करकट जलाकर बिजली बनानेवाले संयंत्रों की स्थापना तथा प्रचालन का विरोध करते हैं। आन्दोलन करके उन्हें बन्द करवा देते हैं। किन्तु सड़कों के किनारे, घनी बस्ती व बाजार के बीच यत्र-तत्र-सर्वत्र कूड़े के ढेर इकट्ठा कर आग लगानेवाले लोगों, नगरपालिका के कर्मचारियों का विरोध नहीं करते। ऐसे तथाकथित पर्यावरण-प्रेमी हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com4tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-33074072768052658542008-07-12T16:16:00.004+05:302008-07-13T18:34:44.430+05:30पूर्णविराम का प्रयोग करें, फुलस्टॉप का नहींUse PurnaViram not Fullstopपूर्णविराम का प्रयोग करें, फुलस्टॉप का नहींअखबारों (बीबीसी, टाइम्स ग्रूप, सरिता-मुक्ता ग्रूप आदि) में पूर्णविराम की जगह Fullstop का प्रयोग सिर्फ सुविधा और शीघ्रता की दृष्टि से किया जाता है। क्योंकि कीबोर्ड लेआऊट में fullstop सामान्य की से टाइप हो जाता है, किन्तु पूर्णविराम के लिए शिफ्ट की दबाए रखकर टाइप करना पड़ता है (inscript में)। जिससे अतिरिक्त भार पड़ता है और कुछ हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com5tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-4372360975618816222008-02-15T14:38:00.004+05:302008-02-15T15:06:10.305+05:30पेड़ लगाना भी अपराध है?पेड़ लगाना भी अपराध है?Planting a tree is also a crime?आश्चर्य की बात है कि भारत में पेड़ काटना नहीं, बल्कि एक पेड़ लगाना अपराध है।भारतीय दण्ड विधान की धारा के अन्तर्गत भले ही पेड़ काटने को गम्भीर अपराध माना जाता है, फिर भी गरीब आम जनता ही नहीं, सरकारी संस्थान, ठेकेदार और राजनेता मिलकर धड़ल्ले से पेड़ काट/उखाड़ कर लड़कियाँ बेच मिल बाँट खा-पी डालते हैं, उनपर कोई कार्रवाई नहीं होती। लेकिन यदि कोई हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com5tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-91791754596433970552007-10-23T18:01:00.000+05:302007-10-24T11:10:24.729+05:30रावण-दर्शन हेतु उमड़ी भीड़ भारीCrowd for seeing raavanaरावण-दर्शन हेतु उमड़ी भीड़ भारीइस बार भी दशहरे की शाम को रावण-दर्शन के लिए लोगों की जितनी भारी भीड़ दिखाई दी, उतनी देवी-दुर्गा के दर्शनों के लिए नहीं।दिन के समय में ही बच्चे अपने अपने माता-पिता के पीछे पड़े थे-- “रावण का विशाल पुतला पूरा बन गया होगा, चलो हमें दिखाकर लाओ ना..." बच्चों को ही नहीं, बड़े-बूढ़ों को भी रावण के दर्शन करने का जितना शौक चढ़ा उतना तो विभिन्न हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com3tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-12771097026446766312007-10-17T13:05:00.000+05:302007-10-17T17:29:07.510+05:30हिन्दुस्तान में हिब्रू, जापानी, फ्रेंच… है, पर हिन्दी नहींIndia has Hebrew, CJK, French… But not Hindiहिन्दुस्तान में हिब्रू, जापानी, फ्रेंच… है, पर हिन्दी नहींहाल ही में मुझे वाराणसी तथा गोरखपुर के एक सप्ताह के दौरे पर जाना पडा, जो हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ ज्ञान-केन्द्र माने जाते हैं। वहाँ अपनी ईमेल देखने तथा ब्राउजिंग के लिए कई इण्टरनेट कैफे के चक्कर लगाने पड़े। देखा कि उन कैफे के कम्प्यूटरों में हिन्दी संस्थापित ही नहीं है, जबकि हिब्रू, फ्रेंच, जर्मन, हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com12tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-73172708034480568712007-10-16T17:00:00.000+05:302008-12-11T11:02:46.814+05:30देवनागरी “श” का रहस्यSecrets of Devanaagarii Shदेवनागरी “श” का रहस्यगूगल हिन्दी चिट्ठाकार चर्चा समूह में देवनागरी लिपि के "श" वर्ण तथा इससे बननेवाले संयुक्ताक्षरों के विविध रूपों के बारे में प्रश्नोत्तर एवं चर्चा चल रही हैं। चूँकि गूगल चर्चा समूह में सचित्र सोदाहरण उत्तर देना सम्भव नहीं हैं, अतः यहाँ समस्या का समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।"देवनागरी लिपि का क्रम-विकास" शोध से स्पष्ट होता है कि तालू हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com12tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-18123485744116789152007-09-20T16:36:00.000+05:302007-09-20T17:01:24.972+05:30रामसेतु तोड़ने सम्बन्धी पर्यावरणीय दृष्टि2कोलकाता से प्रकाशित दैनिक समाचारपत्र 'सन्मार्ग' दिनांक 19 सितम्बर,2007 के पृष्ठ-3 पर रामेश्वरम् से श्रीलंका तक के रामसेतु के तोड़ने से उपजनेवाले पर्यावरण सम्बन्धी नुकसान और कुछ और प्रकाश डाला गया है।ओड़िशा के केन्द्रापड़ा में विश्व प्रसिद्ध "ओलिव रिडले" प्रजाति के कछुए समुद्री मार्ग से आते हैं तथा यहाँ विहार करते हैं। इन कछुओं के बचाव में लगे वैज्ञानिकों के अनुसार इन बड़े आकार के दुर्लभ कछुओं को हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com6tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-63753130883410827692007-09-18T12:04:00.001+05:302008-12-11T11:02:46.967+05:30रामसेतु तोड़ने सम्बन्धी पर्यावरणीय दृष्टिहिन्दी चिट्ठाकार गूगल समूह की इस परिचर्चा में रामसेतु को तोड़ने के बारे में कई विचार व्यक्त किए गए हैं। अखबारों में इसके पक्ष और विपक्ष में तर्क-वितर्क दिए जा रहे हैं। कई लोग इसे राजनीतिक खेल कहते हैं तो कई अन्य इसे धार्मिक और पौराणिक आस्था का प्रतीक मानकर इसकी रक्षा की दुहाई दे रहे हैं।रामेश्वरम् के धनुषकोड़ि से लेकर श्रीलंका के मुन्नार टापू तक रामसेतु को तोड़ने के मामले को धार्मिक आस्थाओं और हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com12tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-8969521181842075522007-09-01T18:21:00.000+05:302008-12-11T11:02:47.230+05:30देवनागरी संयुक्ताक्षर "ज्ञ" का रहस्यदेवनागरी संयुक्ताक्षर "ज्ञ" का रहस्यSecret of Devanaagarii Conjunct "jna"हिन्दी चिट्ठाकार गूगल समूह में इस परिचर्चा कड़ी में "ज्ञ" के शुद्ध रूप तथा उच्चारण के बारे में कई प्रश्नोत्तर चल रहे हैं।कुछ लोग इसका उच्चारण "ग्य" जैसा करते हैं, कुछ लोग "ग्यँ" उच्चारण करते हैं, कुछ "द्‍न्य" जैसा, कोई "ग्न" जैसा तो कोई "ज्न्य" जैसा उच्चारण करते हैं। भारत के विभिन्न स्थानों पर इस देवनागरी संयुक्ताक्षर का हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com13tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-67600573979880448462007-08-23T16:30:00.000+05:302007-08-24T15:16:57.570+05:30सावधान! परोक्ष धूमपान अधिक खतरनाकIndirect Smoking is more dangerousकई घटनाओं में देखा गया है कि जो व्यक्ति धूमपान का आदी है, उसे तो कुछ रोग नहीं होता, लेकिन उसकी पत्नी को कैन्सर हो जाता है। उसके आसपास रहने, उठने, बैठनेवालों को गम्भीर बीमारियाँ हो जाती हैं।<?xml:namespace prefix = o />इसका कारण बताते हुए चिकित्सा वैज्ञानिकों ने बताया है कि जो व्यक्ति धूमपान करता है वह बीड़ी/सिगरेट/सिगार आदि में तम्बाकू के जलने पर उत्पन्न धुएँ मेंहरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com9tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-38727823898425122952007-08-20T16:59:00.000+05:302007-09-01T19:05:56.531+05:30रोमन लिप्यन्तरण हेतु मानकों का निर्धारण भाग-2रोमन लिप्यन्तरण हेतु मानकों का निर्धारण भाग-2Indic Scripts Roman Transliteration Standardisation2भारतीय लिपियों के पाठ को "रोमन लिपि में लिप्यन्तरण हेतु मानक-निर्धारण" विषय पर मेरे पूर्व आलेख पर श्रीशजी ने तथा पीयूष जी ने एवं अनुनाद जी ने कुछ महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी प्रश्न उठाए हैं, जिनके जबाब निम्नवत् प्रस्तुत हैं:प्रश्न : क्या यह रोमन लिप्यन्तरण स्कीम हिन्दी तथा भारतीय भाषाओं के डैटाबेस हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com3tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-29125981692178868052007-08-18T16:02:00.000+05:302008-12-11T11:02:47.605+05:30लड़का या लड़की मनचाही सन्तान प्राप्ति का सहज उपायलड़का या लड़की मनचाही सन्तान प्राप्ति का सहज उपायVedic way for Male Female childbirthपीएनएन में मीनाक्षी अरोड़ा जी ने "जेंटर मेंटर किट: बेटी तुम्हें मारने का एक और नया तरीका" नामक लेख में कन्या भ्रूण हत्या के मामलों का कटु-सत्य प्रकाशित किया है। देश भर में कन्या भ्रूण-हत्याओं के मामलों के हृदय-विदारक समाचार मिलते रहते हैं। हाल ही में उड़ीसा के नयागढ़ के एक प्राईवेट नर्सिंग होम के सेफ्टी टैंक से हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com9tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-43031581533941219252007-08-17T16:16:00.000+05:302007-08-18T18:58:34.532+05:30हिन्दी श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर उन्मोचितहिन्दी श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर उन्मोचितHindi Speech Recognition Softwareसभी हिन्दी भाषियों, हिन्दी प्रेमियों, हिन्दी चिट्ठाकारों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है कि हिन्दी में भी अब श्रुतलेखन सॉफ्टवेयर आ गया है। सन् 1993 से सँजोया गया हमारा सपना अब साकार हो गया लगता है जिसकी परिकल्पना क्या कम्प्यूटर क्रान्ति लाएगी हिन्दी क्रान्ति नामक आलेख में इस चिट्ठे पर की गई थी। चलो देर आए, दुरस्त आए!इसके लिए धन्यवादहरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com13tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-88798662169398801852007-08-14T16:57:00.000+05:302008-12-11T11:02:49.201+05:30वैदिक संस्कृत स्वर चिह्नों का यूनिकोड मानकीकरणवैदिक संस्कृत स्वर चिह्नों का यूनिकोड मानकीकरणVedic Sanskrit Unicode Encodingsप्रतीक जी ने अपने चिट्ठे पर यूनिकोड और वैदिक संस्कृत में प्रश्न किया है कि वैदिक संस्कृत में प्रयुक्त विशेष स्वराघात चिह्नों या वर्णों को यूनिकोड में कम्प्यूटर पर कैसे टंकित किया जाए। अतः यहाँ इस सम्बन्ध में अभी तक हुई प्रगति तथा कुछ तकनीकी जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।वेदों को "श्रुति" कहा गया है। आरम्भ में हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com6tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-81500269154400496242007-08-13T17:53:00.000+05:302008-12-11T11:02:49.713+05:30भाषा कुञ्जीपटल बदलने हेतु बेहतर कुञ्जीभाषा कुञ्जीपटल बदलने हेतु बेहतर कुञ्जीBetter Language Keyboard toggle keyश्रीश जी ने ईपण्डित पर तकनीकी आलेख हैक - बरहा, कैफे हिन्दी आदि द्वारा एम एस‌ वर्ड में हिन्दी टाइप करना में विण्डोज-एक्सपी के कण्ट्रोल पैनल में की-बोर्ड ले-आऊट जोड़ने की अच्छी तथा उपयोगी तकनीकी जानकारी प्रकाशित की है।इसमें अपने अनुभव से एक और बेहतर कदम जोड़ने के लिए विवरण यहाँ दिया जा रहा है। यह देखा गया है कि अंग्रेजी तथा हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-16341259816329266232007-08-07T18:19:00.001+05:302008-12-11T11:02:51.744+05:30डीटीपी व ग्राफिक्स सॉफ्टवेयरों में भारतीय युनिकोड अनुकूलताडीटीपी व ग्राफिक्स सॉफ्टवेयरों में भारतीय युनिकोड अनुकूलताIndic Unicode compatibility in DTP and Graphics Softwares<?xml:namespace prefix = o />अन्तर्राष्ट्रीय वर्ण-कूट मानक 16-बिट युनिकोड की लोकप्रियता संसार-भर में दिन-दूनी रात-चौगनी बढ़ती जा रही है तथा इसके साथ ही हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में भी वेबसाइट, ब्ल़ॉग चिट्ठे, ऑन-लाइन वेब आधारित औजारों/उपकरणों/सुविधाओं का प्रयोग धड़ाधड़ बढ़ते जा हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com7tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-60363551788923858952007-08-03T18:16:00.000+05:302008-12-11T11:02:52.647+05:30विण्डोज-98 में युनिकोड सक्षमता लानाविण्डोज-98 में युनिकोड सक्षमता लानाUnicode Enabling in Win98श्रीश जी ने अपने चिट्ठे ईपण्डित पर तथा इस कड़ी पर विण्डोज-98 में युनिकोड हिन्दी की कार्यक्षमता के सम्बन्ध में कुछ ज्वलन्त मुद्दे उठाए हैं, जिनके कारण-दर्शाते हुए निवारण हेतु कुछ उपाय यहाँ दर्शाए जा रहे हैं।पुराने कम्प्यूटरों में, जिनमें विण्डोज 95/98/ME आपरेटिंग सीस्टम् होता है, उनमें अन्तर्राष्ट्रीय मानकीकृत वर्ण-कूट (character-code) हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com13tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-90445477041869420712007-07-11T12:46:00.000+05:302008-12-11T11:02:53.403+05:30रोमन लिपि में लिप्यन्तरण हेतु मानक-निर्धारणStandardisation of Roman Transliteration of Indic Scriptsभारतीय लिपियों के पाठ को रोमन लिपि में लिप्यन्तरण हेतु मानकों का निर्धारणदेवनागरी तथा अन्य भारतीय लिपियों के पाठ को रोमन लिपि में प्रकट करके येन-केन प्रकारेण कम्प्यूटर तथा इण्टरनेट पर संचार करने के लिए अनेक पद्धतियाँ प्रचलित हैं, जिनमें अविनाश चोपड़े जी द्वारा विकसित आईट्रान्स (ITrans) सबसे ज्यादा प्रचलन में रही है। इसके साथ विनय जैन जी का हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com12tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-75130173727178973002007-06-30T17:20:00.000+05:302007-07-06T18:17:10.999+05:30अंग्रेजी-हिन्दी वाक्यांश कोश की आवश्यकताअंग्रेजी-हिन्दी वाक्यांश कोश की आवश्यकताअंग्रेजी-हिन्दी के अनेक मुद्रित शब्दकोश बाजार में उपलब्ध हैं। इण्टरनेट पर कई ई-शब्दकोश भी उपलब्ध हैं। कई ऑनलाइन-शब्दकोश भी उपलब्ध हैं। इनमें से प्रमुख है http://www.shabdkosh.com/ तथा इसके अलावा अनेक ऑन-लाइन शब्दकोश भी विकसित किए जा रहे हैं जिनके निकट भविष्य में इण्टरनेट पर भी उपलब्ध होने की सम्भावनाएँ हैं।शास्त्री जे॰सी॰ फिलिप जी ने भी अपने जालस्थल http://हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com6tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-61423750017999519162007-06-12T15:57:00.000+05:302007-06-12T16:04:01.542+05:30ग्लोबल वार्मिंग कम करने हेतु उपग्रहों का प्रयोगग्लोबल वार्मिंग कम करने हेतु उपग्रहों का प्रयोगपृथ्वी पर बढ़ते तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) को कम करने हेतु एक अच्छा उपाय सुझाया है-- डेण्टोन, अमेरिका के मि. क्रिश विलिस ने - कि एक विशाल सूर्य ढाल (Sun Shield) बनाकर अन्तरिक्ष में पृथ्वी की भूस्थिर कक्षा में प्रक्षेपित करके स्थापित दी जाए, जो एक उपग्रह की तरह पृथ्वी का चक्कर इस प्रकार लगाती रहे कि हमेशा पृथ्वी और सूर्य के बीच सामने बनी रहे और विशेषकर हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-14923396019668275742007-06-11T18:37:00.000+05:302007-06-12T16:05:40.380+05:30सूरज पर दाग - बढ़ती गर्मी का कारणसूरज पर दाग - बढ़ती गर्मी का कारणचाँद पर दाग हैं, सभी इसे देख लेते हैं। चाँद पर दाग विषय पर अनेक कवियों की कलम चल चुकी है। दाग तो सूर्य पर भी होते हैं। चाँद के दाग तो सभी देख लेते हैं, किन्तु सूरज के दाग कौन देखे? जो सूरज के दाग देखने जाएगा, उसकी आँखें फूट सकती है उसके प्रखर व अनन्त प्रकाश से। शायद इसीलिए कहा गया है कि "बड़ों की गलतियाँ नहीं देखी जाती।"आजतक दूरदर्शन चैनल पर एक समाचार में बताया हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-21413759921274260052007-06-05T17:09:00.000+05:302008-12-11T11:02:53.794+05:30पर्यावरण दिवस.... कुछ विशेष उपाय...पर्यावरण संरक्षण हेतु कुछ विशेष उपाय....आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अखबारों, वेबपृष्ठों में काफी सामग्री प्रकाशित हुई है। अनेकों जनसभाओं में भाषण दिए गए हैं। कुछ संस्थाओं द्वारा पौधे रोप कर रस्म निभा ली गई है। किन्तु वस्तुतः ठोस कदम उठानेवाले बहुत कम ही हैं।पर्यावरण की हानि, वनों की अन्धाधुन्ध कटाई, प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु-परिवर्तन के दुष्परिणामों से उपजने वाले विनाशकारी संकटों की हरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com14tag:blogger.com,1999:blog-2481504562817573054.post-59034785888265183942007-05-24T10:24:00.000+05:302008-12-11T11:02:54.111+05:30तपती गर्मी में बहुमंजिली इमारतों को शीतल रखने का सरल उपाय... तपती गर्मी में बहुमंजिली इमारतों को शीतल रखने का सरल उपाय...तपती गर्मी में मकानों को ठण्डा रखने के कुछ उपाय पिछले लेखों में बताए गए थे। कई लोगों ने प्रश्न किया था कि बहुमंजिली इमारतों में, जहाँ लोग फ्लैट्स में रहते हैं। उनके पास बागवानी के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होता। सिर्फ बालकोनी में दो-चार गमले रखे जा सकते हैं। वहाँ बाहरी दीवारों को धूप से बचाकर ठण्डा रखने का कोई सरल उपाय नहीं है? पेड़ पौधोंहरिरामhttp://www.blogger.com/profile/12475263434352801173noreply@blogger.com8