tag:blogger.com,1999:blog-2447898294488562857.post-10372957387609945632007-11-17T01:25:00.000-08:002007-11-17T01:26:59.672-08:00महर्षि अरबिंद :<a href="http://bp1.blogger.com/_htfHEBB3KMM/Rz6zzwR6gzI/AAAAAAAAAI8/Vp9X_YPUayI/s1600-h/aurobindo_200.jpg"><img id="BLOGGER_PHOTO_ID_5133738326963684146" style="FLOAT: left; MARGIN: 0px 10px 10px 0px; CURSOR: hand" alt="" src="http://bp1.blogger.com/_htfHEBB3KMM/Rz6zzwR6gzI/AAAAAAAAAI8/Vp9X_YPUayI/s320/aurobindo_200.jpg" border="0" /></a><br /><div><strong><span style="color:#990000;">हिंदु मुस्लिम एकता असंभव है क्योकि कुरान-मत हिंदु को मित्र के रूप में सहन नहीं करता, हिंदु मुस्लिम एकता का अर्थ हिन्दुओ की गुलामी नहीं होनी चाहिए इस सच्चाई की उपेक्षा करने से लाभ नहीं की किसी दिन हिन्दुओ को मुसलमानो से लारने हेतु तैयार होना होगा और होना चाहिए, हम भ्रमित न हो और समस्या के हल से पलायन न करें, हिंदु मुस्लिम समस्या का हल अंग्रेजों के जाने से पहले सोच लेना चाहिए अन्यथा गृहयुद्ध की खतरे की संभावना है<br /></span></strong></div><br /><div><strong><span style="color:#ff0000;">से लिया गया :- ए बी पुरानी इवनिंग टाक्स विद अरविन्दो पृष्ठ २९१.२८९.६६६ </span></strong></div>Gopal Kumar Azadhttp://www.blogger.com/profile/17026889315614855803noreply@blogger.com