tag:blogger.com,1999:blog-241760082009-06-05T11:01:23.486Zनारद उवाच<b>नारद रखे सबकी खबर </b>
ये मंच आप सभी को <a href="http://narad.akshargram.com"> नारद </a> की साइट के बारे मे सूचनाएं, जरुरी घोषणाएं और साइट अपडेट देने के लिये है।Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.comBlogger47125tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-7792265068850299832008-02-11T12:43:00.000Z2008-02-11T12:56:42.908Zये दिल माँगे ज़्यादाकुछ नारद भक्तों ने माँग की कि नारद पर 100 से भी अधिक पोस्ट दिखनी चाहिए तो उनकी बात मानते हुए अब नारद पर अधिकतम 150 दिखाने की व्यवस्था कर दी गई है।<br /><br /><img src="http://www.akshargram.com/narad/blog/uploaded_images/narad_150_posts-703973.gif" border="0" /><br /><br />डिफॉल्ट रूप से अभी भी पहले जितनी पोस्ट ही दिखेंगी परन्तु यदि आप अधिक पोस्ट पढ़ना चाहते हैं तो पहले की तरह पेज के ऊपरी भाग में स्थित विकल्पों में से एक को चुन उतनी पोस्ट पढ़ सकते हैं।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-779226506885029983?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Amitnoreply@blogger.com4tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-51831419637952758762007-12-31T06:53:00.000Z2007-12-31T06:59:33.712Zनारद पधारेंगे आपके एक क्लिक पर, बस मन से पुकारिए!नारदमुनि के भक्त (तकनीकी दल) सदैव नारदजी के साज श्रृंगार में व्यस्त रहते हैं, तथा नई नई सुविधाएँ लाते रहते हैं. <p>इसी कडी मे नारद मुनि को एक क्लिक में प्रगट करने का इलाज कर लिया गया है. इसके लिए आपको <a href="http://toolbar.google.com/">गुगल टुलबार</a> का नवीनतम संस्करण इंस्टोल करना होगा.</p> <p>इसके बाद, आपको सिर्फ यहाँ क्लिक करना है: <a href="http://toolbar.google.com/buttons/add?url=http://akshargram.com/images/narad.xml">पधारो नारद </a></p> <p>यह गुगल का कस्टमाइज बटन है।</p> <p><img title="narad button" alt="narad button" src="http://i53.photobucket.com/albums/g64/pbengani/NARADIMAGE.jpg" align="middle" /> </p> <p> </p> <p>फिलहाल गुगल टुलबार का बटन ही बना है, कुछ दिनों के अन्दर याहु और एम.एस. एन. टुलबार के बटन भी उपलब्ध हो जाएंगे.</p><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-5183141963795275876?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>पंकज बेंगाणीpbengani@gmail.com3tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-2774034482423390352007-11-19T08:24:00.000Z2007-11-19T08:35:39.066Zभक्त रवि रतलामी की पीड़ा और समाधाननारायण! नारायण!<br />नारदमुनि को भक्त <a href="http://raviratlami.blogspot.com/">रवि रतलामी </a>का पत्र मिला है जिसका सार कुछ इस प्रकार है :<br /><br /><blockquote>आपकी गति अचंभित करने वाली है. बधाई स्वीकारें. परंतु यह गति हमारे जैसे फीड में पढ़ने<br />वालों के लिए कोई काम की नहीं है. क्या आप अपनी फ़ीड में उन चिट्ठों की पूरी फ़ीड नहीं दे<br />सकते जो अपनी फीड खुली रखे हुए हैं? तब यह ज्यादा उपयोगी होगा.</blockquote><br /><br />हमने विचार विमर्श के बाद उनके सुझाव को मान लिया है। अब <a href="http://feeds.akshargram.com/naradteevra/">नारद तीव्र के फीड </a>में, जिन चिट्ठों की पोस्ट पूरी उपलब्ध होगी, उन सभी चिट्ठों की पोस्ट समरी की जगह पूरी पोस्ट दिखायी जाएगी। जिन चिट्ठों की फीड में पोस्ट सक्षिप्त अवस्था मे उपलब्ध है उनके लिए नारदमुनि कुछ नही कर सकते, क्योंकि ये चिट्ठाकार का अधिकार है कि वो अपने फीड मे पूरी पोस्ट दिखाए अथवा पोस्ट की एक झलक। आशा है अन्य एग्रीगेटर अपने हिसाब से इस विषय पर निर्णय लेंगे।<br /><br />नारद सबकी सुनते है। <br />नारद पर अपना विश्वास बनाए रखिए।<br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-277403448242339035?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com7tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-19716526148002058492007-11-11T06:31:00.000Z2007-11-11T06:48:59.209Zनारद अपडेट : धन्यवाद और निवेदननारायण! नारायण!<br />नारद के भक्तों का बहुत बहुत धन्यवाद, आपके अपार प्रेम और सहयोग का ही परिणाम है कि इस साइट को ढेर सारे हिट्स मिल रहे है। हमने काफी सारे ब्लॉग्स नारद मे जोड़े है, लेकिन फिर भी किसी भक्त का ब्लॉग नारद पर ना दिख रहा हो, तो हमे इस पोस्ट की टिप्पणी मे लिंक के साथ खबर करें, हम उसे तुरन्त जोड़ लेंगे।<br /><br /><strong>स्वयंसेवकों की आवश्यकता</strong><br />नारद को कुछ स्वयंसेवकों की आवश्यकता है, इन स्वयंसेवकों का कार्य होगा नए चिट्ठों की खोज और उन्हे नारद पर जोड़ने की संतुति करना। सारा कार्य आटोमेटिक होगा, जिसमे आपको किसी भी प्रकार की इमेल नही लिखनी पड़ेगी। हम स्वयंसेवकों को तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे और चाहेंगे कि ऐसे स्वयं-सेवक आगे आए।<br /> <br /><strong>अन्य एग्रीगेटरों से निवेदन</strong><br />एक बार आप सभी को याद दिला दें, नारद ने ही एग्रीगेटरों के बीच लिंक एक्सचेंज की शुरुवात की थी (नारद तीव्र पर अभी लिंक दोबारा लगाए जाने है)और हम इस सदभाव और सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते है, जहाँ प्रतिस्पर्धा का स्थान परस्पर सहयोग और सामंजस्य ले। तभी हिन्दी के चिट्ठे हजारों मे लिखे और दिखाए जा सकेंगे। हम चाहेंगे कि नए चिट्ठों का पंजीयन एक साथ सभी एग्रीगेटरों पर हो सके, ताकी फीड एक समान दिखे। पाठक की मर्जी होगी कि वो किस एग्रीगेटर के द्वारा चिट्ठे देखता है। अगर देखा जाए हम सभी का काम चिट्ठों के लिंक दिखाना है, जो सभी एग्रीगेटर कर रहे है। वैल्यू एडीशन सर्विसेस के लिए सभी एग्रीगेटर अपने स्तर पर सोचें। अब यह सहयोग इन एग्रीगेटरों के संचालकों की सहमति और इच्छा पर निर्भर करता है। हम खुले मन से इस पहल को करना चाहते है और चाहेंगे कि सभी एग्रीगेटरों के संचालक एक मंच बनाए जहाँ पर पारस्परिक सहयोग के विषयों की चर्चा हो सके। एक बात हमेशा ध्यान रखिएगा, <strong>मुट्ठी मे ताकत होती है, अलग अलग अंगुलियों मे नही।</strong> <br /><br />दीपावली की शुभकामनाओं के साथ<br />-नारदमुनि<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-1971652614800205849?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com12tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-37902229941644220912007-11-07T02:00:00.000Z2007-11-06T21:24:34.565Zपेश है नारद तीव्रनारायण! नारायण!<br /><br />नारदमुनि पुन: प्रस्तुत है, इस बार नारद के तीव्र संस्करण <a href="http://narad.akshargram.com/"><strong>नारद तीव्र</strong> </a>के साथ। जैसा कि आपको पता ही होगा कि टीम नारद इस समय <strong>नारद के तृतीय संस्करण</strong> पर कार्य कर रही है। लेकिन हमने देखा कि नारद की अनुपस्थिति मे भक्त गणों को बहुत कष्ट हो रहा था, इसलिए हम आपके लिए <strong>नारद तीव्र</strong> लेकर आए है। <strong>नारद तीव्र</strong> मे बिना तामझाम के चिट्ठों के लेखों का संकलन होगा। सरल, सुगम और सहज संकलन के पूरे पूरे प्रयास किए गए है। एक एग्रीगेटर का प्रथम कार्य होता है चिट्ठों की फीड दिखाना, नारद तीव्र मे यही कार्य हम कर रहे है। इस तीव्र संस्करण कुछ बदलाव है जो इस प्रकार है:<br /><ol><li>अब ब्लॉग के पंजीकरण की आवश्यकता नही होगी, यदि आपका हिन्दी ब्लॉग है और उसका फीड सार्वजनिक है तो हम उसे यहाँ अवश्य दिखाएंगे।</li><li>नारद के दरवाजे सभी प्रकार के चिट्ठों के लिए खुले है, भले ही आप हमारी आलोचना करें अथवा तारीफ़, मन के विचारों पर लिखे या किसी भी विषय पर, हम नारद तीव्र पर उसे अवश्य दिखाएंगे।</li><li>नारद तीव्र से ब्लॉग्स को <a href="http://www.hindiblogs.org/index.php?PHPSESSID=500e06a75a7de7d7f0b3fae3b3ee2f2a">हिन्दी चिट्ठा निर्देशिका </a>पर लिंकित कर दिया गया है, जहाँ पर पंजीकरण करने पर आपको और सुविधाएं मिलेंगी। ज्यादा जानकारी के लिए नारद तीव्र पर अपने चिट्ठे के लिंक पर क्लिक करें।</li></ol><p>कुछ और नयी चीजें भी है नारद जी के पिटारे मे, जो धीरे धीरे आपके सामने आएंगी। एक और घोषणा करना चाहते है हम नारद तृतीय संस्करण पर काम कर रहे है, जिसमे अभूतपूर्व फीचर्स होंगे। तब तक आप <strong>नारद तीव्र</strong> पर आते रहिए और नारद पर अपना विश्वास बनाए रखिए।</p><p> </p><p>आप सभी को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं</p><p>नारायण! नारायण!</p><p> </p><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-3790222994164422091?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-87692171343301143972007-11-05T11:44:00.000Z2007-11-06T21:42:23.460Zनारद जल्द आ रहा हैनारायण! नारायण!<br />नारद के भक्तो, एक शुभ सूचना, नारदमुनि विश्राम के पश्चात जल्द ही लौटने वाले है। जब तक साइट चालू होती है आप लोग <a href="http://feeds.akshargram.com/naradteevra/">नारदमुनि के फीड </a>को फीडरीडर मे पढ सकते है।<br /><br />आप सभी के सहयोग के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-8769217134330114397?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-81361701380495878062007-10-15T15:20:00.000Z2007-10-15T15:23:33.395Zअपेक्षित नारद डाउनटाईमपिछले कुछ समय से नारद में समस्याएँ आ रही हैं, बढ़े हुए लोड को सर्वर संभाल नहीं पा रहा है। इसी कारण से आने वाले रविवार, 21 अक्तूबर 2007, को भारतीय समयानुसार मध्यरात्रि बारह बजे से नारद उपलब्ध नहीं रहेगा। इस दौरान मैं तथा अक्षरग्राम तकनीकी टीम के अन्य सदस्य नारद की जाँच कर बढ़े हुए लोड की समस्या को सुलझाने का प्रयत्न करेंगे।<br /><br />यह भी अंदेशा है कि इस मेन्टेनेन्स के दौरान पूरा सर्वर ही कुछ समय के लिए उपलब्ध न रहे जिस कारण अक्षरग्राम की अन्य वेबसाइट भी बीच में डाउन हो सकती हैं।<br /><br />आशा है कि उसी दिन ये गंभीर समस्या दूर हो जाएगी।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-8136170138049587806?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Amitnoreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-17278364636138556122007-07-24T12:01:00.000Z2007-07-24T12:05:20.782Zनए चिट्ठों का पंजीकरणनारायण! नारायण!<br />नारद मुनि का सभी भक्तो को प्रणाम।<br />आज से हम नारद पर नए चिट्ठों का पंजीकरण पुन: शुरु कर रहे है। नए चिट्ठाकार जिन्होने नारद पर पंजीकरण ना कराया हो वे <a href="http://narad.akshargram.com/register/">इस लिंक</a> पर जाकर अपने नए चिट्ठे को नारद मे जोड़ सकते है।<br /><br />सभी साथियों से फिर से निवेदन है कि अपने चिट्ठे के फीड मे होने वाले किसी भी परिवर्तन की सूचना हमे अवश्य दें।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-1727836463613855612?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com11tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-64470773426914151672007-07-15T23:20:00.000Z2007-07-15T23:29:00.993Zफीड समस्या - पुनःनारद पर शनिवार सुबह से फीड संबन्धित समस्या थी जो कि (भारतीय समयानुसार)कल रविवार को भी सारा दिन रही। अब यह समस्या ठीक कर दी गई है और (पोस्ट लिखे जाते समयानुसार)पिछले डेढ़ घंटे से अपडेट ठीक चल रहे हैं।<br /><br />फीड समस्या का कारण निम्न दो ब्लॉग थे:<br /><br />१) <a href="http://azdak.blogspot.com/" target="_blank">अज़दक</a><br />२) <a href="http://visfot.blogspot.com/" target="_blank">विस्फोट</a><br /><br />इन दोनों ब्लॉगों की फीड अपनी जगह पर(जिसके पते इनके ब्लॉगरों ने नारद पर पंजीकृत करवाए थे) नहीं है जिस कारण लगभग सारे अपडेट रूक गए थे। इन दोनों ब्लॉगों की फीड अब नारद पर तब तक अपडेट नहीं की जाएँगी जब तक इनके ब्लॉगर फीड का सही पता नारद को सूचित नहीं करते।<br /><br />बारंबार यह निवेदन किया गया है ब्लॉग बंद करने पर या फीड के पते में बदलाव लाने पर नारद को सूचित किया जाए ताकि अन्य लोगों को असुविधा न हो, लेकिन कोई खास असर इस निवेदन का नहीं दिखता।<br /><br />सभी को इस प्रकरण में जो कष्ट हुआ उसके लिए खेद है।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-6447077342691415167?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Amitnoreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-38914097328059535002007-06-18T13:00:00.000Z2007-06-18T13:07:28.742Zतकनीकी समस्याएक तकनीकी समस्या के चलते आज (भारतीय समयानुसार)सुबह साढ़े नौ बजे के बाद नारद पर नई ब्लॉग प्रविष्टियाँ नहीं आ पाईं। (भारतीय समयानुसार)दोपहर साढ़े बारह बजे समस्या को हल कर दिया गया था और तब से नारद पर अपडेट पुनः सही रूप से कार्य कर रहे हैं।<br /><br />इस तकनीकी समस्या के चलते आप सबको जो कष्ट हुआ उसके लिए खेद है।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-3891409732805953500?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Amitnoreply@blogger.com5tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-44335211669804194732007-06-13T10:36:00.000Z2007-06-13T10:50:46.197Zबाजार मुद्दे पर राजनीति ना करें।हमारे कुछ चिट्ठाकार/पत्रकार साथी, बाजार वाले ब्लॉग को <a href="http://mohalla.blogspot.com/2007/06/blog-post_13.html">हटाए जाने को राजनीति मान रहे है</a> और उसके समर्थन मे अपने ब्लॉग को नारद से हटाने की पचास लाइनों से ऊपर की <a href="http://dhaiakhar.blogspot.com/2007/06/blog-post_13.html">पोस्ट लिख रहे है</a>, उनसे मेरा विनम्र निवेदन है कि इतनी बड़ी पोस्ट लिखने से अच्छा है, दो लाइनों मे sunonarad at gmail dot com पर लिख भेजें कि <span style="font-weight: bold;">हमारा फलां फलां ब्लॉग नारद से हटा दिया जाए</span>। विश्वास कीजिए, आपका भी समय बचेगा, पाठकों का भी और हमारा भी।<br /><br />अब राजनीति कौन कर रहा है ये जनता स्वयं निर्णय ले।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-4433521166980419473?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com16tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-70336027257207803612007-06-12T10:20:00.000Z2007-06-12T10:28:27.050Zनारद द्वारा कड़ी कार्यवाहीनारायण! नारायण!<br />साथियों,<br />हिन्दी चिट्ठाकारी मे अब वो दोस्ताना माहौल नही रहा। लोग यहाँ पर एक दूसरे के विरुद्द नाम लेकर गाली गलौच करने लगे है। हम किसी चिट्ठाकार का चिट्ठा तो बन्द नही करा सकते लेकिन नारद के माहौल को साफ़ सुथरा रखने के लिए उस चिट्ठाकार का चिट्ठा नारद से हटा सकते है। आज ही हमे एक ऐसा कड़ा फैसला हमे लेना पड़ा है। नारद सलाहकार समिति की संतुति पर "<span style="font-weight: bold;">बाजार पर अवैध अतिक्रमण</span>" नाम का चिट्ठा नारद से तुरन्त प्रभाव से हटा दिया है। क्योंकि इस चिट्ठे ने जिस भाषा का प्रयोग किया था वो सर्वथा अनुचित था। अब कड़े फैसले लेने का वक्त आ गया है।<br /><br />वहाँ पर पंगेबाज के नाम से टिप्पणी करने वाले को भी सावधान किया जाता है कि अपनी भाषा पर नियन्त्रण रखें। बदतमीजी कतई बर्दाश्त नही की जाएगी, चाहे वो कोई भी हो। हम इन्टरनैट पर हिन्दी के प्रचार प्रसार के लिए एक साथ है, लेकिन यदि किसी भी तरह की गलत भाषा सहन नही की जाएगी। आशा है हमारे इस फैसले मे सभी चिट्ठाकार हमारे साथ है।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-7033602725720780361?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com54tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-23261268651573046812007-06-10T04:41:00.000Z2007-06-10T07:01:35.518Zनारद पर पंजीकरण स्थगितनारायण! नारायण!<br />भक्तों,<br />नारद पर नए हिन्दी चिट्ठों का पंजीकरण कुछ समय के लिए (अस्थाई रुप से) स्थगित किया गया है, लगभग एक डेढ महीने के लिए। जुलाई के अन्त मे हम पंजीकरण पुन: शुरु करेंगे। नए चिट्ठाकारों से निवेदन है कि अपना चिट्ठा लगातार लिखते रहे और नारद उवाच को देखते रहे। इस बारे मे सूचना/घोषणा नारद उवाच पर प्रकाशित की जाएगी।<br /><br />नारद कई बार सभी चिट्ठाकारों से निवेदन कर चुके है कि अपने असक्रिय चिट्ठों के बारे मे हमे बताए, ताकि हम उनको एग्रीगेशन फीड से अलग कर सकें। हम उन चिट्ठों को रेखांकित कर चुके है, लेकिन हम चाहते है कि चिट्ठा लेखक स्वयं आगे आएं और अपने असक्रिय चिट्ठों को नारद के नियमित फीड से हटाने का निवेदन करें। नारद जी, एक सप्ताह तक इन्तज़ार करेंगे और उसके बाद, इस विषय पर उचित निर्णय लेंगे।<br /><br />नारद आपका अपना वैबस्थल है, इसे प्रचारित करें।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-2326126865157304681?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com7tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-71700334842049297942007-05-25T11:34:00.000Z2007-05-25T11:41:26.300Zनारद पर व्यवधाननारायण! नारायण!<br />साथियों,<br />नारद पर कल रात फीड एग्रीगेशन मे व्यवधान आया था, मुझे इस बारे मे कई इमेल्स मिली। दरअसल समस्या एक ब्लॉग युगवार्ता ( http://www.yugvarta.blogspot.com/ ) के कारण हुई। इस भक्त ने अपना ब्लॉग डिलीट कर दिया था और नारद को सूचित करने की जहमत तक नही उठायी। इसी कारण फीड एग्रीगेशन अटक गया था। यहाँ पर बताने का मकसद बाकी ब्लॉगर साथियों को चेताना है कि किसी भी एक ब्लॉगर की गलती बाकियों के लिए कितनी परेशानी दायक साबित हो सकती है।<br /><br />तत्काल प्रभाव से इस भक्त के ब्लॉग को एग्रीगेशन लिस्ट से हटा दिया गया है, और उसे सूचित भी कर दिया गया है। आप सभी को हुई असुविधा के लिए हमे खेद है।<br /><br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-7170033484204929794?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-47034876411123540792007-05-16T05:55:00.000Z2007-05-16T06:06:46.144Zअपने ब्लॉग पर नारद का लिंकनारायण! नारायण!<br />सभी साथियों से अनुरोध है कि अपने ब्लॉग के साइडबार पर नारद का लिंक अवश्य दें, ताकि आपके ब्लॉग पर आने वाले पाठक दूसरे चिट्ठों को भी नारद पर आकर देख सकें। जिन साथियों ने अपने ब्लॉग पर नारद का लिंक दिया है, नारद उन साथियों का धन्यवाद करता है।<br /><br />अपने ब्लॉग पर लिंक लगाने सम्बंधी सहायता के कोड <a href="http://narad.akshargram.com/about/linkus/">यहाँ पर </a>प्रदान किया गया है।<br /><br />यदि आपको अपने ब्लॉग पर लिंक लगाने सम्बंधी तकनीकी परेशानी आ रहे है, ऐसे सवालों के जवाब <a href="http://www.akshargram.com/sarvagya/index.php/FAQ">यहाँ </a>पर दिए गए है। यदि इसके अलावा भी आपको कोई और तकनीकी परेशानी आ रही है तो नारदमुनि (sunonarad at gmail dot com ) से सम्पर्क करें।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-4703487641112354079?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com1tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-9059483097092915542007-05-10T08:46:00.000Z2007-05-10T09:48:46.482Zनए चिट्ठे : इत्ते सारेनारायण! नारायण!<br />साथियों, इस बार ढेर सारे नए चिट्ठे नारद जी के पास पंजीकरण के लिए आए है। वैसे तो हम प्रत्येक सोमवार को ही पंजीकरण करते है, परन्तु तीन दिनों मे २० से ज्यादा प्रार्थनाएं देखकर हमने इसे सप्ताह के मध्य मे ही पंजीकरण करने का निश्चय किया। तो साथियों, स्वागत कीजिए नए चिट्ठों का। ये रही लिस्ट:<br /><ol><li><a href="http://dekhasuna.blogspot.com/">देखा - सुना</a></li><li><a href="http://shreyarchan.blogspot.com/">just…yu.n hi</a></li><li><a href="http://bhavyakiduniya.blogspot.com/">Bhavya\'s World</a></li><li><a href="http://snblast.blogspot.com/">Escaping the Death</a></li><li><a href="http://kakesh.blogspot.com/">काकेश</a></li><li><a href="http://chauthakhambha.blogspot.com/">Teer-e-Nazar</a></li><li><a href="http://deepkraj.blogspot.com/">शब्दलेख सारथी</a></li><li><a href="http://anubhutiyaa.blogspot.com/">meri anubhutiyaa…</a></li><li><a href="http://paramjitbali-ps2b.blogspot.com/">दिशाएं</a></li><li><a href="http://mypoemsmyemotions.blogspot.com/">Poems</a></li><li><a href="http://www.podbharti.com/">पॉडभारती</a></li><li><a href="http://neerajrajput.blogspot.com/">NEERAJ RAJPUT</a></li><li><a href="http://darogaspeaks.blogspot.com/">daroga speaks</a></li><li><a href="http://dreams-thoughts.blogspot.com/">**** ख़्वाब और सोच ****</a></li><li><a href="http://gallery-neelkanth.blogspot.com/">destination</a></li><li><a href="http://prabhakar07hindi.blogspot.com/">कुछ ठंढे बस्ते से</a></li><li><a href="http://yugvarta.blogspot.com/">युगवार्ता</a></li><li><a href="http://visfot.blogspot.com/">visfot विस्फोट</a></li><li><a href="http://meragaon.blogspot.com/">Meragaonmeradesh</a></li><li><a href="http://dineshparte.blogspot.com/">स्पंदन</a></li><li><a href="http://majra.blogspot.com/">www.राइटर.co.in</a></li><li><a href="http://yatishcards.blogspot.com/">GREETINGS</a></li></ol><br />विशेष निवेदन : कई साथियों ने अपने नाम से ढेर सारे ब्लॉग रजिस्टर करा रखे है, जबकि उन सबकी सामग्री को एक ब्लॉग मे समेटा जा सकता है। फिर ढेर सारे ब्लॉगों को सम्भालना भी मुश्किल कार्य है। नारद यहाँ पर उन साथियों के नाम नही देना चाहता, लेकिन उन पर हमारी विशेष नज़र है।अक्सर हमने देखा है कि ऐसे चिट्ठाकार जोश-जोश मे तो कई सारे ब्लॉग बना लेते है, फिर समयाभाव मे किसी पर भी ध्यान नही दे पाते। इसलिए उन चिट्ठाकारों से निवेदन है कि अपने विभिन्न ब्लॉग की सामग्री को एक या दो ब्लॉग मे रखे, ताकि नारद के संसाधनों का दुरुपयोग ना होने पाए। नारद आपकी अपनी साइट है, इसके बारे मे आप और हम नही सोचेंगे तो और कौन सोचेगा?<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-905948309709291554?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com4tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-61769379463361196742007-05-09T10:49:00.000Z2007-05-09T11:15:31.190Zफिर से फीड समस्यानारायण! नारायण!<br />नारद जी तो सचमुच परेशान हो गए है। अब बुजुर्गवार मैथिली जी ने बैठे बिठाए, अपना <a href="http://maithily.wordpress.com/">वर्डप्रेस वाला ब्लॉग</a> डिलीट कर दिया। हटाया तो ठीक, लेकिन नारद को काहे नही बताया? <span style="font-weight: bold;"><a href="http://merasaaman.blogspot.com/"></a></span>अब इस तरह की समस्याओं के लिए क्या किया जाए?<br /><br />इनका ब्लॉग तत्काल प्रभाव से नारद के फीड से हटाया जा रहा है। इसको नारद से नही हटा रहे है, सिर्फ़ एग्रीगेशन से अलग कर रहे है। मैथिली जी अलग से सूचना भेजी जा रही है। आप सभी से भी पुन: निवेदन है कि अपने ब्लॉग हटाने या फीड मे कोई भी बदलाव करने के बाद, नारद को सूचित अवश्य करें।<br /><br />सार्वजनिक सूचनार्थ प्रकाशित।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-6176937946336119674?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com3tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-58905201641787288722007-05-06T18:45:00.000Z2007-05-07T05:07:06.183Zइस सप्ताह के नए चिट्ठेनारायण! नारायण!<br /><br />साथियों,<br />स्वागत कीजिए, नए चिट्ठाकारों का। इस सप्ताह निम्नलिखित नए चिट्ठे शामिल हो रहे है। इस बार काफी प्रतिष्ठित नाम शामिल है। इसका मतलब है कि चिट्ठाकारी की तरफ़ हर वर्गों के लोग आकर्षित हो रहे है। स्वागत कीजिए नए साथियों का ये रही लिस्ट :<br /><ol><li><a href="http://puranikalok.blogspot.com/">alokpuranik</a></li><li><a href="http://satyendra2007.blogspot.com/">सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव</a></li><li><a href="http://blog.360.yahoo.com/blog-WI46XMYibqRRUWVWIz2m5YTKZbXt4HXGtskp">subhash b\'s Blog</a></li><li><a href="http://hitchintak.blogspot.com/">हितचिन्तक</a></li><li><a href="http://mastrama.blogspot.com/">मस्तराम की आवारा डायरी</a></li><li><a href="http://iicet.com/">सारथी</a></li><li><a href="http://yatishlife.blogspot.com/">Ye Meri Life Hai</a></li><li><a href="http://bekalutsahi.blogspot.com/">बेकल उत्साही</a></li><li><a href="http://valleyoftruth.blogspot.com/">Valley of Truth</a></li><li><a href="http://pasandmeri.blogspot.com/">मेरी पसंद के चिट्ठों की साप्ताहिक चर्चा/समीक्षा</a></li><li><a href="http://sangwari.blogspot.com/">Sangat संगत</a></li><li><a href="http://purkaif.blogspot.com/">पुरक़ैफ-ए-मंज़र</a></li><li><a href="http://khabarfarosh.blogspot.com/">खबरफरोश</a></li><li><a href="http://natarajbharati.blogspot.com/">नटराज</a></li><li><a href="http://moltol.blogspot.com/">मोल-तोल</a><br /></li></ol>कुछ चिट्ठे और भी थे, रजिस्टर करने के लिए, लेकिन उन चिट्ठों पर अभी विचार चल रहा है। जल्द ही इस बारें मे सूचित किया जाएगा। कुछ चिट्ठों को हमने अस्वीकृत भी किया है, कारण उन चिट्ठा लेखकों को स्पष्ट कर दिया गया है।<br /><br />पुनश्च: नटराज और मोलतोल पिछली लिस्ट मे गलती से छूट गए थे, इन ब्लॉग लेखको से नारद क्षमा प्रार्थी है।<br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-5890520164178728872?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-90699544049233815442007-05-02T18:12:00.000Z2007-05-02T18:18:26.171Zनारद पर रोमन मे पोस्टनारायण! नारायण!<br />साथियों,<br />हमारे एक साथी ब्लॉगर जिनका ब्लॉग "<a href="http://rakeshjainkablog.blogspot.com/">क्यों? मंथन</a>" के नाम से है, लगातार रोमन मे ब्लॉग लिख रहे है। आज उन्होने ६ पोस्ट लिखी है सभी की सभी रोमन में लिखी है। कुछ सदस्यों ने इस आपत्ति भी उठायी है। नारदमुनि को भी यह समझ मे नही आ रहा कि जो चिट्ठाकार ६ पोस्ट रोमन में लिख सकता है, उसे एक पोस्ट हिन्दी मे लिखने मे आलस क्यों आ रहा है। नारदमुनि ने उसके ब्लॉग पर टिप्पणी करके अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है, लेकिन लगता है कि उन्होने टिप्पणी पर माडरेशन लगा रखा है। आपका इस विषय पर क्या विचार है?<br /><br />अपनी राय से हमे जल्द से जल्द अवगत कराएं<br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-9069954404923381544?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com8tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-57812249239511406032007-04-30T04:52:00.000Z2007-04-30T04:57:48.636Zसूचना : आपकी ब्लॉग रेटिंगनारायण! नारायण!<br />नियमित लिखने वाले सभी साथियों से निवेदन है कि<a href="http://narad.akshargram.com/naadrating/"> इस लिस्ट </a>को ध्यान से देखें। सभी एक्टिव ब्लॉग्स की रेटिंग १ होनी चाहिए। यदि आपके ब्लॉग के आगे <span style="font-weight: bold;">रेटिंग १</span> नही है तो तुरन्त नारदमुनि से सम्पर्क करें। ध्यान रखें, सम्पर्क करने के पहले देख लें आपने पिछले एक हफ़्ते मे उस ब्लॉग पर कोई पोस्ट जरुर लिखी हो।<br /><br />इस सम्बंध मे ब्लॉग लेखक ही स्वयं सम्पर्क करें।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-5781224923951140603?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com4tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-56380975303745852632007-04-29T19:01:00.000Z2007-04-29T19:05:47.354Zस्वागत कीजिए नए साथियों कानारायण! नारायण!<br /><br />साथियों,<br />स्वागत कीजिए, नए चिट्ठाकारों का। इस सप्ताह १६ नए चिट्ठे शामिल हो रहे है, आप सभी साथियों से निवेदन है कि नए चिट्ठाकारों का स्वागत करके उनका उत्साह बढाएं। साथ ही यदि उन्हे कोई तकनीकी परेशानी है तो उसका भी समाधान करें। ध्यान रखिए, आप भी कभी नए चिट्ठाकार थे, आपका भी दूसरे साथियों ने उत्साह बढाया था, अब आपकी बारी है।<br /><br /><ol><li><a href="http://aagaaj.blogspot.com/">आगाज</a></li><li><a href="http://mastihojaye.blogspot.com/">masti : थोड़ी मस्ती हो जाए</a></li><li><a href="http://buraansh.blogspot.com/">बुरांश</a></li><li><a href="http://food.wanderer.in/">Spicy Ice</a></li><li><a href="http://aginkhor.blogspot.com/">अगिनखोर</a></li><li><a href="http://shaheedeazam.blogspot.com/">Shaheed-E-Azam शहीद-ए-आजम</a></li><li><a href="http://ibtedaa.blogspot.com/">इब्तेदा - एक क़ोशिश…</a></li><li><a href="http://divineblog.wordpress.com/">काल-चिंतन</a></li><li><a href="http://canvasofamit.blogspot.com/">Oil on Amit\'s Canvas</a></li><li><a href="http://shudrak.blogspot.com/">शूद्रक</a></li><li><a href="http://ganeshdutt.blogspot.com/">गणेश दत</a></li><li><a href="http://lalit4untl.blogspot.com/">Have Fun</a></li><li><a href="http://amazingsandy.blogspot.com/">Funny & Creative</a></li><li><a href="http://dhaiakhar.blogspot.com/">DHAI AKHAR ढाई आखर</a></li><li><a href="http://vinay-patrika.blogspot.com/">विनय पत्रिका</a></li><li><a href="http://chuntan.blogspot.com/">मेरा चुंतन</a></li></ol>नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-5638097530374585263?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com3tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-11116959332867087512007-04-29T06:01:00.000Z2007-04-29T06:06:20.126Zसूचना : फिर से फीड समस्यानारायण! नारायण!<br />नारद जी तो सचमुच परेशान हो गए है। लोग ब्लॉग बना देते है, नारद पर रजिस्टर करवा देते है और फिर जब मन करता है हटा देते है। नारद को सूचना देना तक जरुरी नही समझते। आज इस कड़ी मे एक ब्लॉग <span style="font-weight: bold;"><a href="http://merasaaman.blogspot.com/">मेरा सामान</a> </span>शामिल हुआ है। जिन्होने अपना ब्लॉग ही हटा दिया है, लेकिन नारद को नही बताया। यदि हम ऐसे हटा देते तो लोग लोकतंत्र की दुहाई देते और नारद पर बवाल करते, अब इस तरह की समस्याओं के लिए क्या किया जाए?<br /><br />इनका ब्लॉग तत्काल प्रभाव से नारद के फीड से हटाया जा रहा है। ब्लॉगर को अलग से सूचना भेज दी गयी है।<br />आप सभी से भी निवेदन है कि अपने ब्लॉग हटाने या फीड मे कोई भी बदलाव करने के बाद, नारद को सूचित अवश्य करें।<br /><br />सार्वजनिक सूचनार्थ प्रकाशित।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-1111695933286708751?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-59733970558718826562007-04-27T20:25:00.000Z2007-04-27T21:20:47.689Zसूचना : फीड समस्या<div>नारायण! नारायण!<br />साथियों,<br />मैने पहले भी निवेदन किया था कि कई लोग अपना ब्लॉग नारद पर रजिस्टर करवा लेते है लेकिन अपने फीड को प्रदान नही करते। वो अपने ब्लॉग मे बदलाव करते है, कभी उसको प्राइवेट करते है और कभी कभी तो ब्लॉग हटा ही देते है, लेकिन वे नारद को इसके लिए सूचना देना तक जरुरी नही समझते। नारद पर हम जब फीड एग्रीगेट करते है तो किसी भी एक ब्लॉग पर आई परेशानी पूरे पूरे प्रोसेस को रोक सकती है। जिससे आगे के फीड भी एग्रीगेट नही हो सकते।<br /><br />आज एक ब्लॉग : <span style="FONT-WEIGHT: bold"><a href="http://baat-pate-ki.blogspot.com/">बात पते की</a></span> ने ऐसा किया है नारद को उनका फीड नही मिला। सार्वजनिक रुप से सूचित करने का उद्देश्य चिट्ठाकारों मे जागरुकता फैलाना है कि नारद को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस ब्लॉग की <a href="http://baat-pate-ki.blogspot.com/feeds/posts/default">फीड</a> खोलने पर निम्न संदेश आता है:<br /></div><br /><br /><div><h1>Unauthorized</h1><br /><br /><h2>Error 401</h2></div><br /><br /><div> </div><br /><br /><div>ब्लॉग का <a href="http://baat-pate-ki.blogspot.com/">पता</a> खोलने पर निम्न स्क्रीन दिखाई देती है:</div><div> </div><div> </div><div><a href="http://akshargram.com/narad/blog/uploaded_images/baat-pate-ki-794189.gif"><img style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; CURSOR: hand; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://akshargram.com/narad/blog/uploaded_images/baat-pate-ki-794186.gif" border="0" /></a></div><div> </div><div><br />अर्थात यह ब्लॉग सिर्फ़ उन्ही के लिए उपलब्ध होगा जिन लोगों को इसका निमन्त्रण दिया जाएगा। इसलिए इसको नारद की एग्रीगेशन लिस्ट से हटाया जा रहा है। अभी इसको नारद से नही हटा रहे है, लेकिन यह एग्रीगेट नही होगा, जब तक कि इसके ब्लॉगर नारद को नही लिखते। ब्लॉगर को भी अलग से सूचित किया जा रहा है।<br /><br />नारायण! नारायण!</div><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-5973397055871882656?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com5tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-64740925523309639002007-04-26T11:06:00.000Z2007-04-26T11:10:26.250Zनारद पर जनमतनारायण! नारायण!<br /><br />नारद पर <span style="font-weight: bold;">जनमत </span>अर्थात पोलिंग का प्रावधान किया गया है। इसमे हम नारद पर आने वाले चिट्ठाकारों से विभिन्न विषयों और मुद्दों पर रायशुमारी कर सकते है। इस वोटिंग से हम नारद पर होने वाले बदलावों के बारे मे जानकारी भी ले सकते है। यह अभी टैस्टिंग स्टेज पर है, इसलिए आप सभी के सुझावों, आलोचनाओं का हार्दिक स्वागत है। नारद आपकी अपनी साइट है, आइए सभी विवादों को भुलाकर, इसे मिलकर बेहतर बनाएं।<br /><br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-6474092552330963900?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com6tag:blogger.com,1999:blog-24176008.post-58805462866625252482007-04-26T04:44:00.000Z2007-04-26T04:49:32.357Zनारद पर हिट काउन्टरनारायण! नारायण!<br />साथियों,<br />कई चिट्ठाकार साथियों की बेहद मांग पर नारद पर हिट काउन्टर को अदृश्य कर दिया गया है। अब हिट काउन्टर "<span style="font-weight: bold;">?</span>" वाले चिन्ह पर माउस ले जाने पर ही दिखेगा। ऐसा इसलिए किया गया है लोग अपने हिट काउन्टर को दूसरे के हिट काउन्टर से तुलना करके हीन भावना महसूस कर रहे थे। हालांकि नारदमुनि का मानना है हिट काउन्टर लोकप्रियता का मापदंड नही है, लेकिन फिर भी कुछ लोगों को असुविधा हो रही थी, इसलिए नारदमुनि को यह कार्य करना पड़ा।<br /><br />इस बारें मे आपके विचारों का हार्दिक स्वागत है।<br />नारायण! नारायण!<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/24176008-5880546286662525248?l=akshargram.com%2Fnarad%2Fblog%2Findex.html'/></div>Narad Munihttp://www.blogger.com/profile/16926361342348463127noreply@blogger.com10