tag:blogger.com,1999:blog-24160286.post-1143155452597517942006-03-23T17:12:00.000-05:002006-03-23T18:10:52.616-05:00महककुछ पुराना लिखा यहाँ भी<br /><br />महक<br /><br />ऍसा होता है ये जुनूँ क्यूँकर<br />जैसे हम तुझपे अब भी मरते हों<br />इश्क की मस्तियों में भीगे हुए <br />तेरे खत पहली बार पढते हों<br /><br />तेरी आगोश में यूँही छुप कर<br />रूठे रहने का ढोंग करते हों<br />लब शिकवे गिले लाखों<br />मान जाने की चाह करते हों<br /><br />नींद आती नहीं है जब तुझ बिन<br />रोज रातों की बात करते हों<br />आँख बंद करको हम हथेली से<br />तेरे ख्वाबों की राह तकते हों<br /><br />तेरे हाथों की उंगलियों की तरह<br />जैसे सीने पे फूल खिलते हों<br />तेरी नजरों की हर शरारत से<br />सोये अरमान जैसे जगते हों<br /><br />तेरे होंठों सो मेरी पलकों पर<br />गर्म कोई नशा पिघलता हो<br />तेरी सांसों की महक छूने से<br />बहका बहका बदन ये जलता हो<br /><br />ऍसा होता है ये जुनूँ क्यूँकरNeelamhttp://www.blogger.com/profile/09850365912977384261noreply@blogger.com