tag:blogger.com,1999:blog-238316812008-01-14T00:58:19.237-08:00छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ी - छत्तीसगढ़ियाछत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.comBlogger5125tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1144529258251385702006-04-08T13:36:00.000-07:002006-04-08T13:47:38.450-07:00छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (चौंथा दिन)<strong><span style="color:#ff6600;">छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?</span></strong><br /><br /><span style="color:#006600;"><strong>चौंथा दिन</strong></span><br /><span style="color:#006600;">(क्रमशः)</span><br /><br /><span style="color:#cc0000;">हिन्दी - छत्तीसगढ़ी</span><br /><br /><strong><span style="color:#ff6600;">वह, यह, मैं, प्रत्येक, कोई, नहीः</span></strong><br /><br /><span style="color:#3333ff;">यह रामू है। – ए हा रामू ए।<br />वह सीता है। - ओ ह सीता ए।<br />तुम एक छात्र हो। - तैं एक पढ़इया लइका अस ।<br />वह एक क्लर्क है। - ओ एक बाबू आय ।<br />वह गुरुजी है्। - ओ गुरुजी ए ।<br />मैं भारतीय हूँ। - मैं भारतीय औं / हौं ।<br />वे हिंदू हैं । - ओमन हिंदू एँ ।<br />वह मेरी बकरी है। - ओ मोर छेरी ए ।<br />यही कलम मेरी है। - इहीच कलम मोर ए ।<br />ये पुस्तकें मेरी हैं। - इहीच कलम मोर ए ।<br />यह किताब तुम्हारी है। – ए किताब मोर ए।<br />यह घर आपका है। - ए घर तोर ए ।<br />वह आफ़िस है। - ओ आफिस ए ।<br />वह क्या है । – ओ का ए ।<br />वह बैल है। - ओ हा बइला ए ।<br />भरत हमारा देश है । - भारत हमर देस ए ।<br />वह कम्प्यूदर है । -ओ कम्प्यूटर ए ।<br />यह मेरा कैसेट है । - ए मोर केसेट ए ।</span><br /><span style="color:#3333ff;"><br /><strong><span style="color:#ff6600;">स्थानसूचक समयसूचकः</span></strong><br /><br />पुस्तक बाँक्स में है । - किताब पेटी उपर है ।<br />नोट बाक्स में है । -नोट पेटी म है ।<br />क्लर्क सीट पर बैठ है । - बाबू कुर्सी मा बइठे हे ।<br />पिता जी दरवाजे पर खड़े हैं । - ददा ह दुवारी म ठाड़े हे ।<br />वह घर पर मिलेगा । - ओ हा घर म मिलही ।<br />स्कूल के चारों तरफ मैदान है । - इस्कूल के चारों मुड़ा भाँठा हे ।<br />बगीचे में हरे-भरे वृक्ष हैं । - बगीचा म हरियर-हरियर रुख मन हे ।<br />औरतें तालाब में नहा रही हैं । - माईलोगन तरिया मा नहात हे ।<br />लोग नदी में नहा रहे हैं । - लोगन नदिया मा नहात हैं ।<br />वह आफ़िस से बाहर निकला । - ओ आफ़िस ले बाहिर निकलिस ।<br />इसका अँग्रेजी में अनुवाद करो । - एकर अँग्रेजी म अनुवाद करौ ।<br />छत्तीसगढ़ भारत के दक्षिणपूर्वी भाग में है । - छत्तीसगढ़ भारत के जेवनी-उत्ती म हे ।<br />महानदी पर पुल है । - महानदी म पुलिया हे ।<br />गँगरेल बाँध सबसे बड़ा है । - गँगरेल सबले बड़का बाँध हे।<br />मैं हाँकी और क्रिकेट खेलता हूँ । - मैं हाकी अउ किरकेट खेलथौं ।<br />खाली पेट भजन नहीं होता । - भूखे भजन नइ होवै ।<br />आज 6 तारीख है । - आज छै तारीख हे ।<br />तुम साढ़े तीन बजे आए । - तैं साढ़े तीन बजे आए ।<br />दुकान 9 बजे खुलती है । - दुकान नौ बजे खुलथै ।<br />आँफ़िस 10 बजे खुलता है । - आफिस दस बजे खुलथे।<br />बाजार रात को बंद रहता है । - बजार रात के बंद रइथै ।<br />लड़के प्रतिदिन 1 घंटा खेलते हैं । - लइका मन रोज एक घंटा खेलथैं ।<br />पत्र तीन दिन में मिलेगा । - चिट्ठी तीन दिन मा मिलही ।<br />वह रायपुर में सन् 90 से है । - औ सन नब्बे ले रायपुरमा है ।<br />वह कब से आ रहा है । - वो कब ले आवत हे ।<br />कल मैं भोपाल जाऊँगा ।- मैं काली भोपाल जाहौं ।<br />मैं सुबह गाय चराने जाता हूँ । - मंय बिहनिया गरुवा चराए बर जाथौं ।<br />किसान दिन भर खेत में रहता है । - किसान दिन भर खेत मा रहिथै ।<br />मैं अगले महीने मिलूँगा । - मैं अबइया महीना म मिलिहौं ।<br />दीवाली कार्तिक में होती हैं । - देवारी कार्तीक म पाहोथै ।<br />वह अभी नहीं आई है । - ओ अभी नइ आए हे ।<br />शो 6 बजे शुरु होता है । -खेल छै बजे चालू होथै ।<br />रात भर पानी गिरा । - रात भर पानी गिरिस ।<br />लड़की स्कूल से अनुपस्थित थी । - छोकरी इस्कूल से बाहिर रहीस ।<br />मेरे पिताजी मेरे साथ थे । - मोर ददा मोर संग रहिस ।<br />मेरे पिताजी साथ थे । - मोर ददा मोर संग रहिस ।<br />मेरा अधिकारी मेहरबान है । - मोर साहब मोर उपर खुस हे ।<br />शीला बहरी है । - सीला भइरी आय ।<br />अंधा देख नहीं सकता । - अँधरा नइ देखे सकय ।<br />उसे आम बहुत भाते हैं । - ओला आमा नीक लागथै ।<br />ध्रूमपान मत करो । - चोंगी-माखुर झन पियौ ।<br />हम पर भरोसा कर सकते हैं । - हमर उपर भरोसा रख सकत हव ।<br />मैं जाने ही वाला था । - मैं जबइयाच रहैं ।<br />वर्फ सड़क पर फैली है । - बरफ रद्दा भर बगरे हे ।<br />वह मलेरिया से पीड़ित है । - ओ मलेरिया बुखार मा पर कल्हरथै ।<br />गरम पानी पीओ । - ताता पानी पियौ ।<br />वह पेट भर खाता है । - ओ हा पेट भर खाथै ।</span><br /></span><span style="color:#3333ff;"></span><br /><span style="color:#3333ff;"><strong><span style="color:#ff6600;">कुछ अन्य वाक्यः </span></strong></span><br /><span style="color:#3333ff;"><strong><span style="color:#ff6600;"><br /></span></strong>रात में कितनी ठंड थी । - रात म कतेक जाड़ रहिस ।<br />वे बहुत कष्ट पा रहे हैं । - ओ मन गजबे दुख भोगत हैं ।<br />गरीब का कोई नहीं । - गरीब के कउनो नइ ए ।<br />चुपचाप रहो । - कलेचुप रहौ ।<br />कृपया दरवाजा खोलें। - दरवाजा ल खोलौ तौ ।<br />एक गिलास दूध लीजिए । - एक गिलास दूध लेवौ ।<br />मैं स्टेशन पर पहुँचा नहीं था। - मैं स्टेशन हबरे नइ पाए रहें ।<br />और गाड़ी छूट गई। - अउ गाड़ी रेंग दिस ।<br />सबको एक दिन जाना है । - सबो ला एक दिन जाए बर हे ।<br />कोटबार मुनादी कर रहा है । - कोटबार हाँका पारत हे ।<br />रीता रमा से सुंदर है ।- सीता ह रमा ले सुग्घर हे ।<br />वह माँ-बाप की सेवा करता है । - ओ ह दाई-ददा के सेवा करथे ।<br />उसके दादा रोज खाने की चीज लाते हैं । - ओकर बबा रोज खजानी लाथै ।<br />काली गाय आ गयी । - कारी गइया आगय ।<br />ग्वाला दूध दूहता है । - राउत दूध दुहथै ।<br />भिंडी पकी है । - रमकेरिया चुरे है ।<br />वह मेरा दोस्त है । -ओ मोर संगी ए ।<br />वे कौन हैं ? - ओ मन कउन एँ हैं ?<br />वह कौन है ? - ओ ह कउन ए ?<br />वे मेरे मित्र है । - ओ मन मोर मितान एँ ।<br />वहाँ कौन है ? - ओ मेर कोन हे ?<br />वह कब आया ? - ओ कब आइस ?<br />राम कब जाएगा ? - राम कतका जुवार जाही ?<br />मैं हूँ न । - मैं हौं नां या मंय हंव ना ।<br />क्या मुझे बुला रहे हैं ? - का मोला बलावत हैं ?<br />आज खुशी का दिन है ।- आज खुसी के दिन हे ।<br />चार बजे हैं । - चार बजे हे ।<br />कक्षा में बहुत से लड़के हैं । - क्लास मा अड़बड़ झन लइका हैं ।<br />मजदूर काम कर रहे हैं । - बनिहार मन कमात हैं ।<br />मजदूरों को मज़दूरी मिल गई । - बनिहार मन ला रोजी मिलगे ।<br />पाँच किलो चावल खरीदना है ।- पाँच किलो चाँउर बिसाए बर हे ।<br />मेरी कमीज कफेद है । - मोर कुरता सफेद हे ।<br />सुंदर फूल खिले है । - सुग्घर फूल फूले हे ।<br />हाँ । - हौ या हव या हाँ ।<br />नहीं । - नइ ।<br />नहीं जानती । - नइ जानौं ।<br />कुछ भी नहीं है । - कुछु नइ ए ।<br />थोड़ा पानी दे। - थोकुन पानी हे या थोरकुन पानी दे ।<br />बहुत दूध है । - अब्बड़ दूध हे ।<br />मैंने पढ़ाई छोड़ दी । - मैं पढ़ाई छोड़ दें ।<br />वह रिटायर हो गया । - ओ रिटायर हो गै ।<br />पटवारी से नक्शा माँगो ।- पटवारी मेर नक्शा माँगौ ।<br />आज चुनाव है । - आज चुनई है ।<br />सोच –समझ के वोट देना । – ठोक- बजा के बोट डारबे ।<br />साहब सेशिकायत करो । - साहब मेर रिपोट करौ ।<br />पंप बिगड़ गया है । - बोरिंग बिगड़ गै है ।<br />पानी को गंदा मत करो । - पानी ला झन मतला।<br />सड़क-गली को साफ रखें । - खोर-गली ला साफ रखौ ।<br />आज पंथी नाच देखने जाएँगे । - आज पंथी नाचा देखे बर जाबो ।<br />सब्जी बहुत मँहगी है । - साग बड़ मँहगी है । </span><br /><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#993399;">**********</span><br /><br /><span style="color:#663300;">आज के लिए बस इतना, कल फिर सीखेंगे ।</span> </span><br /><span style="color:#3333ff;">(आज बर एतका, काली फेर सीखबोन)<br /></span><span style="color:#663300;">जाते-जाते एक छत्तीसगढ़ी कविता तो सुनते चलें ।</span><br /><span style="color:#3333ff;">( जात-जात एक ठिन छत्तीसगढ़ी कविता सुनत चलीं )<br /> <br /><span style="color:#6600cc;"><span style="color:#cc0000;"><strong>रतिहा के फूल</strong></span><br /><br />दूरिहा ले<br />टेसू कस दमकत रहय<br />तीर ले<br />निकरय तव<br />गुलाब कस गमक जाय<br />चंपा<br />चमेली<br />रातरानी<br />खोखमा<br />मोंगरा कस<br />रोज फूलय<br />परिजात कस<br />अधरतिहा ले झरत रहय<br />अब परे हवय<br />एक कोन्टा म<br />खोपा के बसियाय फूल कस<br />अही गति होथे<br />रतिहा फुलइया फूलन के </span></span><br /><span style="color:#ff6600;">---------0------------<br /></span><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#6600cc;"><br /><span style="color:#cc0000;"><strong>रात का फूल</strong></span><br /><br />दूर से ही टेसू-सी दमकती रहती<br />किनारे से<br />गुजरती तो <br />गुलाब-सी गमक उठती<br />चंपा<br />चमेली<br />रातरानी<br />कमल<br />मोंगरे –सी रोज खिलती<br />पारिजात-सी<br />आधीरात तक झरती रहती<br />अब एक कोने में पड़ी हुई है<br />जूड़े के बासी फूल –सी<br />यही गति होती है<br />रात को फूलने वालों फूलों की </span></span><br /><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#ff6600;">---</span><span style="color:#ff6600;">---------------0-----------------<br /></span><strong><span style="color:#00cccc;">मूल रचनाः</span></strong> श्री रसिक बिहारी अवधिया<br /><span style="color:#00cccc;"><strong>अनुवादः</strong></span> जयप्रकाश मानस</span><br /><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#ff6600;">------------------0-----------------<br /></span></span>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1143485409323056652006-03-27T10:43:00.000-08:002006-03-27T10:50:09.340-08:00छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (तीसरा दिन)<strong><span style="font-size:130%;color:#ff6600;">छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?</span></strong><br /><br /><span style="color:#009900;"><strong>तीसरा दिन </strong></span><br /><span style="color:#009900;">(क्रमशः)</span><br /><br /><span style="color:#cc0000;">हिन्दी - छत्तीसगढ़ी</span><br /><span style="color:#cc0000;"></span><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>वर्तमान काल के कुछ वाक्यः</strong></span><br /><br /><span style="color:#3333ff;">क्या तुम छत्तीसगढ़ी जानते हो – का तैं छत्तीसगढ़ी जानथस (समझथस )<br />मैं रायपुर में रहता हूँ - मैं हा रायपुर मा रहिथौं<br />नहीं, मैं गाँव में रहता हूँ - नइ ,मैं हा गाँव मा रहिथौं<br />तुम्हारा क्या नाम है - तोर का नाँव हे /आय <br />मेरा नाम दादू है - मोर नाँव दादू हे<br />आपके पिताजी का क्या नाम है - तुँहर ददा (सियान) के का नाँव है (हे)<br />तुम्हारी माँ का क्या नाम है - तोर दाई (महतारी) के का नाँव है<br />मैं बाज़ार जाती हूँ - मैं हा बजार (हाट) जाथौं,<br />मेरे पिताजी किसान हैं - मोर ददा किसान है<br />तुम मंत्री जी को पत्र लिखते हो - तैं मंत्री जी ला चिट्ठी लिखथस<br />क्या तुम ने खा लिया - का तैं खा डारे<br />अभी मुझ को जाना है - अभी मोला जाए बर है<br />तुम सुबह से क्या कर रहे हो – तैं बिहिनया ले का करत हस<br />मैं किताब पढ़ रहा हूँ - मैं किताब पढ़त हंव<br />हम आफ़िस जा रहे हैं - हमन आफ़िस जात हन<br />बच्चे पार्क जा रहे हैं - लइकामन बगीचा जात हैं<br />औरतें सब्जी खरीद रही हैं - माई लोगन मन साग बिसावत है (लेवत हैं) </span><br /><span style="color:#3333ff;"><br /><strong><span style="color:#ff6600;">भूतकालः-</span></strong> </span><br /><span style="color:#3333ff;"><br />मैंने नहीं, मेरे भाई ने लिखा - मैं नइ, मोर भाई लिखे है<br />मैंने नहीं किया - मैं नइ करें हंव<br />हम बाजार गए थे - हमन बजार गै रहेन<br />मेरी बहन गा रही थी - मोर बहिनी गावत रहिस<br />वह अखबार पढ़ रहा था - ओहा अखबार पढ़त रहिस<br />मैं आँफ़िस नहीं गया था - मैं आफ़िस नइ गै (या गय) रहें<br />वे बाजार गए थे - ओमन बजार गै रहिन<br />बच्चे मेला देखने गए थे - लइकामन मेला देखन गे रहिन<br />मैं दो साल रायपुर मैं था - मैं दू बछर रायपु म रहें<br />वह वहाँ गई थी - ओ उहाँ गै रहिस<br />दुकान बंद है - दुकान बंद है<br />मैंने कल केला खरीदा था - मैं काली केरा बिसाए रहें<br />मेरा काम ख़त्म हो गया था - मोर काम सिरा (खतम) गै रहिस<br />वे खा चुके थे - ओमन खा डारे रहिन <br />वह फ़िल्म देखने गया था - ओ फ़िलिम देखे बर गै रहिस<br /><br /><strong><span style="color:#ff6600;">भविष्यकालः-</span></strong><br /><br />हाँ, मैं आऊँगा - हौ, मैं आहौं<br />मैं घर पर प्रतीक्षा करूँगा - मैं घर मा अगोरिहौं<br />राम रायपुर जाएगा - राम रायपुर जाही <br />मैं कल बिलासपुर पहुँचूंगा - मैं काली बिलासपुर हबरिहौं <br />वह पहुँच गई होगी - ओहा हबर गै होही <br />कल परीक्षा दूँगा - काली परीछ्छा देहौं<br />हम सो रहे होंगे - हमन सुतत रहे होबो<br />आँफ़िस जाने की तैयारी कर रहा होगा -आफ़िस जाए बर तियार होत होही<br />तुम बाजार जाओगे - तैं बजार जाबे<br />कल स्कूल की छुट्टी रहेगी - काली स्कूल के छुट्टी रइही <br />कल मुख्यमंत्री का प्रोग्राम है - काली मुख्यमंत्री के पोरोगराम हावे <br />शाम को मीटिंग होगी - संझा बइठका होही<br />10बजे सब इकट्ठा होंगे -10 बजे सब्बो झन जुरियाहीं<br /><br /><strong><span style="color:#ff6600;">आज्ञा और प्रार्थना के वाक्यः-</span></strong><br /><br />सामने देखो - आगू देखौ<br />आगे बढ़ो - आगू बढ़ौ<br />गाड़ी धीरे चलाओ - गाड़ी धीरे चलावव<br />अपना काम करो - अपन बूता करौ<br />वापस आओ - लहुँटौ<br />अपना ख्याल रखो - अपन फिकर करौ<br />सुनिए तो - सुनौ तो<br />जल्दी आना - झटकुन आबे<br />तैयार रहना – तियार रहिबे<br />सोच समझ को बोल - देख –सुन के बोल / सोंच बिचार के बोल<br />एक तरफ़ हो जाओ - एके डाहर (कोती या अंग)हो जाबौ<br />बाएँ चलो - डेरी रेंगौ<br />मज़ाक मत करो - ठट्ठा झन करौं<br />जाने दो - जान दव<br />आने दो -आन दव<br />बैठ जाओ – बइठ जावौ<br />ज़रा रुक - थोकन रुक (ठहर या र )<br />सबको बिठाओ - सबो ल बइठावौ<br />आपकी मर्जी - तुँहर मन<br />मेरी सहायता करें - मोर मदद करौ<br />जैसी आपकी मर्जी - जइसन तुँहर मन (मरजी)<br />ज़रा फिर कोशिश करो - थोरकन फेर जोर लगावौ<br />उत्तर दीजिए - जवाब देवौ<br />बैठिए - बइठौ<br />आइए - आवौ<br />पागल मत बनो - बइहा झिन बनौ (झन बइहावौ)<br />मेरे पीछे आओ - मोर पाछू आवौ<br />जगह खाली करो , जगह दो - ठौर दौ, घुँच जावौ<br />अपने काम सेकाम रखो - अपन काम ले काम रखौ<br />यह पैकेट कूरियर से भेज दो - ए पाकिट ला कुरियर मा पठो दौ<br />इसे फ़ैक्स कर दो - ए ला फेक्स कर दौ<br />बाज़ार से गोभी लाना - बजार ले गोभी लानबे<br />समय पर आया - टेम म आयें<br />साहब को सूचना दो - साहब ला खबर करादौ<br />खा-पी के आना - ले खा- पी के आवे<br />चाय ले आओ - चहा लानौ<br />ज़रा हाथ लगाना - थोरकन हाथ लगा<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>प्रश्नवाचक वाक्यः (हाँ नाँ उत्तरापेक्षी-‘क्या’)</strong></span><br /><br />क्या तुम अँग्रेजी बोल सकते हो ? – का तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस<br />क्या वह झूठ बोलती है ? – का ओ लबारी मारथे<br />क्या आप सच सच बोल रहे हैं ? – का तूँ (तुमन) सच गोठियात हौ<br />क्या हम जाएँ ? - का हमन जान (जायीं)<br />क्या आप बाजार जाएँगे ? – तुमन बजार जाहौ का<br />क्या तुम जानते पहचानते हो ? – तुमन चिनथौ का<br />क्या आप नाराज है ? – तुमन नराज हौ का / रिसाए हौ का<br />क्या आपको घर जाना है ? – तुमन ला घर जाए बर है का<br />क्या टमाटर ताजे हैं ? – टमाटर ताजा है का<br />क्या दूध वाला आ गया ? – पहटिया आ गै का<br />क्या वह आपको जानती है ? – वो तुमन ला जानथै का<br />क्या उसे बुलाऊँ ? – का ओला बलावंव<br />क्या आप कृपा करेंगे ? – का तूँ तुमन किरपा करिहौ<br />क्या मैं सरपंच सेमिल सकता हूँ ? – मैं सरपंच मेर मिल सकथौं का<br />क्या आज रविवार है ? – आज इतवार ए का<br /><strong><br /><span style="color:#ff6600;">प्रश्नवाचक क्या, कौन, कैसे, कहाँ, कबः</span></strong><br /><br />आपक का नाम क्या है ? - तुँहर नाँव का है ?<br />तुम क्या चाहते हौ ? - तोला का होना ? / तैं का चाहथस ? / तो ला का चाही ?<br />तुम क्या कहना चाहते हो ? - तैं का कहना चाहत हस ?<br />रायपुर में क्या करती है ? - ओ हा रापुर मा का करथै ?<br />तुम कौन हो ? - तैं कउन हैं<br />बाजार कौन जाएगा ? - बजार कउन जाही ?<br />किससे मिलना है ? – कउन ला / काकर ले मिलना है ?<br />इस मकान का मालिक कौन है ? - ए मकान के गोसँइया कउन ए / है ?<br />वह आफिस कैसे जाता है ? - ओ आफिस का मा जाथै ?<br />क्या गाँ व में सड़क है ? - का गाँव मा (सड़क) डहर / रद्दा है ?<br />तुम कैसे लौटे ? - तैं कइसे बहुरे (लहुँटे) ?<br />आपके पुत्र की उम्र क्या है ? - तोर बाबू के का उमर है ?<br />यहाँ से गाँव कितनी दूर है ? - इहाँ ले गाँव कतका दुरिहा है ?<br />क्या नहर मैं पानी है ? - का नहर मा पानी है ?<br />फसल कैसी है ? - फसल कइसे है ?<br />आप हमारे यहाँ कब आ रहे हैं ? - तुमन हमर घर कब आवत हौ?<br />तुम कहीँ पढ़ते हो ? - तैं कहाँ पढ़थस ?<br />तुम कहाँ काम करते हो ? - तैं कहाँ काम करथस ?<br />तुम यहाँ क्यों बैठे हो ? - तैं इहाँ काबर बइठे हस ?<br />तुम कहाँ खेलते हो ? - तैं कहाँ खेलथस?<br />आप कब पूजा करते हैं ? – तुमन कब पूजा करथौ ?<br />क्या आप मेरी प्रतीक्षा करेंगे ? - तुमन मोला अगोरिहौ का ?<br />सब को बुलाओ ? - सब झन ला बलावौ ?<br />क्या आपने मुझे बुलाया ? - का तुमन मोला बलायौ ?<br />आपको मुझसे काम है ? - मोर करा कुछ काम है का तुमन ला ?<br />कौन आ रहा है ? - कउन आवत है ?<br />तुम्हारा नंबर क्या है ? - तोर नंबर का है ?<br />मुझ पर कोई विश्वास क्यों नहीं करता ? - मोला कउने काबर नइ पतियावै ?<br />तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते ? - तैं मोर बात ला काबर नइ सुनस ?<br />कल से देरी नही होगी - काली ले देरी नइ होवै<br />आज आँफिस बंद नहीं है - आज आफिस बंद नइ ए<br />आज गर्मी नहीं है - आज गरमी नइ ए<br />हम बचपन को कभी नहीं भूलते - हमन बचपन ला कभू रइ भूलान<br />कल रविवार होगा न - काली इतवार होही ना<br />तुम अँग्रेजी बोल सकते हो न ? - तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस ना ?<br />कितना अच्छा मौसम है न ? - कतेक सुग्घर मौसम है ना ?<br />अपने को होशियार समझते हौ - अपन ला चतुर समझथस </span><br /><span style="color:#3333ff;"><br />***********<br /><br /><span style="color:#663333;">काली फेर मुलाकात होही (कल फिर मुलाकात होगी )<br /><br />हाँ जाते- जाते एक गाना सुनते जाइए (जात-जात एक गाना सुनत जावव)<br />यह करमा गीत है (येह करमा गीत आय)<br /></span><br />करमसेनी के आवती, जानी सुनी पार्वती<br />अहो राम घासी घर, लिहे अवतार<br />अहो चौक चंदन पिढ़ली मढ़ाये<br />मिलवा के डार टूटगे, अहो सखी<br />कहाँ जगावो मिलवा डार । अहो राम......<br />झक-झक कर झक झुम्मर, अहो सखि<br />अंगना जगाबो मिलवा डार । अहो राम...<br /><br /><span style="color:#663333;">हिन्दी अनुवाद-</span><br /><br /><span style="color:#663333;">करमसेनी का आना मालूम हुआ । पार्वती ने घसिये के घर अवतार लिया । चौक पूरा गया, पीढ़ा रखा गया और चंदन आदि लगाये गये । मिलवा की डाल टूट गई । अरी सखी डाल चमक रही है, झूम रही है । अरी सखी मिलवा की डाल कहाँ उगाएँगे ? सखी आँगन में डगाल को स्थापित करेंगे । (छत्तीसगढ़ में करमसेनी को ग्राम देवी या लोक देवी माना गया है )<br /><br />राम-राम कल मिलेंगे (राम-राम कल फिर मिलेंगे)<br /><br /></span> </span><br /></span>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1142707050611286332006-03-18T10:27:00.000-08:002006-03-18T10:45:21.820-08:00छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (दूसरा दिन)<span style="font-size:130%;color:#ff6600;"><strong>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?</strong></span><br /><strong><span style="font-size:130%;color:#ff6600;"></span></strong><br /><span style="color:#009900;"><strong>दूसरा दिन </strong></span><br /><span style="color:#009900;"><strong>(क्रमशः)</strong></span><br /><br /><span style="color:#ff6600;">हिन्दी - छत्तीसगढ़ी</span><br /><br /><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#ff6600;"><strong>शिष्टाचार के कुछ वाक्यः</strong></span><br /><br />ठीक समय पर नहीं आ सका, माफ करें - टेम मा नई आए पाएँ, माफी देहौ<br />माफ कीजिए, मुझे छोड़ी-सी देर हो गई - देरी हो गै, माफी देहौ<br />गलती हो गई, मुझे दुःख है - गलती हो गै (चूक हो गै) मोला दुख हे<br />मुझे क्षमा करें - मोला छिमा करौ<br />ग़लती से हो गया,अब आगे ऐसा नहीं होगा- अउ आगू अब गलती नइ होवै, माफी देहौ<br />कुछ कहना (बताना) चाहता हूँ, मौका दें - कुछु कहे-बताए बर है, मौका दौ<br />ज़रा ध्यान दें, जरा सुनें, ज़रा बोलने दें - थोकुन ध्यान देहौ,सुनौ तो, बोलन दौ<br />जरा आगे आएँ या बढ़े, छोड़ा चुप रहें - थोकुन आगू बढ़ौ, रैगौ,<br />जोर से न बोलें - निरया के झन बोलौ या बोलव<br />इसे अपना ही समझें – येला अपनेच समझव<br />अपना समझकर उपयोग करें– तुम्हरे च तो आए, अपनेच समझौ अउ बउरौ<br />क्या मैं अंदर आ सकता हूँ - मैं भीतरी म आवंव<br />क्या मुझे बैठने दैंगे ? – मैं बैठौं या मोला बइठे बर देहू<br />क्या मैं बाहर जा सकता हूँ – मैं बाहिर जावौं या मैं बाहिर जावंव का<br />मैं यही बैठता हूँ – मैं येहींच (इहेंच) बइठथौं<br />मैं यहाँ खड़ा हूँ - ऐ मेर मंय ठाढ़े हौं<br />मैं छोड़ी देर रुकता हूँ – मैं थोरकुन ठहरत हौं<br />वह थोड़ी देर रुक गया – ओ ह थोरकुन बिलम गीस<br />थोड़ी देर बाद आऊँगा, जाऊँगा, खाऊँगा - मैं थोकुन बिलम के आहौं जाहौं, खाहौं<br />जैसी आपकी मर्जी – जइसे तुँहर इच्छा<br />आराम से बैठिए - बने बइठौ न जी<br />जल्दी-जल्दी मत कर -,सुसता लौ, लकर-लकर झन करौ<br />आपसे सलाह के लिए धन्यवाद – मिल के बने लागिस, बने बतायौ जी </span><br /><span style="color:#3333ff;">पूरी कोशिश करूँगा / करूँगी - मैं अपने डाहर ले जम्मो उदिम करिहौं<br />आप ठीक हैं न – तूँ सुग्धर हौ न या तूँ नित्ता तो हौ<br />भगवान आपका भला करे - भगवान तुँहर भला करै<br />क्षमा करना, क्षमा माँगता हूँ -माफी देहौ, माफी माँगत हौ<br />ग़लती हो गई - गलती होगै, चूक होगै<br />मुझे खेद है (दुःख है) – मोला दुःख हे<br />साफ़-साफ़ बोलें, जोर से बोले, स्पष्ट कहों - बने फरी-फरी या सफ्फा गोठियावौ<br />साहब आ गए, आए हैं, - साहेब आइस हे, आए हैं, आइन हैं आगे<br />साहब न कहा है, बाबू ने बताया है – साहेब कहिस है, बाबू बताइस है<br />साहब बुला रहे हैं, चपरासी को बुलाओ - साहब बलावत है, चपरासी ला बला<br />सुनो, पानी ले कर आऔ, साहब ने कहा है - सुन, पानी लान, साहब कहिस है<br />फाइल लाओ, पेन में स्याही नहीं है -फाइल ल लान, पेन मा सियाही नइ ए<br />मैं कब से घंटी बजा रहा हूँ - कतेक बेर ले घंटी बजावत हौं<br />टेलिफोन बज रहा, उठाओ - बड़े साहेब आए है, टेलिफोन बाजत है, उठा<br />बड़ी गर्मी है – अड़बड़ गरमत हे<br />ठंड लग रही है या पानी गिर रहा है -जाड़ लागत है /पानी गीरत है<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>भावबोधक-शब्द एवं कथनः</strong></span><br /><br />वाह-वा- वाह-वाह - बने हस बाबू, वाह कमाल कर देस गा<br />जीतने वालों को शाबाशी दो –जितइया ला सबासी दे न गा<br />वाह, अहो, कितना सुंदर है –वाह, कतेक सुग्घर हे, बड़ सुग्घर है गा<br />ओ हो, इतना बड़ा – ओ हो, कतेक बड़ है गा, अरे ददा, कतेक बड़<br />तुमने तो कमान कर दिया –तैं तो कमाल कर दे<br />ईश्वर कृपा करें – भगवान तोर बढ़ोतरी करै, भगवान तोर भला करै<br />भगवान तुम्हारी उन्नति करें - भगवान तोर बढ़ोतरी करै, भगवान तोर भला करै<br />तुमको भी, आपको भी - तहूँ ला, तुहींच ला<br />बहुत बढ़िया – अड़बड़सुग्घर, बहुत बढ़िया<br />बड़ी खुशी का समाचार है – अघात(अड़बड़) खुसी के खबर समाचार है<br />प्रभु मेरे, दया कर –हे भगवान, दया करबे<br />आपका स्वागत है - तुँहर स्वागत हे<br />फटाफट काम करो - लहुआ-लङुआ कमा बाबू<br />वह जल्दी-जल्दी चलता है - ओह लकर-लकर रेंगथै<br />जल्दी करो भैया - लहुआ कर भैइया<br />चुप रहिए, हल्ला मत कीजिए – कलेचुप रहौ जी, हल्ला झन करौ ।<br />सच /सत्य बोलो - सत्बोलौ, सच बोलौ<br />झूठ मत बोरो - लबारी झन मारौ<br />धन्यवाद भाई - धन्यवाद भइया<br />बार-बार मत खाओ -घेरी-बेरी झन खाऔ<br />बधाई है आपको - तुँहला बदाई है<br />कितनीदुःखद बात है -अड़बड़ दुख के बात है<br />शर्म करो / शर्म नहीं है - शरप कर / तोला लाज नई लागै<br />आप जो चाहें - जइसे तुँहर मन / मरजी<br />छिः यह क्या है ? – छि (हाय) एहा काए दाई (ददा) ?</span><br /><span style="color:#3333ff;"><br /><strong><span style="color:#ff6600;">छोटे वाक्यांशः</span></strong><br /><strong><span style="color:#ff6600;"></span></strong><br />मैं अभी जा रहा हूँ - मैं हा जावत हौं<br />हम तजा रहे हैं - हमन जावत हन<br />वे जा रहे हैं -ओ मन जावत हैं<br />बच्चे खेल रहे हैं - लइका मन खेलत हैं<br />लड़कियाँ पढ़ रही हैं - नोनी मन पढ़त हें<br />बहुत अच्छा - बने हे गा<br />बस, रहने दो - भइगे, रहन दै<br />क्यों नहीं ?- काबर नइ ?<br />कब आएगा ? - कतका जुवार आही ?<br />थोड़ा –सा भी नहीं ?-छोरकुन घलो नइ ?<br />कल मिलेंगे - काली मिलबो या काली मिलबोन<br />परसों आएँगे - परने दीन आबो ।<br />बहुत दिने से नहीं देखा - अड़बड़दिन ले नइ देखेहौं<br />अच्छा, चलते हैं - अच्छा, जात हन चलत हन<br />आइए - आवौ या आवव<br />बैठिए - बइठौ या बइठव<br />बाहर इंतजार करो - बाहिर अगोर<br />सीधे जाओ - सोझ जा<br />***************<br /><br />आज बर एतका (आज के लिए इतना)<br /><br />काली फेर नवा-नवा बात जानबोन (कल नई-नई बात जानेंगे)<br /><br />जात-जात मोला एक ठिन छत्तीसगढ़ी गीत सुरता आगे (जाते-जाते मुझे एक छत्तीसगढी गीत याद आ गया है)<br /><br />चली, वोही ला जुरमिल के गायीं (चलिए, उसे सम्मिलित स्वर में गाते हैं)<br /><br />मैं बताना चाहूँ वो ह छ.ग. के बड़े गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिहा के परसिद्ध गीत आय (मैं बताना चाहूँगा कि वह छत्तीसगढ़ के बड़े प्रसिद्ध गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिहा जी का गीत है)<br /><span style="color:#cc33cc;">गीतः<br /></span><span style="color:#339999;">मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी<br />वो गिरे थके हपटे मन<br />अउ परे डरे मनखे मन<br />मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी<br /><br />अमरइया कस जुड़ छाँव में<br />मोर संग बइठ जुड़ालव<br />पानी पी लव मैं सागर अंव<br />दुख पीरा बिसरालव<br />नवा जोत लव नवा गाँव बर, रस्ता नवा गढ़व रे<br /></span><br />(मित्रो, यह उनका ऐसा गीत है जिसे सभी छत्तीसगढिया गाते-गुनगुनाते हैं । यह इतना प्रसिद्ध गीत है कि इसे विश्व के कई देशों के रेडियोवाले बजा चुके हैं )<br /><br /><span style="color:#333300;">मित्रो, अब चलते हैं । मेरी पत्नी पूछ रही थी कि इस पाठ से तुम्हें क्या मिलेगा ? क्या आप भी ऐसा समझते हैं कि आत्मसंतोष नहीं मिलेगा मुझे । नहीं ना । तो मैं कल्पना जी से कह देता हूँ कि आप लोग इसका लाभ उठा रहे हैं । हाथ कंगन को आरसी क्या । पढ़े लिखे को फारसी क्या । चलिए, उसके संतोष के लिए एक पत्र ही लिख दीजिए हमें । तो वह भी तल्लीनता के साथ इसे पोस्ट करने में सहयोग किया करेगी ।<br />पत्र की प्रतीक्षा में । हाँ वही- ई-मेल भाई..........<br /></span><span style="color:#003300;"><br />राम-राम भइया मन ।</span> </span><br /></span>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1142641064084624342006-03-17T16:07:00.000-08:002006-03-17T16:17:45.933-08:00छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (पहला दिन)<div align="justify"><span style="font-size:130%;color:#ff6600;"><strong>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?</strong></span></div><div align="justify"><strong><span style="font-size:130%;"></span></strong><br /><span style="color:#3333ff;">छत्तीसगढ़ी बड़ी ही सरल भाषा है । जो हिन्दी बोलना जानता है उसे छत्तीसगढ़ी बोलने, सीखने और लिखने में कोई समस्या नहीं होती है । यदि आपने ठान लिया है कि आप पूर्वी हिन्दी की प्रमुख भाषा ‘छत्तीसगढ़ी’ में रचा-पची संस्कृति, साहित्यिक वैभव को जानना चाहते हैं तो हम आपका स्वागत करते हैं । प्रतिदिन मात्र एक घंटा समय देकर आप यह भाषा बोलने, समझने एवं पढने तथा लिखने में पारंगत हो सकते हैं । हम प्रतिदिन एक पाठ पढ़ा करेंगे । देखते ही देखते 15-20 दिन में आप हमसे भी अधिक अच्छा छत्तीसगढ़ी बोलना सीख जायेंगे । यह हमारा विश्वास ही है । शुभस्य शीघ्रम् । क्यों न आज जी से हम शुरू कर दें । </span></div><div align="justify"><br /><span style="color:#3333ff;"> आज हम छत्तीसगढ़ी के महत्वपूर्ण शब्दों से परिचित होते हैं । तो चलिए नाः-</span></div><div align="justify"><br /><span style="color:#3333ff;"> <strong><span style="font-size:130%;"> <span style="color:#009900;"> पहला दिन</span></span></strong></span></div><span style="font-size:130%;"><div align="left"><br /></span><strong><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#ff6600;">हिन्दी </span> </span><span style="color:#ff6600;"> छत्तीसगढ़ी</span></strong></div><strong></strong><div align="left"><br /><span style="color:#3333ff;">पिता – दादा, सियान, बाबू<br />माँ - दाई, महतारी, माँ<br />दादा - बबा<br />नाना - बबा ,नाना ,ममा ददा<br />दादी – बूढ़ीदाई, दादी<br />नानी – कका<br />चाची - काकी<br />ताऊ - बड़ा ददा<br />मित्रता के आधार पर – फूल ददा, मितनहा ददा,<br /> महापरसाद<br />ताई – बड़े दाई, फूल दाई, मितनहा<br />एक ही नाम होने पर - सहिना ददा, सहिना दाई<br />मित्र – सहिनाव, संगी<br />पुत्र - बाबू, बड़े बाबू (लइका)<br />प्रथम पुत्र - पहिलावत लइका<br />पुत्री - नोनी, बड़े छोकरी, बड़े नोनी<br />जेठ – कुरा ससुर, डेर ससुर<br />देवर - देवर<br />बड़ा साला - डेर सारा<br />बड़ी साली – डेर सारी<br />बुआ - फूफू<br />बूआ का पति - फूफा<br /></span><span style="color:#ff6600;"><br /></span><strong><span style="color:#ff6600;">अभिवादन :<br /></span></strong><span style="color:#3333ff;"><br />(उम्र में बड़े रिश्तेदार या अन्य) प्रणाम, नमस्कार – पाँव परत हौं, पा लागी<br />(बराबरी मित्र) नमस्ते, नमस्कार – राम –राम जोहार<br />(आशीर्वाद )खुश रहो, आयुष्मान, जीते रहो – खुसी रहौ, जियत रहौ ,अम्मर रहौ ।<br />प्रणाम पापा, - बाबूजी-पाँव परत हौं ददा, बाबू<br />प्रणाम ददा जी - पा लागी ददा<br />प्रणाम ताऊ जी – पा लागी बड़ ददा<br />प्रणाम माँ (पुरुष द्वारा) - पा लागी दाई, (माँ)<br />प्रणाम माँ (स्त्री द्वारा) – पाँव परत हौं दाई<br />प्रणाम (चाचा, मामा, नाना, अन्य संबंधी) - पा लागी कका, ममा, नना,फूफू आदि ।<br />प्रणाम माँ ,नानी,दादी,चाची, ताई, बुआ, मामी - पाँर परत हौं दाई, काकी,फूफू,मामी<br />प्रणाम चाचा जी (एक नाम वाले हों) – पा लागी सहिना कका ,ददा फूफा<br /> पाँ परत हौं सहिना दाई फूल दाई<br />प्रणाम नमस्कार मित्र (या नाम से संबोधन) – राम-राम मितान, राम-राम संगी<br /></span><span style="color:#3333ff;"><strong><br /><span style="color:#ff6600;">गैर- संबंधी बुजुर्ग :</span></strong><br /><br />प्रणाम (नमस्कार),चाचा जी,दादाजी, भाई साहब -पा लागी कका, ददा,बड़ेददा सियान, भाई<br />समकक्ष-नमस्कार – मित्र राम-राम मितान, संगी, संगवारी<br /><br />गुरु, पुजारी, ब्राह्मणः<br /><br />प्रणाम गुरुजी, सर - पा लागी गुरुजी<br />प्रणाम पंडित जी,महराज - पालागी महराज, पा लागी बाम्हन देंवता<br /></span><span style="color:#3333ff;"><strong><br /><span style="color:#ff6600;">अधिकारी / प्रतिष्ठित वर्ग या अन्य आदरणीय व्यक्तिः</span></strong><br /><br />साहब राम-राम – राम-राम साहेब<br />राम-राम बाबू जी – राम-राम बड़े बाबू<br />राम-राम साहब – राम-राम पंच, रसपंच<br />या नमस्ते,नमस्कार,साहब – राम-राम गुरुजी, राम – राम मितान, राम-राम जँवारा / संगी<br /></span><span style="color:#3333ff;"><strong><br />आशीर्वाद / आशीर्वचनः</strong><br /><br />खुस रहो / जीते रहो /जीती रहो / बेटा / बेदी - खुसी रह / जियत रह बेटा / बेदी<br />चिरंजीव रहो.- अम्मर रह<br />आयुष्मान-भव – मस्त रह<br />सौभाग्यवती भव- तोर चुरी अम्मर रहै<br />सदा सुहागन रहो – एँहवाती रह, तोर सदा देवारी रहै<br />सामान्य शिष्टाचारः<br /><br />आइए –बाबाजी, काका जी ,वैठिए – आवौ, आवौ गा, कका ,बबा, सब बने –बने हौ न<br />आसन ग्रहण करें- आवौ बइठो<br />कैसे हो –सब राजी-खुशी है न – कइसे हस गा, सब बने-बने हौ न<br />कैसे हैं ? हमारी याद आती है न<br />बहुत दिनों बाद दर्शन दिए, क्या बात है ? - कइसे हौ,हमर सुरता आथे न, अड़बड़ दिन मा आए हौ, का बात हे ?<br />याद नहीं आती क्या- सुरता नई आवय का<br />आते रहा करें- अइसने दया-मया राखौ, आए करौ<br />बड़ी कृपा की बडी किरपा करौ<br />लाओ पानी-वानी साहब के लिए- लान रे पानी-वनी साहेब बर<br />भोजन का समय हो गया, खा के जाइये- खाय के बेरा हो गै हे,खा-पी के जाहौ<br /></span><span style="color:#ff6600;"><br /><strong>आदरसूचकः</strong></span></div><strong></strong><div align="left"><br /><span style="color:#3333ff;">आप - तुमन, तूँ मन, तूँ<br />आप बताइए- तुमन या तूँ बतावौ<br />आप ने कहा- तुमन कहौ<br />तुम बैठ जाओ- तैं बइठ जा<br />तुम भाग जाओ- तैं भाग जा, तैं हट जा<br />आप कहें (स्त्री)- तुमन कहौ (ओ)<br />आप कहें (पुरूष)- तुमन कहौ जी, गा<br />आपका क्या नाम है- तुँहर का नाव आय<br />आप कहाँ रहते हैं- तुमन केती रहिथव<br /> तुमन कहाँ रहिथौ<br />मैं क्या मदद कर सकता हूँ- मैं तुँहर बर का करे सकत हौं<br />कृपया संकोच न करें- सकुचावौ झन<br />साफ़-साफ़ बता दें- फरी-फरी बता दौ<br />ठीक है मैं देखूँगा- ठीक हे, मैं देखिहंव<br />आप कल आइए- तुमन काली आवौ<br /><br />कल हम फिर मिलेंगे पर जाते-जाते मुझे एक पंक्ति याद आ रही है-<br /><br /></span><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#cc9933;"><strong>राम धरे धनु, लछिमन धरे बान<br />सीता मइया के खोज में निकर गे हनुमान ।</strong><br /></span><br />अब इसका हिन्दी अनुवाद भी तो जानते जाइयेः-<br /><br />राम धनुष धारण किये हुए हैं । लक्ष्मण वाण धारण किये हुए हैं ।<br />सीता माता का पता लगाने हनुमान निकल पड़े हैं ।<br /><span style="color:#663300;"><br />राम-राम संगी मन ! काली फेर मिलबोन । (मित्रगण नमस्कार, कल फिर मिलेंगे)<br />हाँ, आज के पाठ में किसी प्रकार की कठिनाई है तो हमें जरूर बतायेंगे ।</span> </span></div><div align="left"> </div><div align="left"><span style="color:#ff6600;">प्रस्तुतिः जयप्रकाश मानस</span></div>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1142023328954221962006-03-10T12:32:00.000-08:002006-03-10T12:50:42.003-08:00छत्तीसगढ़ी यानी सबले सुग्घर भासा<a href="http://photos1.blogger.com/blogger/4482/2466/1600/chhattisgarh_map.jpg"><img style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; CURSOR: hand; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://photos1.blogger.com/blogger/4482/2466/320/chhattisgarh_map.jpg" border="0" /></a><br /><div align="justify"><span style="color:#ff6600;"><span style="color:#000000;">छत्तीसगढ़ हमार देस के सीरिफ राज्य नोहे । येहर हमार अस्मिता घलोक आय । हम भारत के रहोय्या अन । फेर येतका कहेले हमार सब्बो परिचय नइ मिलय । छत्तीसगढ़ी हमार भासा आय । येही हर हमार चिन्हारी के असली चिन्हा आय । येला भूलायन तो सबला भूलायन । छत्तीसगढ़ी अइसन भाखा आय जेन म हम पहिचाने जाथन । हमार सब्बो छत्तीसगढ़ी के कारन थोरकुन अलग हे । जैसे- आचरण । जैसे सोच । जैसे-सोच । जैसे- हमर समझदारी । जैसे- हमर जिनगी ला देखे के तरीका । कहे गे हावय- जाखर जइसन भासा तेखर वइसन आसा । येही आस-विस्वास ह हमन ला सबसे सुग्घर बनाथे अउ मन ले बिनकहे निकलथे-</span> '<strong>छत्तीसगढ़ियाः सबले बढ़िया</strong> ।' <span style="color:#000000;">येमा कोन्हो ला कोइ संखा नइ हे</span> ।</span></div>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.com