tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1174897810314254192007-03-26T02:30:00.000-07:002007-03-26T02:30:00.000-07:00भाई लछीमन मस्तुरिहा के गीत सुनाये भाई अडबड मजा आयी...भाई लछीमन मस्तुरिहा के गीत सुनाये भाई अडबड मजा आयीस छत्तीसगढी भासा के अईसनहे कई ठन जुना गीत अउ ददरीया हावय फेर ठोली बोलि ह मोर अउ समाज अंतस में बैठे छत्तीसगढी म छा गे हे । पहिरे हरा रंग के सारी ओ लोटा वाले दुनो बहीनि अउ दूसर जुंना गीत के संकलन आप मन के कोठी म होही त लीखहू अउ भौजी ला कहीहू के छत्तीसगढी के सुनईया चहईया चाहे एक झीन ही काबर ना होय हिम्मत मत हारो लगे रहो भागीरथी गंगा आही अउ जरूर आही । हमर भईया के हिम्मत तो आप हव जुर मिल के छत्तीसगढ महतारी के सेवा करव । मेकरा जाला म मोर लईक कोनो सहयोग होही ता मोला कहव छत्तीसगढी बर मैं अपन समय जरूर देहूं ।<BR/>bhilai-durg.blogspot.comSanjeeva Tiwarihttp://www.blogger.com/profile/03839571548915324084noreply@blogger.com