tag:blogger.com,1999:blog-21658146.post-1150953118557171502006-06-22T10:41:00.000+05:302006-06-22T10:41:00.000+05:30पढ़ कर बहुत अच्छा लगा. यह नहीं कह सकता कि पूरा समझ ...पढ़ कर बहुत अच्छा लगा. यह नहीं कह सकता कि पूरा समझ आ गया, शायद उसके लिए पूरा उपन्यास पढ़ना पड़ेगा. इतना अवश्य स्पष्ट है कि बात गहरी है और मनन की आवश्यकता है. अगर आप इस दर्शन की व्याख्या करें तो और भी अच्छा होगा. बहुत बहुत धन्यवाद.Sunil Deepakhttp://www.blogger.com/profile/05781674474022699458noreply@blogger.com