tag:blogger.com,1999:blog-18511618.post-1132853916583735102005-11-24T09:35:00.000-08:002005-12-04T07:00:00.633-08:00ठहरा मुकामकभी राह तकते मुकाम निकल जाए<br />कभी मुकाम देखते राह भटक जाए<br /><br />पर राह के खातिर मुकाम जो बदल ले<br /><br />तो राही पथ का हो जाए,<br />मुकाम राह देखता रह जाए,<br /><br />पर ए राही, समय बदल ले, तारतम्य बदल ले<br /><br />मुकाम तो तेरे लिए फिर ठहरा रह जाए,<br />पलटने का साहस ज़ो तेरे मे आ जाएkhoyehttp://www.blogger.com/profile/07167813839368319662noreply@blogger.com