tag:blogger.com,1999:blog-18449440.post-11222577934738640352007-10-11T23:34:00.000-07:002007-10-11T23:34:00.000-07:00कुछ और बताते न। समीक्षा के बहाने ही सही। तृप्ति नह...कुछ और बताते न। समीक्षा के बहाने ही सही। तृप्ति नहीं हुई। <BR/><BR/>चलो यह अच्छा ही हुआ, अब बढ़ने की तमन्ना जाग गई है डोरिस को।Srijan Shilpihttp://www.blogger.com/profile/09572653139404767167noreply@blogger.com