tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-57004158886745242442007-10-24T06:20:00.000-07:002007-10-24T06:20:00.000-07:00क्या चित्र खींचा है मित्र-एकदम जीवंत. मुझे लग ही र...क्या चित्र खींचा है मित्र-एकदम जीवंत. मुझे लग ही रहा था कि चाची लेंगी नहीं कड़ाही-और बुढऊ का समय अलग खराब होगा. सब चाची ऐसी ही होती हैं क्या?? गाँव की याद हो आई. बहुत खूब. मजा आ गया.Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.com