tag:blogger.com,1999:blog-1791661064823014117.post-75885479781530746172007-10-03T05:13:00.000-07:002007-10-03T05:13:00.000-07:00हमारे एक दोस्त कहते थे की इन लोगों को इनके घर में ...हमारे एक दोस्त कहते थे की इन लोगों को इनके घर में जाकर मारो. राम क्या इनकी प्रायवेट प्रोपर्टी हैं? और वो कहते थे की प्रभाष जी की तकनीक इसीलिये कारगर है. मैं कभी उनसे पूरी तरह सहमत नही हो पाया लेकिन आपका ये व्यंग्य पढ़कर मुझे वो बात याद आ गई. व्यंग्य में ही सही, आपने वही तकनीक अपनाई है. मज़ा आया!miHir pandyahttp://www.blogger.com/profile/12081689485598823343noreply@blogger.com