tag:blogger.com,1999:blog-17729896.post-1130868685618465492005-11-01T10:30:00.000-08:002005-11-01T11:44:10.976-08:00दिअरी के शुभकामना सब केहू के. हमार आपन त का दिवाली आ का छठ. घर-परिवार आ मित्रगण के शुभकामना देके ही मन अघा जाला. बाकी ढेर कुछ मिलबो ना करी खोजलो पर.<br /><br />अगर हमार बात केहू माने त हम बोलेम जे सबकार कम से कम पाँच साल प्रवासी के जिंदगी जीए के चाही.दिवाली के दिया के Halloween के अंहार (Halloween के सांझे हमेशा घर के बत्ती बंद रखे के पड़ेला काहे कि हर साल भुला जानी लईकन खतिरा लेमनचूस खरीदे के)से आ तरुआ के जापानी तेमपुरा (Tempura) से बदले के मजा ही कुछ और हवे.<br /><br />एह दिवाली लक्ष्मी जी थोड़ा प्रसन्न नईखी बुझात. पिछले सप्ताह जुआखोरी के सबसे बड़ा अड्डा - लास वेगास - मे पाकिट कटा गईल. साला चोर-चुहार भी जगह के हिसाब से बदले ले सन. बेतिया-मोतिहारी मे कटाईल रहित त पईसा निकालते सन आ मस्त रहते सन; दिल्ली मे ढेर कौनो खिसीआईत त दू-चार जगह क्रेडिट कार्ड चलावे के कोशिश करते सन; लेकिन ई लास 'एकरी $%^ & #$*' वेगास हवे. पाकिटमार भी छँटल बारे सन. ७-८ घंटा मे ही पूरा बैंक के आ दू-दू गो क्रेडिट-कार्ड के एकाऊंट खाली. अईसन सफाई से काम भईल बा जे बैंक वाला जासूस लोग के बुझात ही नईखे जे का भईल. खैर,<br /><br />बाकी, ईहाँ लईकन के परिक्षा आवता SAT के आ आधा से जादे के कौनो अंदाज ही नईखे. अमरीकि स्कूल थोड़ा अलग तरिका से चलेले सन आ पढाई पर अपना ईहाँ अईसन जोर ना रहेला हाई स्कूल ले कम से कम. तीन महिना से जादे से बगल के एगो स्कूल मे SAT खतिरा गणित के क्लास पढावत बानी. पाँच दिन मे परिक्षा बा आ आज ले आधा से ज्यादा क्लास बिना कलम चाहे कागज के आवेला. गणित पढावल थोड़ा मुश्किल हो जाला जब तीन चौथाई के परिक्षा के नाम भी ठीक से मालूम ना होखे. एगो जवान बा - आन्हर मे काना राजा लेकिन जौना क्लास मे पाँच गो विद्यार्थी के ई नाम ना मालूम होखी, ई लईका नोबेल पुरस्कार जीते के ईच्छा रखेला. मेहनती हवे आ के जाने ला जीत भी सकऽता. सब सोच के खेल हवे. ई बहुत बड़ा अंतर देखेनी हेने के आ अपना ओरी के मानसिकता मे - लोग ईहाँ सोच पे लगाम ना लगावे कठिनाई के डर चाहे ख्याल से.<br /><br />अभी लागल होई जमावड़ा जुआ पर अपना ओरी , ठ्ठा लागत होई, गिलास भरात होई, तेल रगड़ के केतना लोग चोरी के कैरियर के शुरुआत करत होखी, बम पटाखा ताबड़-तोड़ फूटत होखी, बहुत मजा होखी.... अच्छा कहियो फेर हमरो मिली. हा हा पुरान प्रवासी चुटकुला हवे.Danilhttp://www.blogger.com/profile/08887917576493881664noreply@blogger.com