tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-44751953617100992272007-04-28T12:43:00.000+05:302007-04-28T12:43:00.000+05:30@सतीश जीजौं सत बाजी तऽ ई विचार अहीं के अछि आ ओकरे ...@सतीश जी<BR/>जौं सत बाजी तऽ ई विचार अहीं के अछि आ ओकरे ध्यान में राखि के हम सब एहि दिशा में आगाँ एलियै। अहाँ के टिप्पणी वस्तुस्थिति के देखैत सटीक छल आ प्रायोगिक सेहो। हम सभ चकित छलहुँ जे साढ़े चारि करोड़ मैथिल में मैथिल लिखै बला के संख्या एते कम कियेक। आब बुझबा में आबि रहल अछि जे शुरुआती दिक्कत बेसी परेशान करैत छैक। अखन आब दोसर सवाल छै जे कोन तरह के मैथिली ब्लोग केर हम सब अपेक्षा करैत छी। बहुत रास मेल इहो संबंध में हमरा भेटल कि की लिखल जाय? हमर सलाह, जे किछ मोन में आबय यऽ, आ अहाँ के इच्छा होयत एछि जे अनको ई बात बतैबतियेक तऽ एतय लिख सकैत छी।<BR/><BR/>धन्यवाद,<BR/>राजीव रंजन लालRajeev Ranjan Lallhttp://www.blogger.com/profile/18354335177402486449noreply@blogger.com