tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-54554016669838766752007-06-17T12:25:00.000+05:302007-06-17T12:25:00.000+05:30"तड़प रहे हैं कोटी-कोटी ग्राम देवताअक्षत और जल के ..."तड़प रहे हैं कोटी-कोटी ग्राम देवता<BR/>अक्षत और जल के बिना ही नग्न मूर्छित हो,<BR/>सूखी आंत, मींचे दांत, पथ्राये हुए नैन<BR/>टकटकी लगाए हैं, पाटने कि ओर, दिल्ली कि ओर ।"<BR/>-- अमोघ<BR/>-- तार स्वर शीर्षक से (मैं तो तेरे पास में)Abhishek Mishrahttp://www.blogger.com/profile/12093818682511281896noreply@blogger.com