tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-40946230575925408652007-12-22T11:44:00.000+05:302007-12-22T11:44:00.000+05:30राजीव जी, आन्हा के अखबार त चोरी होइत च्हल लेकिन ह्...राजीव जी, <BR/>आन्हा के अखबार त चोरी होइत च्हल लेकिन ह्म्मर अखबार त हमरा आन्खिक सामने स हमर परोसी ल लैत च्हल और कहैत च्हल जे "पध्ने के बाद मे दे देन्गे". साफ दकैती.<BR/>आन्हाक ई लेख खूब नीक लागलS M Jhanoreply@blogger.com