tag:blogger.com,1999:blog-15885037.post-61394096032655980702008-05-13T15:43:00.000+05:302008-05-13T15:43:00.000+05:30की यौ सरकार,नहिए मानब! देखु एहन कविता जुनी लिखु जे...की यौ सरकार,<BR/>नहिए मानब! देखु एहन कविता जुनी लिखु जे हमरा फेर सों तुरते गाम'क रास्ता नजर आबि जाए ! किएक हम एक्खन तुरत्ते गाम सों अवैते छी! अपने'क कविता किछु काल'क लेल त सहिए में हमरा गाम पहुँचा देलक ! लेकिन सत्य मानू त अपनेक कविता में जे सौंदर्य अछि, वो त आब गाम में नदारद ! सब जगह कृत्रिमता आबि गेल अछि आ नवका युग'क ई कृत्रिमता गाम'क प्राकृतिक सौन्दर्य के निगली रहल अछि ! काश अपना सब किछु क सकितौं !!!करण समस्तीपुरीhttp://www.blogger.com/profile/10531494789610910323noreply@blogger.com