tag:blogger.com,1999:blog-15215831.post-1131612122131093302005-11-10T00:31:00.000-08:002005-11-10T00:42:02.140-08:00आज हमारे जीवन पथ पर<br />कूडा है, करकट है।<br />कीचड,<br />गूबड,<br />नाला,<br />पर हम चल रहे हैं,<br />सिमट कर,<br />घिसट कर,<br />चूहा दौड में आगे जो रहना है।<br /><br />घिन नही आती हमे,<br />आदी हो चुके हैं ना।<br />(वैसे भी हम कीचड से लथपथ हैं।)<br />सड चुक है,<br />तन, मन, जीवन।<br />पर हम चलते जायेँगे,<br />कोइ रुकेगा नही,<br />इस गन्दगी को साफ़ करने।<br />चूहा दौड में आगे जो रहना है।<br /><br />-शब्दाshabdahttp://www.blogger.com/profile/07961528262493927188noreply@blogger.com