tag:blogger.com,1999:blog-13053295.post-73930015020447364062007-02-07T08:43:00.000-08:002007-02-07T08:43:00.000-08:00वाह मजेदार, हँस-हँस कर पेट में बल पड़ गए। आप की प...वाह मजेदार, हँस-हँस कर पेट में बल पड़ गए।<br /> <br />आप की पोस्ट पढ़ते हुए मुझे लगा कि कहीं मैं <a href="http://pagdandi1.blogspot.com/">पानी के बताशे</a> पर तो नहीं आ गया, क्योंकि आप दोनों लिखने का अंदाज बिल्कुल एकसा है और आपके चिट्ठों की थीम भी। हैरान हूँ कि पहले आपके चिट्ठे पर नजर कैसे नहीं पढ़ी। विडंबना को व्यंग्य में बखूबी व्यक्त किया आपने।<br /><br />शीर्षक पोस्ट के अनुरुप सचमुच नहीं है।Shrishhttp://www.blogger.com/profile/15264688244278112743noreply@blogger.com