tag:blogger.com,1999:blog-13053295.post-69076019049195047742007-03-12T20:28:00.000-07:002007-03-12T20:28:00.000-07:00पंचतंत्र की एक कहानी याद आ गयी, जिसमें एक बंदर अपन...पंचतंत्र की एक कहानी याद आ गयी, जिसमें एक बंदर अपने सोते हुये राजा को पंखा झलते हुये उसके ऊपर से मख्खियाँ उड़ा रहा होता है. एक मख्खी बार-बार राजा से ऊपर बैठती है. बंदर मख्खी को मारने के लिये तलवार ले आता है और जैसे ही मख्खी राजा के ऊपर बैठती है बंदर मख्खी को मारने के लिये तलवार चला देता है. मख्खी तो उड़ जाती है लेकिन राजा तलवार की चोट से मर जाता है. <BR/><BR/>बंदर के हाथ में प्रजातंत्र की तलवार तो ठीक है पर बंदर को साक्षर के साथ शिक्षित भी तो करना होगा!!अनुराग श्रीवास्तवhttp://www.blogger.com/profile/03416309171765363374noreply@blogger.com