tag:blogger.com,1999:blog-128498282009-05-30T12:21:41.078+05:45नेपालसे एक चिट्ठाsalokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.comBlogger15125tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-11219946356367831002008-10-05T17:20:00.002+05:452008-10-05T17:24:26.382+05:45फिर से सक्रिय होने कि आकांक्षाबहुत हो गया हिन्दी मेँ ब्लग नहीँ कर सका। कहने मेँ थोडा शर्म तो आना चाहिए लेकिन सच बताउँ तो मेरा पासवर्ड ही खो गया था :(<br />आज जैसेतैसे अपना पासवर्ड वापस मिल गया। सो फिर से हिन्दी ब्लग जगत् मेँ सक्रिय होने कि आकांक्षा है। मैनेँ पहले कि कहा था- हिन्दी मेँ मैनेँ कोइ औपचारिक शिक्षा नहीँ लि है। सो मुझे सुधारने के लिए आप लोगका साथ आवश्यक है।<br />आज के लिए इतना ही।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-1121994635636783100?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1137877991177909722006-01-22T02:52:00.000+05:452006-01-22T02:58:11.190+05:45नेपालमें निरंकुश राजशाहीविरुध्द आन्दोलननेपालमें निरंकुश राजशाहीविरुध्द आन्दोलनमेँ हाल ही के दिनों मे तेजी आई है। इसी दौरान शनिबार के दो भिडियो ब्लग यहाँ रखने कि अनुमति चाहता हुँ। <br /><object width="425" height="350"><param name="movie" value="http://www.youtube.com/v/bBWQyK95uqs"></param><embed src="http://www.youtube.com/v/bBWQyK95uqs" type="application/x-shockwave-flash" width="425" height="350"></embed></object><br />ये पहला ब्लग लोकतान्त्रिक स्रष्टाअ‍ोंकी है। कविता वाचन के दौरान ही इनको धरपकड किया गया था। <br /><br /><object width="425" height="350"><param name="movie" value="http://www.youtube.com/v/RcIy0NnQKVs"></param><embed src="http://www.youtube.com/v/RcIy0NnQKVs" type="application/x-shockwave-flash" width="425" height="350"></embed></object><br /><br />ये दुसरा ब्लग न्युरोडकी है। वहाँ आज कुछ ज्यादा ही तनाव था। पत्रकार व मानवअधिकारवादी तकको नहीँ छोडा गया। दर्जन से भी ज्यादा घायल हुए। हो सके तो आप भी नेपाल मेँ लोकतन्त्रकी स्थापना के लिए अपनी तरफ से योगदान दिजिए।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-113787799117790972?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1133814384010794402005-12-06T02:00:00.000+05:452005-12-06T02:11:25.586+05:45भारतीय नेता ने नेपाल मेँ आकर कहा- "राजाको समुद्रमेँ बहा दो"इन दिनोँ नेपाल मेँ राजा के निरंकुश शासनके विरुध्द जनआन्दोलन चल रहा है। नेपाल के लोकतान्त्रिक आन्दोलनको विदेशसे ऐक्यवध्दताकी आवश्यकता तो है, मगर जब कोइ विदेशी नेता नेपाल के भूमि मे आकर कूटनीतिक मर्यादा के विपरीत कुछ बात कहते है, तो इसे क्या कहा जाए। चाहे वो राजतन्त्र के समर्थन मेँ हो या विपक्ष मेँ। डिसेम्बर २ मेँ कम्युनिस्ट पार्टी एमालेके आयोजन मेँ एक विशाल सभा हुई थी काठमाण्डू मे। उसी सभा मेँ भारतके पश्चिम बंगालका पूर्व कृषिमन्त्री विप्लव ने कहा- गली गली मेँ शोर है, राजा ज्ञानेन्द्र चोर है। राजाको जब हटाइएगा तो उसे आप मेरे पास भेज दिजिएगा, हम उसे समुद्र मेँ फेंक देँगेँ। देखिए मैने उनका यह कथन भिडियो ब्लग के रुपमे यहाँ रखा है। <a href="http://www.archive.org/download/UmeshIndianLeaderCriticizesNepalKingonNepaliSoil/Indians_Speaks_out.wmv">यहाँ क्लिक किजिए। </a><br />आप लोग क्या कहते है ? कोई नेपाली नेता आपके यहाँ आकर राष्ट्रपति के विरुध्द मेँ वा प्रधानमन्त्री के विरुध्द मेँ अनापसनाप बके तो उसे आप किस तरिके से लेँगे ? <br /><br />नेपाल के जनआन्दोलन के विषय मेँ यह भिडियो ब्लग भी देख लिजिए।<br /><a href="http://video.google.com/videoplay?docid=-8008922312335507894&q=UML">http://video.google.com/videoplay?docid=-8008922312335507894&q=UML</a><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-113381438401079440?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com6tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1128965604356217552005-10-10T22:55:00.000+05:452005-10-10T23:24:09.700+05:45इन्डियन आइडल पर चोरीका आरोप !<em><strong>(Disclaimer: इस चिट्ठे मेँ जो कुछ जानकारी दिया गया है, वो हयाट होटलके कर्मचारीयोँका दावा है। इस दावे पर विश्वास करना/नकरना आपकी मर्जी है। ये जरुरी नहीँ की इस दावे पर मेरा सहमति/असहमति होँ। )</strong></em><br /><br /><a href=http://theimagehosting.com><img src="http://images5.theimagehosting.com/abhijeet_sawant.jpg" alt="Image Hosted by The Image Hosting"align="left" /></a>अमेरिकन आइडलके तर्ज पर बना सोनी टेलिभिजनके कार्यक्रम से भारतका पहला इन्डियन आइडल बनने मे सफल अभिजित सावन्त कुछ केही दिन पहले काठमाण्डू में आए थे अपना गायिकीका जलवा दिखाने। अपने गायिकीसे उसले बहुतसे लोगों का दिल चुरा लिया। मगर अभिजित जिस होटल मेँ ठहरे थे, उस होटलका कर्मचारीयोँका कहना है कि खुद अभिजित नें वहाँका एक सीडी प्लेयर चुरा लिया। <br /><br />इन्डियन आइडल नेपालमेँ प्रोग्राम करने के लिए २ अक्टोबरके दिन १२३० बजे त्रिभुवन विमानस्थलमेँ उतरे थे। उसी दिन उसका वीरेन्द्र अन्तर्राष्ट्रिय सम्मेलन केन्द्र (बीआईसीसी), नयाँ बानेश्वर काठमाण्डू मेँ कन्सर्ट था। उनके लिए हयाट रिजेन्सी फाइभ स्टार होटलमेँ अक्टोबर १ से ही एक कमरा बुक था। <br /><br />अक्टोबर २ मे बीआईसीसीका कन्सर्ट के बाद वो हयाट होटलके कमरा नं. ५०६ मेँ ठहरे। कल उनको हयाट होटलमेँ ही एक अ‍ौर कन्सर्ट करना था। उसने रुम सर्भिस से कहकर वोही शाम एक सीडी प्लेयर बजाने के लिए मगाए। सोनी कम्पनीका ४० हजार रुपयेका वो सीडी प्लेयर होटल ने अतिथिके सुविधाकी खातिर उपलब्ध कराया। ५ सीडी चेञ्जर सीडी प्लेयर था वो। <br /><br />३ अक्टोबर के दिन हयाटका कन्सर्टके बाद ४ अक्टोबर के दिन इन्डियन आइडल ने होटलसे ‘चेक आउट’ किया। उसके बाद जब रुम ब्वाई ने कमरे मेँ चेक किया तो वो सीडी प्लेयर गायब था। <br /><br />इन्डियन आइडल ने सीडी प्लेयर चुरा लिया- हयाटमेँ उसी दिन हंगामा हुआ। होटलमेँ इस सम्बन्धमें एक मिटिङ भी हुआ था।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-112896560435621755?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com4tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1125223322450521602005-08-28T15:37:00.000+05:452005-08-28T15:47:04.693+05:45साइबर ठगों से सावधानमैने कभी सोचा नहीं था कि मेरा भी पाला पडेगा किसी साइबर ठग से। मगर होनीको कौन टाल सकता है। मैं अक्सर इन्टरनेट पर आउटसोर्सिङ्गका जब करता रहता हुँ। उसी दौरान भारतकी एक कम्पनी Linguistics International ने मुझे ईमेल भेजकर एक English to Nepali अनुवादका काम करने को कहा। श्याम संघी (Shyam Sanghi) था उसका नाम। उसने मुझे प्रति शब्द एक भारतीय रुपैया देनेका वादा किया जो कि तुलनात्मक हिसाबसे एकदम कम है। अक्सर अनुवादका दर $.04 होता है। फिर भी रुपयोँ कि आवश्यकता के कारण मैनें उसका ये काम रातभर नसोकर किया। उसने मुझे पेमेन्ट देनेका वादा भी किया मगर बारबार मुझे झाँसा देता रहा। अ‍ौर अब तो वो मेरा इमेलका जवाफ भी नहीँ दे रहा। बताइए एेसे ठगोंसे निपटने के लिए क्या करना चाहिए ? उसका इमेल एड्रेस linguistics_int@yahoo.co.in है। क्या भारत में एेसे साइबर ठगों से निपटने के लिए कोइ कानुन नहीँ है ?<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-112522332245052160?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com1tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1117725180427215602005-06-02T20:56:00.000+05:452005-06-02T20:58:00.430+05:45माउन्ट एभरेस्ट शिखर में शादीएभरेष्ट शिखर में पहुँचकर नए नए कीर्तिमान रखने की सिलसिला जारी रखते हुए नेपालकी एक जोडी ने एभरेस्ट शिखर में शादी कर सबको अचम्भे में डाल दिया है । <br />वैसे तो इस जोडी ने सोमबारको ही एभरेस्ट चढाइ की थी । लेकिन इस अनूठे शादीके बारे में आज ही पता चला है । आज जब वे लोग काठमाडौं वापस आए, उन्हो‍ने इस के बारे में सबको बताने की ठानी । वरना साथ ही एभरेस्टकी चढाइ करने वाले उन्ही के भ्रमण दल के एक सदस्य कामी शेर्पाको भी मोनी मुलेपति व पेम्बा डोर्जो शेर्पाकी शादी के विचार के बारे में पता नहीं था । <br />मोनी राजधानी काठमाण्डुकी नेवार समुदायकी महिला हैं । पेम्बा शेर्पा समुदाय का युवक । अन्तर्जातीय विवाह होने के कारण उन्होनें शादी की विचारको घर परिवारसमेत किसीको भी खबर होने नहीं दिया था । मोनी सगरमाथा चढाइ करने वाले पहली गैर शेर्पा समुदायकी महिला है । <br />उन लोगोंको आज काठमाण्डु में भव्य स्वागत किया गया । इससे पहले उनको लाने के लिए गया एक हेलिकप्टर आज सुबह एभरेष्ट शिविरमें दुर्घटनाग्रस्त हुआ था । लेकिन किसीको कुछ नहीं हुआ । भले ही हेलिकप्टर नष्ट हो गए हो । <br />आइए विश्वकी सर्वोच्च शिखर में शादी करने वाले इस दम्पतीको हम भी शुभकामना दें ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111772518042721560?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1117464640464517682005-05-30T20:35:00.000+05:452005-06-01T00:55:01.033+05:45माउन्ट एभरेस्टमें ट्राफिक जाम !माउन्ट एभरेस्टमें ट्राफिक जाम !<br />सगरमाथा, जिसको आप लोग माउन्ट एभरेस्ट के नाम से अधिक पहचानते हैं, में आज ट्राफिक जामका माहौल रहा । आज मे ३० के दिन कूल ४६ लोग एभरेस्ट के शिखर चढाइ करने में सफल रहे । <br />इस साल मौसम खराब होने कि वजह से कठिन माने जाने वाले नेपाल के दक्षिणी मोहोडा से एक भी पर्वतारोहीको एभरेस्ट चढाइ में सफलता नहीं मिली थी । <br /><img src="http://www.geocities.com/itihaasma/moni.jpg"> <br />इस साल नेपाली पर्वतारोहण क्षेत्रमें एक कीर्तिमान भी बना । आज सुबह ही स्थानीय एक महिला सुश्री मोनी मुलेपति भी सगरमाथा चढाइ करने में सफल रहे । मुलेपति राजधानी काठमाण्डु के आदिवासी नेवार समुदायकी महिला हैं । शेर्पा समुदाय के अलावा अ‍ौर समुदायकी महिला ने पहली बार इस तरह एभरेस्टकी चढाइ की है ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111746464046451768?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1117044589047812222005-05-25T23:50:00.000+05:452005-05-25T23:54:49.050+05:45हाथकी उंगलियाँ काटकर पूजा !नेपाल में फेस्टिभल जिसको हम जात्रा कहते हैं, कि कमी नहीं है । हम लोग जीवित देवीका भी पूजा करते हैं अ‍ौर पिशाचों की भी । जीवित देवी कि कुमारी जात्रा यहाँ काठमाण्डू में हरेक वर्ष आयोजन होता है । उसी तरह खराब आत्मा असल आत्माका बिगार नकरें उस खातिर हरेक वर्ष हम पिशाच चतुर्दशीके दिन पिशाचों की भी पूजा करते हैं‍ । इस बारेमें मैं आपको अधिक जानकारी उसी दिन देने के कोसिस करता हुँ । बहरहाल इस चिट्ठे में मैं हाल ही हुए एक अनूठे जात्रा के बारे में बताने जा रहा हुँ । खुद नेपाल के लोगोंको भी इस जात्रा के बारे में कम ही जानकारी है । <br />यहाँ एक स्थान है टिस्टुंग । वहाँ पर एक मन्दिर है बज्रवाराही । जाहिर है यह हिन्दू मन्दिर है अ‍ौर वाराहीका सम्बन्ध भगवती से है । इस मन्दिर में पहले तो मानव बली ही दी जाती थी । लेकिन आज की दौर में मानव बली उचित नहीं होती है । इसलिए मानव बलीका प्रचलन लोप हो गया । परन्तु मानव बलीकी प्रतिक के रुप में आजकल वहाँ मानव अंगूठे काटकर देवीको भोग देनेकी प्रचलन है । इस वर्ष मन्दिर के पूजारी ने स्वयं अपना अंगूठा काटकर भोग दिया था । <br /><img src="http://www.geocities.com/itihaasma/buffalohead.jpg"> <br />अंगूठा ही नहीं, वहाँ हजारौं पशुपंक्षीयों का भी बलि दिया गया था । कभी कभी मै‍ सोचता हुँ नेपाल में इतनी बलि क्योँ दिया जाता है ? हिंसा हमारी संस्कृति में क्यों इस तरह फैला हुआ है ? हरेक वर्ष विजयादशमी के दो दिन पहले भी नेपाल भर के हिन्दू बली दिया करते है । उस रोज भी हजारौं पंक्षीका हत्या होता है । एक बार मेरे एक सात समुद्रपार के दोस्त नें मुझसे पूछा था, तुम लोगों की धर्म ए‍ेसा है तो पाप कैसा होगा ? शायद इसी वजह से नेपाल आज हिंसा-प्रतिहिंसा में फँसा हुआ है । <br />मैं तो शाकाहारी हुँ । लेकिन मेरे घर में सभी मांसाहारी है । नेपाल में कोइ अपने आपको शाकाहारी कहे तो उसे अनूठे ढंग से देखा जाता है । आप लोगको सुनकर आश्चर्य होगा कि यहीं काठमाण्डू के पास ही गणेश वा गणपतिकी एक मन्दिर में भी बली दिया जाता है । वैसे तो बाँकी गणेशकी मन्दिरों में लड्डु ही चढाया जाता है, लेकिन इस मन्दिर में क्यों ए‍ेसा होता है ? इस मन्दिर के बारे में भी विस्तार में आपको किसी दिन बताने की कोशिश करेंगें । <br />तो बात हो रही थी बज्रबाराही मन्दिर में बलियों की । बलि के अलावा वहाँ पशुअ‍ों की आहुती भी दिया गया था । सर्प से लेकर भैंस तक की सिरको वहाँ की गई होम में आहुती दिया गया था ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111704458904781222?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1116784090688593252005-05-22T23:29:00.000+05:452005-05-22T23:46:59.536+05:45नेपाल में आज से जन आन्दोलन सुरु<strong>मनीषा कोइराला के पिताको कारबाही</strong><br /><br /><img src='http://www.geocities.com/itihaasma/NPA.jpg' alt='Courtesy: NPA' /><br />नेपाल के सात प्रमुख पार्टीयोंकी संयुक्त मोर्चा ने आज से जन आन्दोलन सुरु की है । आज आयोजित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में राजदरबारसे १० मिनेट की दूरी में अवस्थित शहरका एक मुख्य चोक असन में १० हजार से भी अधिक लोगों ने हिस्सा लिया । फेब्रुअरी १ में राजा ने शासन सत्ता अपने हाथों मे लेकर प्रत्यक्ष शासन व इमर्जेन्सी लागू किया था । उसके बाद से आज ये सबसे बडा विरोध प्रदर्शन है । <br />सरकार ने कल ही एक सूचना जारी करके जुलुसको संयमित होने अ‍ौर राजा के विरोध में नाराबाजी नकरने की चेतावनी दिया था । मगर आज जुलुस में राजा के विरोध में भी नारा लगाया गया था । <br />विरोध प्रदर्शन स्थल निकट बडे संख्या में दंगा प्रहरी तैनाथ किया गया था । मगर उन्होनें हस्तक्षेप नहीं की । विपक्षी पार्टीयों ने अब भंग कि गई संसदको पुनर्स्थापन करने की माग की है । उनके अनुसार उसके बाद संसद ही माअ‍ोवादीयों से वार्ता कर संविधान सभा तक की विकल्प में जाएगा । <br />इसी दौरान नेपाल के एक प्रमुख पार्टी नेपाली कांग्रेस नें बलिउड हिरोइन मनीषा कोइराला के पिता प्रकाश कोइरालाको साधारण सदस्यता से भी निश्काषित किया है । प्रकाश कोइराला व मनीषा कोइराला ने राजा के कदम के समर्थन में सार्वजनिक अभिव्यक्ति दिए थे । प्रकाश ने प्रजातन्त्र पुनर्स्थापना के लिए जारी आन्दोलनको अ‍ौचित्यहीन कहते हुए सरकारी मुखपत्र गोरखापत्र में अन्तर्वार्ता दिया था ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111678409068859325?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1116697366983840502005-05-21T23:26:00.000+05:452005-05-21T23:27:46.986+05:45भारतीयोंका अंग्रेजी मोह !उच्च शिक्षा के लिए कई नेपाली छात्र भारत जाया करते हैं । लेकिन आज नेपाली दैनिक कान्तिपुर में उससे ठीक विपरीत नेपाली विद्यालयों में भारतीय छात्रोंका चाप के सम्बन्ध में एक समाचार छपा है । <br />समाचार के मुताबिक भारतका महाराजगञ्ज जिलाके विभिन्न गावंसे गुणस्तरीय व निःशुल्क शिक्षाके लिए नेपाल आनेका प्रचलन बढा है । सीमा क्षेत्र भुजवहामें अवस्थित एक विद्यालय जनता माध्यमिक विद्यालय में इस वर्ष अकेले ही ५० से अधिक भारतीय छात्र भर्ती हुए है । <br />७ वर्षका पुत्र सकुनको नेपाली विद्यालय में भर्ती करने के लिए आए लक्ष्मीपुरके ऋषिकेश श्रीवास्तव नें पत्रिकासे कहा है, यहाँ के भारतीय नागरिक अपने सन्तानोंको जहाँ तक संभव हो नेपाले में ही पढाना चाहते हैं । भारतीय गावं के विद्यालयों में कक्षा ६ से अंग्रेजी सिखाया जाता है जबकि नेपालके सरकारी विद्यालयों मे १ कक्षा से ही अंग्रेजी पढाया जाता है । हम लोग अपने सन्तानों को अंग्रेजी पढाना चाहते हैं । इसलिए यहाँ आए हैं । <br />श्रीवास्तव ने अपने दो पुत्रोंको यहीं के स्कूल से प्राइमरी उत्तीर्ण करवाया था । जनता मावि के प्रधानाध्यापक रामकमल सहनी के अनुसार भारत घर बताने से भर्ती न हो पाने की खतराको देखते हुए वे लोग नेपाली परिचितोंकी सहायता इसमे लेते है ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111669736698384050?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com2tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1116529198037142822005-05-20T00:44:00.000+05:452005-05-20T00:44:58.040+05:45<a href='http://photos1.blogger.com/img/72/5735/640/DSCI0034.jpg'><img border='0' style='border:2px solid #660066; margin:2px' src='http://photos1.blogger.com/img/72/5735/400/DSCI0034.jpg'></a><br />Dharhara,KTM&nbsp;<a href='http://www.hello.com/' target='ext'><img src='http://photos1.blogger.com/pbh.gif' alt='Posted by Hello' border='0' style='border:0px;padding:0px;background:transparent;' align='absmiddle'></a><div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111652919803714282?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com0tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1116528108120594582005-05-20T00:23:00.000+05:452005-05-20T00:26:48.120+05:45नेपालका अपना 'मिसाइल'ये काठमाण्डु में अवस्थित धरहराका चित्र है । जब जब हमारे पडोसी मुल्क मिसाइलें टेस्ट करते है, तब हम लोग भी जोक में इसीको अपना मिसाइल के रुप में देखते हैं । गाइजात्रा के पत्रिकाअ‍ों ने इसकी सुरुवात की थी । आप लोगोंको बता दें कि जैसे भारत में होली के दिन पत्रपत्रिकाअ‍ों में हास्यव्यङ्ग्य कि विशेष अंक निकलते हैं, ठीक उसी तरह नेपाल में गाइजात्रा के दिन अंक निकलते हैं । एक बार वैसी ही एक पत्रिका में कुछ वर्ष पहले धरहराको मिसाइलका रुप दिया गया था । उसी समय से आज तक धरहराको मिसाइल कहकर लोग मजाक किया करते है ।<br />धरहराको भीमसेन स्तम्भ भी कहा जाता है । प्रधानमन्त्री भीमसेन थापा ने इसका निर्माण करवाया था । पहले धरहरा १२ तले की थी । लेकिन विक्रम संवत १९९० मा महाभूकम्प मे टुटने कि वजह से आज मात्र ९ तले कि है ।<br />कुछ अर्से पहले तक यहाँ किसीको जाने या चढ्ने नहीं दिया जाता था । लेकिन अब ५० रुपये कि टिकट काटकर यहाँ चढाइ की जा सकती है । यहाँ के वरण्डा से काठमाण्डुका नजारा बहुत अच्छे ढंग से दिखाइ देती है ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111652810812059458?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com3tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1116527892463811882005-05-20T00:02:00.000+05:452005-05-20T00:23:12.466+05:45धन्यवाद आप सभी कोमेरा चिट्ठा देखकर उसमे अपनी प्रतिक्रिया लिखने के लिए सभीको आभार । व्याकरण कि टिप्स के लिए ईस्वामी जीको धन्यवाद । आपसे इसी तरह की टिप्स की उम्मिद मैं लगातार करता रहुँगा । यहाँ मैं बता दुँ कि हिन्दी मे मैनें कभी अ‍ौपचारिक शिक्षा नहीं ली है । उसी कारण गल्ती तो होगी ही । गल्ती सुधारने की मकसद से ही मैंने ब्लग लिखना सुरु किया है ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111652789246381188?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com1tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1115924014285806332005-05-13T13:21:00.000+05:452005-05-20T01:15:56.286+05:45देखिए पशुपतिका नजरिया<img src="http://www.geocities.com/itihaasma/DSCI0016.JPG"><br /><br />ये पशुपतिनाथ मन्दिर परिसर कि तस्वीर है । वैसे आप में से बहुतों को पता होगा जो नेपाल में आये हैं कि पशुपति परिसर में क्यामेरा अलाउड नहीं है । पर हम लोग पत्रकार जो ठहरे, कुछ उपाय तो कर ही लेते हैं । ये तस्वीर मैने नेपाली नव वर्ष के दौरान लिए थे । यानि कि एक महिने पहले । उस दिन मन्दिर में बहुत भीड था ।<br />आप लोगों को जानकारी तो होगी ही कि पशुपतिका चार द्वार चाँदी से बनी हुइ है । अ‍ौर जो छत है, उसे सोने से रंगाया गया है ।<br /><blockquote>पशुपति में एक भारतीय मूल पुजारी होता है । बाँकी उसके सहायक नेपाली होते हैं ।<br />उनको भण्डारी कहा जाता है । पशुपति में बहुत चन्दा इकट्ठा होता है । मगर उसका कोइ<br />हिसाब नहीं होता है । सब के सब पुजारी व भण्डारी लोग खा जाते है ।</blockquote>दिखाने के लिए वैसे कुछ हिसाब दिखाइ जाती है । मगर उसपे कोइ विश्वास नहीं करते । हाल ही के दिनो में पशुपति में हो रही भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा है । मगर राजा ने शासन अपनी हातों मे लेते हुए सीधे नेता लोगों के उपर भ्रष्टाचारकी कारबाही आगे बढाया है । उसकारण ये मामला ठोडा ठण्डा पडा हुआ है ।<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111592401428580633?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com1tag:blogger.com,1999:blog-12849828.post-1115921994963204452005-05-13T00:03:00.000+05:452005-05-14T00:52:55.653+05:45मैं आया…..आपके लिएहिन्दी में बहुत सारे चिट्ठे देख लिए । सो सोचा क्युँ न मैं भी ट्राइ मार लुँ । वैसे माफ करेँ, हिन्दी मुझे उतनी आती नहीँ । मैं काठमाण्डु नेपाल से हुँ । नेपाल के लोग थोडे बहुत हिन्दी जान लेते हैं । मैं भी उन्हीं में से हुँ । सो व्याकरण कि कोइ गल्ती हो जाए तो मुझे सुधारिएगा ।<br />हिन्दी कि पहुँच बडा है । इसलिए मैं हिन्दी में भी ब्लग कर रहा हुँ । वैसे मैं <a href="http://merosansar.blogsome.com"><strong>नेपाली में</strong> </a>नियमित रुप से ब्लग कर रहा हुँ । <a href="http://uncensorednepal.blogspot.com">अंग्रेजी में भी</a> ब्लग कर रहा हुँ पर नियमित नहीं हो पा रहा । एक अ‍ौर भाषा नेपालभाषा जिसे नेवारी भाषा भी कहा जाता है, उसमें भी ब्लग करने कि सोच रहा हुँ । हिन्दी चिट्ठा मूलतः नेपाल के विषय में ही होगा । एक नेपालीकी नजरिया से विश्वको देखने के लिए मेरा चिट्ठा उपयोगी होगा ।<br />उद्‍घाटन भाषण तो कर दिया लेकिन पता नहीं पाठक है कि नहीं । इससे भी महत्त्व कि बात तो नियमितता कि होगी । महिने में दो चार चिट्ठे तो कर ही लुँगा, यही सोचा है । देखेँ आप लोगों से कितनी सहायता मिलेगी मुझे । मुझे हिन्दी सिखना है, आप सिखाअ‍ोगे ना ?<div class="blogger-post-footer"><img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/12849828-111592199496320445?l=merasansar.blogspot.com'/></div>salokyahttp://www.blogger.com/profile/07209206071874678866noreply@blogger.com4